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राघव चड्ढा के AAP छोड़ने और BJP में शामिल होने के दावे से सियासी हलचल

Kavita2
24 April 2026 4:40 PM IST
राघव चड्ढा के AAP छोड़ने और BJP में शामिल होने के दावे से सियासी हलचल
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Delhi दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) को लेकर शुक्रवार को उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब कुछ बयानों और दावों में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के पार्टी छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की बात सामने आई। हालांकि, इस दावे को लेकर अभी तक किसी भी प्रमुख आधिकारिक स्रोत या पार्टी की ओर से स्पष्ट पुष्टि नहीं की गई है, जिससे स्थिति पर संशय बना हुआ है।

दावों के अनुसार, एक कथित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने यह कहा कि वे आम आदमी पार्टी छोड़ रहे हैं, क्योंकि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और विचारधारा से भटक गई है। इन दावों में यह भी कहा गया कि चड्ढा ने आरोप लगाया कि पार्टी अब देशहित की बजाय व्यक्तिगत और राजनीतिक लाभ के लिए काम कर रही है।

इसी तरह सामने आए बयानों में यह भी दावा किया गया कि चड्ढा ने कहा, “जिस AAP को मैंने वर्षों तक मेहनत से मजबूत किया, वह अब अपने रास्ते से भटक चुकी है।” कथित रूप से उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय से उन्हें महसूस हो रहा था कि वे “गलत पार्टी में सही व्यक्ति” बने हुए हैं।

इन दावों में यह भी उल्लेख किया गया कि उनके साथ कुछ अन्य नेताओं के भी पार्टी छोड़ने की बात कही गई, जिनमें संदीप पाठक और अशोक मित्तल के नाम शामिल बताए गए। इसके अलावा कुछ और नेताओं जैसे हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल के भी कथित तौर पर राजनीतिक बदलाव से जुड़ने के दावे सामने आए हैं।

हालांकि, इन सभी नामों और दावों को लेकर किसी भी आधिकारिक पार्टी घोषणा या विश्वसनीय पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस तरह की खबरों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि चुनावी माहौल या राजनीतिक तनाव के दौरान अक्सर कई तरह के दावे और अफवाहें फैलती हैं।


AAP की ओर से भी अभी तक राघव चड्ढा के पार्टी छोड़ने या किसी अन्य नेता के इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं BJP की ओर से भी इस कथित घटनाक्रम पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि इस तरह का कोई बड़ा बदलाव होता है तो उसकी औपचारिक घोषणा और पुष्टि पार्टी स्तर पर की जाती है, जो अभी तक देखने को नहीं मिली है। इसलिए फिलहाल इस खबर को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं मानी जा रही है।

फिलहाल राजनीतिक हलकों में इस दावे को लेकर चर्चा जरूर तेज है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि के अभाव में इसे लेकर संशय बना हुआ है। आने वाले समय में यदि कोई स्पष्ट बयान सामने आता है, तो स्थिति और साफ हो सकेगी।

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