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सुप्रीम कोर्ट मार्च के बाद राहुल गांधी का बड़ा बयान

nidhi
13 Oct 2026 7:34 AM IST
सुप्रीम कोर्ट मार्च के बाद राहुल गांधी का बड़ा बयान
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1. संविधान के लिए जारी रहेगी लड़ाई
नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए विपक्षी गठबंधन के मार्च के बाद केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल नेताओं, कार्यकर्ताओं और नागरिक संगठनों का आभार जताते हुए कहा कि देश की जनता को डराकर या धमकाकर चुप नहीं कराया जा सकता। राहुल गांधी ने कहा कि यह प्रदर्शन सरकार को संदेश देने के लिए था कि विपक्ष किसी भी दबाव के सामने पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखने की बात कही।
सोमवार, 12 अक्टूबर को दिल्ली में इंडिया गठबंधन के नेताओं और समर्थकों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के विरोध में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के अलावा विपक्षी गठबंधन के विभिन्न दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। मार्च के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल लोगों को धन्यवाद दिया और कहा कि बड़ी संख्या में नागरिकों ने आंदोलन का समर्थन किया।
राहुल गांधी ने कहा कि वह उन सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। उन्होंने दोपहर तीन बजे अपने-अपने तरीके से समर्थन जताने वाले लोगों को भी धन्यवाद दिया। कांग्रेस नेता ने इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि 12 अक्टूबर का दिन महत्वपूर्ण था, क्योंकि प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को यह दिखाना जरूरी था कि भारत के लोग डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि विपक्ष मारपीट, धमकी और दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
प्रधानमंत्री और RSS पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की आलोचना भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए ताकत का इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने सप्ताहांत में प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि उन घटनाओं में शामिल लोग सोमवार के मार्च के दौरान कहां थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और उसके समर्थक विरोध करने वालों को डराने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं और संबंधित घटनाओं की स्वतंत्र जांच के बिना इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
एसआईआर के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
इंडिया गठबंधन का यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर आयोजित किया गया था। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे उनके मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और उन्हें पद से हटाने की मांग की है। सत्तारूढ़ भाजपा ने विपक्ष के आरोपों का विरोध किया है। भाजपा का कहना है कि विपक्ष चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित याचिका भी दाखिल की। इसमें मतदाता सूची से हटाए गए नामों की समीक्षा और पुनरीक्षण प्रक्रिया पर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के सीमित प्रतिनिधिमंडल को अदालत परिसर में याचिका दाखिल करने की अनुमति दी थी। इस मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
संविधान की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों को अलग आंदोलन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के उद्देश्य से सभी लोग एक साथ खड़े हैं। उन्होंने नागरिक संगठनों के समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि इस आंदोलन में शामिल लोगों ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। राहुल गांधी ने दोहराया कि विपक्ष अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने प्रदर्शन में सड़कों पर उतरे लोगों पर गर्व जताया और उनके समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। दिल्ली में हुए इस मार्च के बाद मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब विपक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की आगामी कार्यवाही और संबंधित संवैधानिक संस्थाओं का रुख महत्वपूर्ण होगा।
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