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नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल पर किए गए कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने इस घटना को छुआछूत बताते हुए कहा कि यह संविधान की भावना के खिलाफ है।
राहुल गांधी ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संबोधन वाले स्थान पर शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित करना दलितों के सम्मान पर हमला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की।
खड़गे के कार्यक्रम स्थल पर शुद्धिकरण का आरोप
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसी महीने की शुरुआत में हल्द्वानी में एक रैली को संबोधित किया था। राहुल गांधी का आरोप है कि उनके कार्यक्रम के बाद उसी स्थान पर कुछ लोगों ने कथित रूप से शुद्धिकरण किया।
राहुल गांधी ने कहा कि किसी व्यक्ति के कार्यक्रम या उपस्थिति के बाद इस तरह की प्रक्रिया करना सामाजिक भेदभाव को दर्शाता है। उन्होंने इसे संविधान में दिए गए समानता और सम्मान के अधिकार के खिलाफ बताया।
उन्होंने कहा कि देश का संविधान हर नागरिक को बराबरी का अधिकार देता है और किसी के साथ जाति के आधार पर भेदभाव की अनुमति नहीं देता।
राहुल गांधी ने BJP और RSS पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस दलितों को आगे बढ़ने और सम्मान के साथ जीवन जीने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दलित समाज के लोगों ने लंबे संघर्ष के बाद अपने अधिकार हासिल किए हैं, लेकिन कुछ ताकतें आज भी सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देने का काम कर रही हैं।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में हुआ कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम इसी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं बल्कि पूरे दलित समाज के सम्मान से जुड़ा मुद्दा है।
प्रधानमंत्री से कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को न्याय दिलाएं। राहुल गांधी ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने मांग की कि मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
कांग्रेस ने बताया संविधान और सम्मान का मुद्दा
कांग्रेस पार्टी ने भी इस मामले को लेकर बीजेपी पर हमला बोला है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह घटना केवल राजनीतिक विवाद नहीं है, बल्कि संविधान और सामाजिक समानता से जुड़ा गंभीर विषय है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश में किसी भी व्यक्ति के साथ जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है।
BJP की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार
राहुल गांधी के आरोपों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, इस मामले पर बीजेपी और आरएसएस की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकता है, क्योंकि जाति और सामाजिक समानता से जुड़े मुद्दे देश की राजनीति में हमेशा अहम रहे हैं।
संविधान का हवाला देकर राहुल गांधी ने उठाया मुद्दा
राहुल गांधी ने अपने बयान में बार-बार संविधान और समानता के अधिकार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को सम्मान और बराबरी की गारंटी देता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पहचान के आधार पर उसके साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ हुआ कथित व्यवहार पूरे देश के सामने एक सवाल खड़ा करता है कि क्या आज भी समाज में छुआछूत जैसी सोच मौजूद है।
मामले पर आगे की नजर
फिलहाल हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। कांग्रेस इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा से जोड़ रही है, जबकि आगे यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कोई जांच या कार्रवाई करता है या नहीं।
राहुल गांधी की मांग के बाद अब सभी की नजर राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों के अगले कदम पर है।





