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मानहानि मामले में बरी होने के बाद राहुल गांधी ने कानूनी टीम से की मुलाकात

Ratna Netam
26 Oct 2026 4:59 PM IST
मानहानि मामले में बरी होने के बाद राहुल गांधी ने कानूनी टीम से की मुलाकात
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सुल्तानपुर। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मानहानि के एक पुराने मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में राहुल गांधी को बरी कर दिया। फैसले के बाद राहुल गांधी ने अपनी कानूनी टीम से मुलाकात की और मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं पर चर्चा की।यह मामला वर्ष 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी की ओर से तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बारे में की गई टिप्पणी से संबंधित था। इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई थी। करीब आठ साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया।
अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़ा था मामला
मामले के अनुसार, राहुल गांधी ने वर्ष 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान बेंगलुरु में एक कार्यक्रम में अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी। उस समय अमित शाह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे।भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी की टिप्पणी से अमित शाह की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इसके बाद मामला अदालत में पहुंचा और कानूनी कार्यवाही शुरू हुई।
अदालत ने सुनाया बरी करने का फैसला
सोमवार को फैसले के समय राहुल गांधी स्वयं अदालत में मौजूद थे। विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने उन्हें मामले में बरी कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने टिप्पणी को मानहानिकारक नहीं माना। राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने भी फैसले की पुष्टि की।वकील के मुताबिक, शिकायतकर्ता विजय मिश्रा को इस मामले में पीड़ित पक्ष के रूप में शिकायत करने का अधिकार नहीं था। उन्होंने कहा कि कानूनी टीम ने फैसले का स्वागत किया है।
कानूनी टीम के साथ आगे की स्थिति पर चर्चा
बरी होने के बाद राहुल गांधी की कानूनी टीम के साथ मुलाकात को मामले के कानूनी घटनाक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस तरह की मुलाकातों में अदालत के आदेश, फैसले के आधार और आगे की संभावित कानूनी प्रक्रिया पर चर्चा की जाती है।हालांकि, इस मुलाकात में किन मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई, इसका अलग से आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है। अदालत का फैसला इस विशेष मानहानि मामले से संबंधित है और इसे राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे किसी अन्य मामले के निर्णय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
आठ साल पुरानी शिकायत का कानूनी घटनाक्रम
इस मामले में राहुल गांधी को नवंबर 2023 में अदालत में पेश होने के लिए तलब किया गया था। इसके बाद फरवरी 2024 में वह अदालत में पेश हुए और उन्हें जमानत मिल गई। मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं और अंतिम फैसले के लिए 26 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई थी।फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने खुशी जताई। कांग्रेस नेताओं ने इसे पार्टी के लिए राहत देने वाला घटनाक्रम बताया। वहीं, शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से फैसले को चुनौती देने की संभावना पर भी चर्चा हुई है।
राजनीतिक हलकों में फैसले की चर्चा
राहुल गांधी को राहत मिलने के बाद राजनीतिक हलकों में इस मामले पर चर्चा शुरू हो गई है। कांग्रेस और भाजपा के बीच पहले से जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अदालत का यह फैसला महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।फिलहाल, इस मामले में राहुल गांधी को बरी किए जाने की पुष्टि हो चुकी है। कानूनी टीम के साथ उनकी मुलाकात के विस्तृत विवरण और शिकायतकर्ता पक्ष की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
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