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राहुल गांधी का RSS पर बड़ा हमला महिलाओं को लेकर उठाए गंभीर सवाल

Ratna Netam
20 Oct 2026 6:17 PM IST
राहुल गांधी का RSS पर बड़ा हमला महिलाओं को लेकर उठाए गंभीर सवाल
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नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोलते हुए उसकी विचारधारा और महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण पर गंभीर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर RSS को पुरुष प्रधान और संविधान विरोधी संगठन करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ की विचारधारा महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति मानती है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह 'शिव-शक्ति' में विश्वास रखते हैं और इसी विचारधारा के आधार पर RSS के खिलाफ अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगे।
RSS को लेकर राहुल गांधी ने दिया बड़ा बयान
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 20 अक्टूबर 2026 को एक्स पर अपनी पोस्ट में RSS पर लैंगिक असमानता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।उन्होंने संघ को केवल पुरुषों वाला और संविधान विरोधी संगठन बताते हुए कहा कि उसकी विचारधारा महिलाओं के अधिकारों और समानता के सिद्धांतों के खिलाफ है।राहुल गांधी ने दावा किया कि RSS से जुड़े लोगों में भी उनकी विचारधारा को समर्थन देने वाली महिलाएं मौजूद हैं।उनका यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब देश में संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
'मैं शिव-शक्ति में विश्वास करता हूं'
राहुल गांधी ने अपने बयान में 'शिव-शक्ति' का उल्लेख करते हुए इसे अपनी वैचारिक मान्यता से जोड़ा।उन्होंने कहा कि वह शिव-शक्ति में विश्वास करते हैं और इसी कारण RSS की विचारधारा के खिलाफ संघर्ष करने में उन्हें खुशी मिलती है।कांग्रेस नेता ने अपनी पोस्ट में लिखा कि संघ के अपने खेमे की कई महिलाएं भी उनके साथ हैं।हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में किसी महिला का नाम या अन्य विवरण साझा नहीं किया। इसलिए संघ से जुड़ी कितनी महिलाएं उनके विचारों का समर्थन करती हैं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
महिलाओं के अधिकारों को लेकर उठाए सवाल
राहुल गांधी की टिप्पणी का प्रमुख विषय महिलाओं की समानता और समाज में उनकी भूमिका रहा।उन्होंने आरोप लगाया कि RSS की विचारधारा महिलाओं को स्वतंत्र व्यक्तित्व के रूप में स्वीकार करने के बजाय पुरुषों के अधीन मानने की सोच रखती है।भारत का संविधान महिलाओं और पुरुषों को समानता तथा भेदभाव के विरुद्ध अधिकार प्रदान करता है। इसी संवैधानिक व्यवस्था के संदर्भ में राहुल गांधी ने संघ की विचारधारा पर सवाल उठाए हैं।हालांकि, RSS महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति मानता है, यह राहुल गांधी का राजनीतिक आरोप है। इसे संगठन की आधिकारिक घोषित नीति के रूप में स्थापित नहीं किया जा सकता।
RSS और कांग्रेस के बीच पुराना वैचारिक मतभेद
कांग्रेस और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच वैचारिक मतभेद लंबे समय से राजनीतिक चर्चा का विषय रहे हैंराहुल गांधी विभिन्न सार्वजनिक मंचों पर RSS की विचारधारा, सामाजिक दृष्टिकोण और संविधान से जुड़े मुद्दों पर आलोचना करते रहे हैं।वहीं, RSS स्वयं को सांस्कृतिक और सामाजिक संगठन के रूप में प्रस्तुत करता है। उसकी नियमित शाखाओं में पुरुष स्वयंसेवक भाग लेते हैं, जबकि महिलाओं के लिए राष्ट्र सेविका समिति नामक अलग संगठन कार्यरत है।राष्ट्र सेविका समिति और RSS के बीच वैचारिक समानता मानी जाती है, लेकिन दोनों की संगठनात्मक संरचनाएं अलग हैं।ऐसे में राहुल गांधी का ताजा बयान संगठन में महिलाओं की भूमिका और लैंगिक प्रतिनिधित्व को लेकर बहस का विषय बन गया है।
विजयादशमी पर मोहन भागवत ने भी दिया था संबोधन
मंगलवार को RSS प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में विजयादशमी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्रीय एकता, सामाजिक स्थिरता और विरोध-प्रदर्शनों की भूमिका जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।भागवत ने दुनिया के विभिन्न देशों में राजनीतिक अस्थिरता का जिक्र करते हुए कहा कि केवल सत्ता परिवर्तन से समस्याओं का समाधान नहीं होता।उन्होंने सामाजिक आंदोलनों को समाधान केंद्रित रखने और समाज में विभाजन पैदा करने वाली गतिविधियों से बचने की बात कही।
राहुल गांधी के बयान से राजनीतिक बहस तेज
राहुल गांधी की पोस्ट ने RSS की संगठनात्मक संरचना, महिलाओं की भागीदारी और वैचारिक मतभेदों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।कांग्रेस नेता ने अपने बयान के माध्यम से महिलाओं की स्वतंत्रता और समानता को लेकर संघ की सोच पर सवाल उठाए हैं।हालांकि, राहुल गांधी के इस विशेष बयान पर RSS की आधिकारिक प्रतिक्रिया की तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी है।फिलहाल राहुल गांधी का बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। महिलाओं के अधिकारों, संविधान और सामाजिक समानता को लेकर कांग्रेस तथा RSS के बीच वैचारिक मतभेद आगे भी सार्वजनिक बहस का हिस्सा बने रह सकते हैं।
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