- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष...
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से राजा वडिंग का इस्तीफा, राहुल गांधी से मुलाकात कर सौंपा पत्र

नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संगठनात्मक बदलाव सामने आया है। कांग्रेस नेता और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। शुक्रवार को नई दिल्ली में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और अपना इस्तीफा उन्हें सौंपा। वडिंग करीब साढ़े चार साल तक पंजाब कांग्रेस की कमान संभाल चुके हैं।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद वडिंग ने अपने इस्तीफे की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान पंजाब की मौजूदा स्थिति, राज्य सरकार के कामकाज और कांग्रेस संगठन के सामने मौजूद चुनौतियों पर बातचीत हुई। वडिंग के मुताबिक, उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के अनुभव और पंजाब में पार्टी को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर भी राहुल गांधी से चर्चा की।
राजा वडिंग अप्रैल 2022 में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष बनाए गए थे। करीब साढ़े चार साल तक इस जिम्मेदारी को संभालने के बाद अब उन्होंने पद छोड़ दिया है। उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। कांग्रेस के लिए राज्य संगठन में नेतृत्व परिवर्तन इसलिए भी अहम है क्योंकि पार्टी चुनाव से पहले अपनी अंदरूनी रणनीति और संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से व्यवस्थित करने में जुटी है।
वडिंग के इस्तीफे से पहले पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से आंतरिक मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। खास तौर पर पार्टी के अलग-अलग नेताओं और गुटों के बीच संगठन की रणनीति और नेतृत्व को लेकर असहमति चर्चा में रही। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और वडिंग से जुड़े खेमों के बीच मतभेद की रिपोर्टें भी सामने आई थीं। जुलाई में चन्नी से जुड़े कुछ नेताओं की ओर से प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की मांग की खबरें आई थीं।
इस बीच कांग्रेस नेतृत्व ने पंजाब के लिए अपने प्रभारी में भी बदलाव किया। पार्टी ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का AICC प्रभारी बनाया। पायलट ने जिम्मेदारी संभालने के बाद पंजाब कांग्रेस के विभिन्न नेताओं और सांसदों से बातचीत की। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने प्रदेश संगठन की स्थिति और आंतरिक मतभेदों को लेकर पार्टी नेतृत्व को फीडबैक दिया था।
वडिंग ने पद छोड़ने के बाद सचिन पायलट की भूमिका को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने संकेत दिया कि नेतृत्व परिवर्तन के पीछे पायलट की राय हो सकती है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास इसे लेकर कोई ठोस प्रमाण नहीं है। वडिंग के मुताबिक, सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद उनकी उनसे केवल शुरुआती औपचारिक मुलाकात हुई थी।
वडिंग ने यह भी कहा कि उनसे सीधे तौर पर इस्तीफा नहीं मांगा गया था। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया है और लंबे कार्यकाल के बाद अब कुछ समय आराम करना चाहते हैं। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने प्रोफाइल में खुद को ‘पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष’ लिख दिया था, जिसके बाद उनके पद छोड़ने की चर्चा तेज हो गई थी।
पंजाब में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग नेताओं और गुटों के बीच तालमेल स्थापित करने की है। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी संगठन में एकजुटता को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। ऐसे समय में प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बदलाव को कांग्रेस की चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि नए अध्यक्ष के चयन पर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को करना है।
राजा वडिंग का प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल पंजाब कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद उस समय प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी संभाली थी, जब कांग्रेस राज्य की सत्ता से बाहर हो चुकी थी। इसके बाद पार्टी को संगठनात्मक स्तर पर मजबूत करने और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर सरकार को घेरने की जिम्मेदारी उनके नेतृत्व वाली प्रदेश इकाई के सामने रही।
वडिंग वर्तमान में लुधियाना से लोकसभा सांसद हैं। प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ने के बाद भी वह कांग्रेस के सांसद और वरिष्ठ प्रदेश नेताओं में शामिल रहेंगे। उन्होंने राहुल गांधी के साथ हुई बैठक में अपने साढ़े चार साल के अनुभव और पंजाब में कांग्रेस के सामने मौजूद चुनौतियों को साझा करने की बात कही है।
अब सबसे अधिक नजर इस बात पर है कि पंजाब कांग्रेस की अगली कमान किसे सौंपी जाएगी। मीडिया रिपोर्टों में कई नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के तौर पर सामने आए हैं, लेकिन कांग्रेस की ओर से नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा होने तक इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होगी।
राजा वडिंग का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब कांग्रेस अपने संगठन को चुनावी मोड में लाने की तैयारी कर रही है। प्रदेश प्रभारी बदलने के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष का पद भी खाली होने से पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव तय है। आने वाले दिनों में नए अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ यह साफ होगा कि कांग्रेस पंजाब में किस नेतृत्व संरचना के साथ 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी आगे बढ़ाती है।





