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राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा हमला लगाए गंभीर आरोप
Ratna Netam
10 Oct 2026 9:39 PM IST

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नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री पर भारतीय लोकतंत्र और देश के युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने बयान में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का भी नाम लिया।
राहुल गांधी ने कहा कि इन सभी को न्याय के दायरे में लाया जाएगा। उनका यह बयान देश में लोकतंत्र, चुनावी प्रक्रिया और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर चल रही बहस के बीच सामने आया है। हालांकि, कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक दावे हैं। उपलब्ध बयान में इन आरोपों के समर्थन में किसी विशिष्ट जांच रिपोर्ट, न्यायिक निष्कर्ष या प्रमाण का विवरण नहीं दिया गया है।राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा कि वह पिछले एक दशक से अधिक समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस की राजनीति का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वह अपने राजनीतिक विरोधियों की कार्यशैली को अच्छी तरह समझते हैं। कांग्रेस नेता ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि वह मौजूदा राजनीतिक संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।
मोदी, शाह और मोहन भागवत का नाम लेकर निशाना
राहुल गांधी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर सीधे निशाना साधा। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का भी नाम लिया।उन्होंने इन पांचों पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए और जवाबदेही की बात कही। राहुल गांधी ने दावा किया कि इन नेताओं और अधिकारियों के लिए राजनीतिक परिस्थितियां कठिन होती जा रही हैं।कांग्रेस नेता के इन बयानों को उनके राजनीतिक आरोपों और चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। किसी व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई या दोष तय करने का अधिकार संबंधित संवैधानिक और न्यायिक संस्थाओं के पास होता है।
युवाओं के भविष्य को लेकर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर देश के युवाओं के भविष्य को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने संदेश में युवाओं को विशेष रूप से संबोधित किया और उनके विरोध प्रदर्शन के प्रति समर्थन जताया।कांग्रेस नेता ने कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहना चाहिए। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि विपक्ष उनके साथ खड़ा है।राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली में चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं।
दिल्ली में प्रदर्शन के बीच आया बयान
शनिवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल की ओर जाने वाले लोगों को विभिन्न स्थानों पर रोका और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। वहीं, प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की।
संविधान की रक्षा करने का दावा
राहुल गांधी ने अपने संदेश में संविधान की रक्षा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि विपक्ष देश के नागरिकों की आवाज की रक्षा करने के लिए अपना राजनीतिक संघर्ष जारी रखेगा।कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि सरकार चाहे कितनी भी पुलिस तैनात करे या नेताओं और प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करे, उनका विरोध समाप्त नहीं होगा।उन्होंने युवाओं से विरोध जारी रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि वह उनके साथ खड़े हैं।राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्ष के पास अपनी लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक जानकारी मौजूद है। हालांकि, उन्होंने इस बयान में उस जानकारी का विस्तृत सार्वजनिक विवरण नहीं दिया।
एसआईआर को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद
देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष और निर्वाचन आयोग के बीच मतभेद बने हुए हैं।कांग्रेस सहित विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने का खतरा है। विपक्ष ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।दूसरी ओर निर्वाचन आयोग इन आरोपों से इनकार करता रहा है। आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची की जांच और अद्यतन करने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जाती है।इस विवाद में मतदाता सूची की शुद्धता, पात्र नागरिकों के मतदान अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।
चेन्नई में छात्रों के कार्यक्रम में भी उठाया मुद्दा
शनिवार को राहुल गांधी चेन्नई में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।कार्यक्रम में उन्होंने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने वाले युवाओं की आवाज दबाई जा रही है।उन्होंने छात्रों से लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति जागरूक रहने की अपील की।दिल्ली में हुए प्रदर्शन और चेन्नई में दिए गए उनके बयान के बीच युवाओं की राजनीतिक भागीदारी तथा विरोध करने के अधिकार का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
राहुल गांधी इससे पहले भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठा चुके हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने एसआईआर से जुड़े विवाद के बीच उनके इस्तीफे की मांग की है।राहुल गांधी ने शनिवार को एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ज्ञानेश कुमार और मौजूदा सरकार के पद छोड़ने के बाद लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया शुरू होगी।यह कांग्रेस नेता का राजनीतिक बयान है, न कि किसी पदाधिकारी को हटाने के संबंध में लिया गया आधिकारिक निर्णय।
राहुल गांधी के बयान से राजनीतिक बहस तेज
प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, अजीत डोभाल और ज्ञानेश कुमार का नाम लेकर राहुल गांधी द्वारा की गई आलोचना ने राजनीतिक बहस को और बढ़ा दिया है।कांग्रेस नेता ने लोकतंत्र, संविधान और युवाओं के भविष्य को अपने बयान के केंद्र में रखा है। उन्होंने विरोध कर रहे युवाओं का समर्थन करते हुए कहा कि विपक्ष अपना अभियान जारी रखेगा।वहीं, केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ लगाए गए आरोपों की सत्यता का निर्धारण उपलब्ध प्रमाणों तथा संबंधित संस्थागत प्रक्रियाओं के आधार पर ही किया जा सकता है।फिलहाल एसआईआर, चुनाव आयोग की भूमिका और विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
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