दिल्ली-एनसीआर

राहुल गांधी का पुलिस से टकराव DCP के सामने रखी अपनी बात

Ratna Netam
21 Aug 2026 6:39 PM IST
राहुल गांधी का पुलिस से टकराव DCP के सामने रखी अपनी बात
x
दिल्ली : कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष **राहुल गांधी** का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह दिल्ली पुलिस के डीसीपी सचिन शर्मा से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। मामला एक छात्र के कथित तौर पर पैलेट गन से घायल होने से जुड़ा है। राहुल गांधी घायल युवक के साथ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर पुलिस अधिकारी के कार्यालय पहुंचे थे।
वीडियो में राहुल गांधी पुलिस अधिकारी से कहते नजर आ रहे हैं कि अगर शिकायत दर्ज नहीं की गई तो वह वहीं धरने पर बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह कुछ दिन नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर 10 दिन, 20 दिन, 50 दिन या छह महीने तक भी बैठ सकते हैं। राहुल गांधी का कहना था कि पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए और मामले में कार्रवाई होनी चाहिए।
पैलेट गन से घायल छात्र की FIR को लेकर विवाद
यह पूरा मामला एक छात्र साहिल लोचब से जुड़ा बताया जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि कनॉट प्लेस इलाके में प्रदर्शन के दौरान छात्र पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिससे वह घायल हुआ। पार्टी का दावा है कि छात्र की आंख में चोट आई और उसके शरीर में छर्रे लगे हैं।
राहुल गांधी ने पुलिस से मांग की कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की जाए। उनका कहना था कि अगर पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया है, तब भी घटना की जांच होनी चाहिए और दोषियों की पहचान होनी चाहिए।
DCP सचिन शर्मा से हुई बहस
राहुल गांधी जब पुलिस अधिकारी के पास पहुंचे तो एफआईआर दर्ज करने को लेकर बातचीत हुई। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस जैसी स्थिति दिखाई दी। वीडियो में राहुल गांधी अपनी मांग पर अड़े नजर आए और उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज होने तक वह वहां से नहीं हटेंगे।
राहुल गांधी ने पुलिस अधिकारी से कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि न्याय और कानून व्यवस्था का सवाल है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
पुलिस का क्या कहना है?
पुलिस की ओर से मामले की जांच की बात कही गई है। शुरुआती विवाद एफआईआर दर्ज करने और घटना की जिम्मेदारी तय करने को लेकर रहा। बाद में इस मामले में पुलिस कार्रवाई आगे बढ़ने की जानकारी सामने आई।
दिल्ली पुलिस का पक्ष है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से जताई एकजुटता
धरने के दौरान राहुल गांधी के साथ घायल छात्र और उसके परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। राहुल गांधी ने कहा कि उनकी मांग केवल एफआईआर दर्ज करने की है ताकि मामले की जांच हो सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि देश में आम लोगों के साथ होने वाली घटनाओं में शिकायत दर्ज होना पहला कदम है और किसी भी पीड़ित को न्याय पाने का अधिकार है।
राजनीतिक रूप से गरमाया मामला
इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे पुलिस कार्रवाई और नागरिक अधिकारों का मुद्दा बताया है, जबकि विपक्षी दलों और सरकार समर्थक नेताओं की ओर से मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
राहुल गांधी का पुलिस अधिकारी के सामने धरने पर बैठने का ऐलान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो के वायरल होने के बाद लोग इसे लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
अब जांच पर टिकी नजर
फिलहाल पूरे मामले में सबसे ज्यादा नजर जांच प्रक्रिया पर है। यह जांच के बाद ही साफ होगा कि घटना के दौरान क्या हुआ था, पैलेट गन का इस्तेमाल किसने किया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
राहुल गांधी के इस रुख ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। वहीं, पुलिस और प्रशासन के सामने निष्पक्ष जांच कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की चुनौती है।
Next Story