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पैरा एशियाई खेलों के चयन पर उठे सवाल

Kavita2
10 Oct 2026 12:57 PM IST
पैरा एशियाई खेलों के चयन पर उठे सवाल
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नई दिल्ली। आगामी आइची-नागोया पैरा एशियाई खेलों के लिए भारतीय खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आया है। चयन नियमों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे पैरा निशानेबाजों ने शुक्रवार को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात की। इस दौरान खिलाड़ियों ने भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए और खेल प्रशासन में कथित खामियों को लेकर अपनी चिंताएं रखीं। निशानेबाजों का आरोप है कि आगामी प्रतियोगिता के लिए कुछ ऐसे खिलाड़ियों को भारतीय दल में शामिल करने के उद्देश्य से चयन मानदंडों में ढील दी गई, जो निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं करते थे।

खेल मंत्री के साथ यह मुलाकात भारतीय दल के विदाई समारोह में पैरा निशानेबाजों के विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद हुई। तीन निशानेबाजों के प्रतिनिधिमंडल ने खेल मंत्री के सामने चयन प्रक्रिया से जुड़ी अपनी आपत्तियां रखीं। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि 18 अक्टूबर से शुरू होने वाले पैरा एशियाई खेलों के लिए चार निशानेबाजों को शामिल करने के उद्देश्य से चयन नियमों में बदलाव किया गया।

चयन प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल

आइची-नागोया पैरा एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल के चयन को लेकर पैरा निशानेबाजों ने नाराजगी जताई है। खिलाड़ियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और मानदंडों का पालन होना चाहिए।

प्रदर्शनकारी निशानेबाजों ने भारतीय पैरालंपिक समिति पर आरोप लगाया है कि चार खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में शामिल करने के लिए चयन नियमों में ढील दी गई।

उनका दावा है कि जिन चार निशानेबाजों को लेकर आपत्ति जताई गई है, वे निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा नहीं करते थे।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित खिलाड़ियों के नाम और उनके चयन से जुड़े व्यक्तिगत प्रदर्शन के आंकड़े भी उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आए हैं।

ऐसे में चयन प्रक्रिया में वास्तव में नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं, यह संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक स्पष्टीकरण के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।

खेल मंत्री मनसुख मांडविया से मिले निशानेबाज

शुक्रवार को तीन पैरा निशानेबाजों का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया से मिला।

बैठक के दौरान खिलाड़ियों ने चयन प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं। उन्होंने खेल प्रशासन में कथित खामियों का मुद्दा भी उठाया।

खिलाड़ियों की आपत्तियों का मुख्य केंद्र चयन मानदंडों में कथित ढील और भारतीय दल में चार निशानेबाजों को शामिल किए जाने का मामला रहा।

यह मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि खिलाड़ी अपनी शिकायत सीधे केंद्रीय खेल मंत्री तक लेकर पहुंचे हैं।

हालांकि, बैठक में खेल मंत्री की ओर से क्या आश्वासन दिया गया और चयन प्रक्रिया की समीक्षा को लेकर कोई निर्णय हुआ या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

विदाई समारोह में किया था विरोध प्रदर्शन

खेल मंत्री से मुलाकात करने से एक दिन पहले पैरा निशानेबाजों ने भारतीय दल के विदाई समारोह के दौरान विरोध प्रदर्शन किया था।

खिलाड़ियों ने चयन प्रक्रिया को लेकर अपनी नाराजगी सार्वजनिक रूप से जाहिर की थी।

विदाई समारोह आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जा रहे खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए आयोजित किया जाता है। ऐसे अवसर पर चयन को लेकर विरोध प्रदर्शन सामने आने से यह मामला चर्चा में आ गया।

विरोध प्रदर्शन के अगले ही दिन खिलाड़ियों का खेल मंत्री से मिलना इस बात को दर्शाता है कि वे अपनी आपत्तियों को प्रशासनिक स्तर पर उठाना चाहते हैं।

हालांकि, प्रदर्शन में कुल कितने खिलाड़ी शामिल हुए और उन्होंने किन दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाए, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

चार निशानेबाजों के चयन पर आपत्ति

विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू चार निशानेबाजों का चयन बताया जा रहा है।

प्रदर्शनकारी खिलाड़ियों का आरोप है कि भारतीय पैरालंपिक समिति ने इन चार निशानेबाजों को दल में शामिल करने के लिए नियमों में ढील दी।

खिलाड़ियों के अनुसार, ये निशानेबाज पहले से निर्धारित चयन मानदंडों पर खरे नहीं उतरते थे।

खेल प्रतियोगिताओं में चयन मानदंड खिलाड़ियों के प्रदर्शन और पात्रता का आकलन करने के लिए बनाए जाते हैं। ऐसे में इन मानदंडों के अनुपालन को लेकर सवाल उठने पर चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता चर्चा का विषय बन जाती है।

हालांकि, किसी चयन नियम में बदलाव होना अपने आप में भ्रष्टाचार साबित नहीं करता। यह जानना जरूरी होगा कि संबंधित नियम क्या थे, उनमें कब और किस अधिकार के तहत बदलाव किया गया तथा चयनित खिलाड़ियों की पात्रता किस आधार पर तय हुई।

इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

भारतीय पैरालंपिक समिति की भूमिका पर सवाल

भारतीय पैरालंपिक समिति देश में पैरा खेलों से संबंधित महत्वपूर्ण खेल संगठन है।

आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों के चयन को लेकर समिति की भूमिका पर प्रदर्शनकारी निशानेबाजों ने सवाल उठाए हैं।

उनका आरोप है कि चयन प्रक्रिया में ऐसी ढील दी गई, जिससे निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करने वाले खिलाड़ियों को फायदा मिल सकता था।

इस मामले में समिति का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण होगा। उपलब्ध जानकारी में पीसीआई की ओर से आरोपों पर दिया गया कोई विस्तृत जवाब शामिल नहीं है।

इसलिए खिलाड़ियों के आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

चयन प्रक्रिया के नियम, खिलाड़ियों के प्रदर्शन का रिकॉर्ड और समिति की ओर से लिए गए फैसलों की जानकारी सामने आने पर विवाद को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।

18 अक्टूबर से शुरू होने हैं खेल

आगामी आइची-नागोया पैरा एशियाई खेल 18 अक्टूबर से शुरू होने वाले हैं। प्रतियोगिता के करीब आने के साथ भारतीय दल के चयन से जुड़ा विवाद सामने आया है।

ऐसे समय में खिलाड़ियों की तैयारियों के साथ चयन प्रक्रिया को लेकर उठी आपत्तियां भी महत्वपूर्ण हो गई हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के लिए चयन संबंधी नियमों की स्पष्टता जरूरी होती है।

खिलाड़ियों को यह जानकारी होना महत्वपूर्ण है कि चयन किन मानदंडों पर किया गया और उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन किस आधार पर हुआ।

वहीं, चयन प्रक्रिया को लेकर शिकायत करने वाले खिलाड़ियों के आरोपों की निष्पक्ष समीक्षा भी खेल प्रशासन में भरोसा बनाए रखने के लिए आवश्यक मानी जाती है।

पारदर्शिता और निष्पक्ष चयन की मांग

पैरा निशानेबाजों के विरोध ने खेल प्रशासन में पारदर्शिता और निष्पक्षता के मुद्दे को सामने ला दिया है।

किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में चयन को लेकर विवाद होने पर उसका असर खिलाड़ियों के भरोसे पर पड़ सकता है।

ऐसे मामलों में संबंधित संगठन की ओर से चयन नियमों और निर्णयों का स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होता है।

इस मामले में प्रदर्शनकारी निशानेबाजों ने केंद्रीय खेल मंत्री से मुलाकात कर अपनी चिंताएं रखी हैं।

हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि खिलाड़ियों ने चयन प्रक्रिया में बदलाव, पुनर्विचार या किसी औपचारिक जांच की मांग की है या नहीं।

आगे की स्थिति खेल मंत्रालय और भारतीय पैरालंपिक समिति के आधिकारिक रुख से स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल, आइची-नागोया पैरा एशियाई खेलों के लिए चार निशानेबाजों के चयन को लेकर उठे सवालों ने विवाद का रूप ले लिया है। विरोध कर रहे पैरा निशानेबाजों ने खेल मंत्री मनसुख मांडविया के सामने अपनी शिकायत रखी है। अब इस मामले में चयन नियमों, संबंधित खिलाड़ियों की पात्रता और समिति के फैसलों को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार रहेगा।

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