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NTA की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल, तीन विषयों की फिर होगी परीक्षा
nidhi
17 Aug 2026 6:30 AM IST

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पेपर में त्रुटियों का असर, UGC-NET के तीन विषयों की परीक्षा रद्द
नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। UGC-NET जून 2026 परीक्षा में तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी सामने आने के बाद अब इन विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित करने का फैसला लिया गया है। NTA ने English, Commerce और Sociology विषयों के लिए री-एग्जाम कराने की घोषणा की है।
NTA के अनुसार, इन तीन विषयों के प्रश्नपत्रों को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से कई शिकायतें मिली थीं। इसके बाद एक जांच समिति गठित की गई। समिति की रिपोर्ट में प्रश्नपत्रों में कई तरह की त्रुटियां पाई गईं, जिसके बाद परीक्षा को दोबारा कराने की सिफारिश की गई।
प्रश्नपत्रों में मिलीं कई गंभीर खामियां
जांच समिति ने पाया कि English, Commerce और Sociology के प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक गलतियां, टाइपिंग संबंधी त्रुटियां और अनुवाद की समस्याएं थीं। इसके अलावा कई प्रश्नों में भाषा संबंधी गलतियां, प्रसिद्ध विद्वानों के नामों की गलत स्पेलिंग, किताबों के नामों में गड़बड़ी और पुराने प्रश्नों की पुनरावृत्ति भी सामने आई।
NTA ने बताया कि इन गलतियों को केवल कुछ प्रश्न हटाकर ठीक करना संभव नहीं था। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इन तीनों विषयों की परीक्षा फिर से कराने का निर्णय लिया गया।
कब होगी दोबारा परीक्षा?
NTA ने री-एग्जाम का शेड्यूल भी जारी कर दिया है।
English विषय की परीक्षा 9 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी।
Commerce विषय की परीक्षा 9 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की जाएगी।
Sociology विषय की परीक्षा 10 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी।
NTA ने स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। परीक्षा केंद्र, शहर और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी बाद में आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
बाकी 84 विषयों के रिजल्ट तय समय पर
UGC-NET जून 2026 परीक्षा का आयोजन 22 जून से 30 जून के बीच 87 विषयों के लिए किया गया था। NTA ने कहा है कि बाकी 84 विषयों की मूल्यांकन प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी और उनके परिणामों में देरी नहीं होगी।
UGC-NET परीक्षा देशभर में जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता और पीएचडी प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।
NTA की कार्यप्रणाली पर फिर उठे सवाल
UGC-NET में दोबारा परीक्षा कराने के फैसले के बाद NTA की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। इससे पहले भी कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और तकनीकी समस्याओं को लेकर एजेंसी आलोचनाओं का सामना कर चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर मूल्यांकन तक हर स्तर पर अधिक सावधानी और मजबूत व्यवस्था की जरूरत है।
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