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ड्रग्स क्वीन पार्वती के ठिकाने पर छापा, 56.69 लाख नकद और सोना बरामद

Kavita2
30 Sept 2026 9:25 AM IST
ड्रग्स क्वीन पार्वती के ठिकाने पर छापा, 56.69 लाख नकद और सोना बरामद
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नई दिल्ली। ड्रग्स तस्करी के मामले में गिरफ्तार गिरोह की सरगना पार्वती उर्फ ‘ड्रग्स क्वीन’ के बवाना जेजे कॉलोनी स्थित ठिकाने पर आउटर नार्थ एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड (एएनएस) ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 56.69 लाख रुपये नकद, 355 ग्राम सोना, 161 ग्राम चांदी और चार फ्लैट एवं भूखंड से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। भारी मात्रा में नकदी और संपत्ति के कागजात मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

पुलिस के अनुसार पार्वती ड्रग्स तस्करी से जुड़े गिरोह की सरगना है। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस लगातार उसके नेटवर्क और उससे जुड़े ठिकानों की जानकारी जुटा रही थी। इसी क्रम में आउटर नार्थ एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड की टीम ने बवाना जेजे कॉलोनी स्थित उसके ठिकाने पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान नकदी, सोना, चांदी और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज मिलने से पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।

छापेमारी के दौरान बरामद 56.69 लाख रुपये नकद को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। इसके अलावा 355 ग्राम सोना और 161 ग्राम चांदी भी बरामद की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नकदी और कीमती धातुओं का स्रोत क्या है और क्या इनका संबंध ड्रग्स तस्करी से कमाई गई रकम से है।

पुलिस को तलाशी के दौरान चार फ्लैट और भूखंड से जुड़े कागजात भी मिले हैं। इन दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन संपत्तियों का मालिक कौन है, इन्हें कब और किसके नाम से खरीदा गया और इनकी खरीद में किस स्रोत से रकम का इस्तेमाल किया गया। दस्तावेजों की जांच के बाद संपत्तियों की वास्तविक स्थिति साफ होने की उम्मीद है।

पार्वती की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का मुख्य फोकस उसके पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और ड्रग्स की सप्लाई किस तरह की जाती थी। इसके अलावा गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और तस्करी से होने वाली कमाई के इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है।

एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड की कार्रवाई से संकेत मिलता है कि पुलिस केवल ड्रग्स की बरामदगी तक मामले को सीमित नहीं रख रही है, बल्कि तस्करी से कथित तौर पर अर्जित संपत्तियों और नकदी का भी पता लगाया जा रहा है। बरामद दस्तावेजों के आधार पर आगे अन्य ठिकानों और संपत्तियों की जांच भी की जा सकती है।

बवाना जेजे कॉलोनी में हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने ठिकाने की गहन तलाशी ली। नकदी और आभूषणों के साथ बड़ी संख्या में दस्तावेज मिलने के बाद उन्हें जांच के लिए सुरक्षित किया गया है। पुलिस इन दस्तावेजों को आपस में जोड़कर वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि पार्वती के नाम या उसके परिवार तथा परिचितों के नाम पर और कितनी संपत्तियां हो सकती हैं। पुलिस को आशंका है कि ड्रग्स तस्करी के जरिए हुई कमाई को अलग-अलग संपत्तियों में लगाया गया हो सकता है। हालांकि इन सभी बिंदुओं की पुष्टि दस्तावेजों और जांच के बाद ही हो सकेगी।

पार्वती को ‘ड्रग्स क्वीन’ के नाम से जाना जा रहा है और उस पर ड्रग्स तस्करी के गिरोह का संचालन करने का आरोप है। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच से गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। पुलिस उसके पुराने संपर्कों और लेन-देन से जुड़े लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।

आउटर नार्थ एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड की इस छापेमारी को ड्रग्स नेटवर्क के आर्थिक ढांचे पर कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। तस्करी के मामलों में अक्सर कमाई गई रकम को नकद रखने या संपत्तियों में निवेश करने की आशंका रहती है। इसी वजह से पुलिस अब बरामद नकदी और संपत्ति के दस्तावेजों की वित्तीय जांच पर भी ध्यान दे रही है।

बरामद चार फ्लैट और भूखंड से संबंधित दस्तावेज जांच में अहम साबित हो सकते हैं। पुलिस इन संपत्तियों के पंजीकरण, खरीद-बिक्री और भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल कर सकती है। यदि इनका संबंध ड्रग्स तस्करी से अर्जित रकम से पाया जाता है तो मामले में आगे और कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस यह भी जांच रही है कि गिरोह में पार्वती की वास्तविक भूमिका क्या थी और वह किस स्तर पर ड्रग्स की खरीद, सप्लाई और पैसों के लेन-देन को नियंत्रित करती थी। उसके साथ जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया भी जारी है।

फिलहाल पार्वती के बवाना जेजे कॉलोनी स्थित ठिकाने से 56.69 लाख रुपये नकद, 355 ग्राम सोना, 161 ग्राम चांदी और चार फ्लैट एवं भूखंड के दस्तावेज मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस अब बरामद सामान और कागजात की विस्तृत जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद गिरोह के नेटवर्क, संपत्तियों और ड्रग्स तस्करी से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को लेकर और खुलासे होने की संभावना है।

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