- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- राहुल गांधी चार दिन के...
राहुल गांधी चार दिन के वियतनाम दौरे पर रवाना, INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शनों पर फिलहाल ब्रेक

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी चार दिन के निजी दौरे पर वियतनाम रवाना हो गए हैं। उनका यह विदेश दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब देश की राजधानी दिल्ली में विपक्षी INDIA गठबंधन ने अपने विरोध प्रदर्शनों को फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया है। त्योहारों के सप्ताह को देखते हुए विपक्षी दलों ने नियमित धरना-प्रदर्शन और मार्च के कार्यक्रमों में अस्थायी विराम लगाया है। पिछले करीब दो सप्ताह से राहुल गांधी दिल्ली में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख चेहरा बने हुए थे। इस दौरान उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर लगातार निशाना साधा था।
राहुल गांधी के विदेश दौरे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने उनके वियतनाम दौरे पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा है। हालांकि, विपक्षी गठबंधन के प्रदर्शनों में आया यह विराम त्योहारों और राजनीतिक कार्यक्रमों के मद्देनजर अस्थायी बताया जा रहा है।
चार दिन के निजी दौरे पर गए राहुल गांधी
जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी कुछ दिनों के निजी प्रवास के लिए वियतनाम गए हैं। उनका यह दौरा करीब चार दिनों का बताया जा रहा है। इस यात्रा को लेकर किसी आधिकारिक राजनीतिक बैठक या विशेष कार्यक्रम की पुष्टि नहीं हुई है।
राहुल गांधी की विदेश यात्रा ऐसे समय में हुई है, जब राष्ट्रीय राजधानी में विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर विरोध जता रहे हैं।
पिछले कई दिनों से कांग्रेस सहित INDIA गठबंधन के विभिन्न दलों ने दिल्ली में धरना-प्रदर्शन, मार्च और राजनीतिक बैठकों के माध्यम से अपनी मांगों को उठाया है। राहुल गांधी ने इन प्रदर्शनों में सक्रिय भागीदारी की और विपक्षी दलों को एकजुट करने का प्रयास किया।
वोट चोरी के आरोपों को लेकर लगातार प्रदर्शन
राहुल गांधी और विपक्षी दल पिछले कुछ समय से चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं, जिनसे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग की है।
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग ने चुनावी अनियमितताओं के आरोपों को खारिज किया है। ऐसे में इस मुद्दे को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव बना हुआ है।
INDIA गठबंधन ने विरोध प्रदर्शनों पर लगाया अस्थायी विराम
राष्ट्रीय राजधानी में लगातार चल रहे विरोध प्रदर्शनों को फिलहाल रोकने का फैसला विपक्षी INDIA गठबंधन की बैठक में लिया गया था।
जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी के नेतृत्व में हुई बैठक में विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की।
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि त्योहारों के दौरान प्रतिदिन बड़े स्तर पर संयुक्त प्रदर्शन आयोजित करना व्यावहारिक रूप से कठिन हो सकता है। इसके चलते नियमित मार्च की जगह जरूरत के अनुसार विरोध कार्यक्रम आयोजित करने पर विचार किया गया।
विपक्षी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शनों में अस्थायी विराम का मतलब चुनावी मुद्दों पर अपना विरोध समाप्त करना नहीं है। गठबंधन भविष्य में भी इन मुद्दों को उठाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है विवाद
चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों ने सड़कों पर विरोध करने के साथ न्यायिक रास्ता भी अपनाया है।
12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में एक बड़ा मार्च आयोजित किया था। इस दौरान INDIA गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
राहुल गांधी का कहना रहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा होना जरूरी है। कांग्रेस और सहयोगी दल लगातार यह मुद्दा उठा रहे हैं कि मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रियाओं में निष्पक्षता बनी रहनी चाहिए।
भाजपा ने वियतनाम दौरे को लेकर साधा निशाना
राहुल गांधी के वियतनाम दौरे की खबर सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन पर राजनीतिक हमला बोला है। भाजपा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए उनके विदेश जाने पर तंज कसा।
भाजपा की ओर से साझा किए गए वीडियो में विमान की बिजनेस क्लास में बैठे एक व्यक्ति को राहुल गांधी बताया गया है। हालांकि, स्वतंत्र रूप से इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति राहुल गांधी ही हैं या वीडियो वियतनाम यात्रा के दौरान रिकॉर्ड किया गया था।
भाजपा ने कांग्रेस नेता के विदेश दौरे को विपक्षी प्रदर्शनों से जोड़ते हुए उन पर सवाल उठाए हैं। इस घटनाक्रम के बाद राहुल गांधी की निजी यात्रा भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है।
त्योहारों के बाद फिर तेज हो सकती हैं राजनीतिक गतिविधियां
दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रदर्शनों पर लगा विराम स्थायी नहीं माना जा रहा है। INDIA गठबंधन आगामी कार्यक्रमों और राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार आंदोलन की अगली रूपरेखा तय कर सकता है।
विपक्षी दलों के बीच दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में भी विरोध कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर चर्चा हुई है। गठबंधन के विभिन्न नेताओं ने इस बात पर जोर दिया है कि चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच लगातार उठाया जाना चाहिए।
कांग्रेस का एक नवंबर को दिल्ली में रैली आयोजित करने का कार्यक्रम भी सामने आया है। इससे संकेत मिलता है कि त्योहारों के बाद विपक्षी राजनीतिक गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं।
राहुल गांधी की वापसी के बाद अगली रणनीति पर नजर
राहुल गांधी के चार दिवसीय वियतनाम दौरे के बाद विपक्षी गठबंधन की अगली राजनीतिक रणनीति पर सभी की नजरें रहेंगी। पिछले दिनों दिल्ली में हुए प्रदर्शनों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के सामने अब चुनौती इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाने और गठबंधन की एकजुटता बनाए रखने की होगी।
फिलहाल राहुल गांधी के विदेश दौरे और INDIA गठबंधन के प्रदर्शनों में आए अस्थायी विराम ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि विपक्ष चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे पर अपने आंदोलन को किस तरह आगे बढ़ाता है।





