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राहुल गांधी की शर्त, जकरबर्ग की माफी; PM मोदी के समर्थन में आया बड़ा बयान

Ratna Netam
5 Aug 2026 7:24 PM IST
राहुल गांधी की शर्त, जकरबर्ग की माफी; PM मोदी के समर्थन में आया बड़ा बयान
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नई दिल्ली : देश की राजनीति, संसद, टेक्नोलॉजी, राज्यों की सियासत और मनोरंजन जगत में बुधवार का दिन कई बड़ी घटनाओं के नाम रहा। संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच केंद्र सरकार अब विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में जुट गई है, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सदन चलाने को लेकर नई शर्त रख दी है। दूसरी ओर मेटा के प्रमुख मार्क जकरबर्ग की सार्वजनिक माफी, झारखंड के छात्र आंदोलन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान, बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के राजनीतिक नतीजों पर उठे सवाल और अभिनेता आर. माधवन की प्रतिक्रिया भी पूरे दिन चर्चा में रही। आइए जानते हैं दिनभर की छह प्रमुख खबरें।
संसद का मानसून सत्र लगातार विपक्ष और सरकार के बीच टकराव की वजह से प्रभावित हो रहा है। इसी बीच केंद्र सरकार परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण विधेयक जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों को आगे बढ़ाने के लिए 16 से 18 अगस्त के बीच विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर रही है। सरकार विपक्षी दलों से संवाद स्थापित कर सहमति बनाने की कोशिश कर रही है। इसी सिलसिले में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से लंबी बैठक भी की। सरकार चाहती है कि संसद में गतिरोध समाप्त हो और महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा हो सके, लेकिन विपक्ष फिलहाल अपने रुख पर कायम दिखाई दे रहा है।
राहुल गांधी ने सरकार के इस आग्रह को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जब तक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर बयान नहीं देते, तब तक विपक्ष सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से चलने नहीं देगा। कांग्रेस का कहना है कि सरकार पहले इन मुद्दों पर जवाबदेही तय करे, उसके बाद ही अन्य विधायी कार्यों पर चर्चा आगे बढ़ सकती है। इस रुख के चलते संसद में गतिरोध समाप्त होने की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है।
तकनीकी जगत में भी बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। सोशल मीडिया कंपनी मेटा के प्रमुख मार्क जकरबर्ग ने अपने प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक सामग्री और डीपफेक वीडियो से जुड़े मामलों पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया। उन्होंने स्वीकार किया कि कंटेंट मॉडरेशन प्रणाली में कुछ कमियां रही हैं और भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा। हाल के दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आपत्तिजनक सामग्री को लेकर सरकार और मेटा के बीच बढ़ते विवाद के बाद यह माफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कंपनी ने भरोसा दिलाया कि उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने माना कि पेपर लीक केवल झारखंड की नहीं बल्कि पूरे देश की गंभीर समस्या है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल जांच तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान भी तैयार करेगी। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे संवाद का रास्ता अपनाएं और सरकार के समक्ष अपने सुझाव रखें।
बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने भी राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। भारतीय जनता पार्टी की हार के बाद एनडीए के भीतर भी सवाल उठने लगे हैं। जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का बढ़ता अहंकार उसकी हार का कारण बना। उनका कहना था कि जनता ने विकास और गठबंधन की भावना को ध्यान में रखकर मतदान किया है तथा राजनीतिक नेतृत्व को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उपचुनाव के परिणामों के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मनोरंजन जगत में अभिनेता आर. माधवन भी पूरे दिन चर्चा में रहे। सोशल मीडिया पर उन्हें 'संघी' कहकर ट्रोल किए जाने और उनकी फिल्म को राजनीतिक एजेंडा बताने वाले आरोपों पर उन्होंने खुलकर प्रतिक्रिया दी। माधवन ने कहा कि किसी भी सरकार के अच्छे कार्यों की सराहना करना गलत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नफरत फैलाने का प्रयास नहीं किया। अभिनेता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता द्वारा चुनी गई सरकार का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचना से उनके विचार प्रभावित नहीं होंगे।
इन सभी घटनाओं ने बुधवार की राष्ट्रीय सुर्खियों में अपनी प्रमुख जगह बनाई। संसद के विशेष सत्र की संभावनाएं, विपक्ष का सख्त रुख, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही, राज्यों की राजनीति और मनोरंजन जगत से जुड़े बयान आने वाले दिनों में भी देश की राजनीति और जनचर्चा का महत्वपूर्ण हिस्सा बने रह सकते हैं।
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