- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- लोकसभा में राहुल की...
लोकसभा में राहुल की नाराजगी, बोले- व्यवस्था बनाए रखें अध्यक्ष

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन की कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष ओम बिरला से कहा कि सदन को व्यवस्थित रखना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वह अपनी बात रखने के लिए खड़े होते हैं, सत्ता पक्ष के सदस्य उन्हें बोलने से रोकने के लिए लगातार हस्तक्षेप करते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी पक्षों को अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना चाहिए।
सदन की कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज को भी सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन में व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी अध्यक्ष की है और सभी सदस्यों को नियमों के अनुसार अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बोलने के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्य लगातार टोकाटाकी करते हैं, जिससे चर्चा प्रभावित होती है।
राहुल गांधी ने कहा कि संसद देश की जनता की आवाज उठाने का सबसे बड़ा मंच है। यहां सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना है और इसके लिए उसे पर्याप्त समय और अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि सदन में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे सभी सांसद बिना बाधा अपनी बात रख सकें। राहुल गांधी ने कहा कि अगर सदन में व्यवधान लगातार बना रहेगा तो जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा नहीं हो पाएगी।
सत्ता पक्ष पर लगाया बाधा डालने का आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जैसे ही वह किसी विषय पर बोलना शुरू करते हैं, सत्ता पक्ष के कई सदस्य खड़े होकर उन्हें रोकने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि यह संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि सदन में बहस और संवाद की संस्कृति को मजबूत किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए। विपक्ष के विचारों को सुनना भी उतना ही जरूरी है, जितना सरकार की नीतियों को प्रस्तुत करना। राहुल गांधी ने कहा कि संसद में जनता की समस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए, न कि केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहना चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष से व्यवस्था बनाए रखने की अपील
राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष सदन के संरक्षक होते हैं और सभी सांसदों के अधिकारों की रक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी सदस्य नियमों के खिलाफ जाकर दूसरे सदस्य के बोलने में बाधा न डाले।
उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सांसदों की सामूहिक जिम्मेदारी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को संसदीय मर्यादा का पालन करना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावी ढंग से चल सके।
संसद में अक्सर होता रहा है हंगामा
संसद के दोनों सदनों में विभिन्न मुद्दों को लेकर अक्सर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस और हंगामा देखने को मिलता रहा है। विपक्ष कई बार आरोप लगाता रहा है कि उसे महत्वपूर्ण विषयों पर पर्याप्त समय नहीं दिया जाता, जबकि सत्ता पक्ष का कहना रहता है कि विपक्ष को सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करना चाहिए।
लोकसभा की कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष ओम बिरला कई बार सभी सांसदों से सदन की मर्यादा बनाए रखने और व्यवस्थित तरीके से चर्चा करने की अपील कर चुके हैं। अध्यक्ष की ओर से सदस्यों को नियमों का पालन करने और एक-दूसरे की बात सुनने का आग्रह किया जाता रहा है।
विपक्ष की भूमिका पर राहुल गांधी का जोर
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उसकी जिम्मेदारी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना और जनता के मुद्दों को सामने रखना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को बोलने से रोकना लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि संसद में मजबूत बहस से ही बेहतर फैसले लिए जा सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि सभी सांसदों को अपनी बात रखने का अवसर मिले और चर्चा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़े।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद एक बार फिर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सदन की कार्यवाही को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्ष जहां सदन में अधिक अवसर और स्वतंत्र रूप से बोलने की मांग कर रहा है, वहीं सत्ता पक्ष भी अपनी बात रखने के अधिकार पर जोर देता रहा है।





