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दिल्ली-एनसीआर
अभिजीत दिपके और नेहा बोरा की हिरासत पर सवाल, CJP और AISA ने जताई चिंता
Kiran
17 Oct 2026 10:39 AM IST

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Delhi 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (AISA) ने अपने नेताओं अभिजीत दिपके और नेहा बोरा के ठिकाने के बारे में सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद, इन दोनों नेताओं को वकीलों और साथियों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। CJP ने आरोप लगाया कि उनके संस्थापक दिपके को किसी अज्ञात जगह पर ले जाया गया है और उनसे संपर्क टूट गया है। वहीं, 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (AISA) ने दावा किया कि उनकी अध्यक्ष नेहा बोरा को मंगोलपुरी स्थित 'एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स' (ANTF) में अकेले रखा गया है।
CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में कहा, "दिल्ली पुलिस अभिजीत दिपके को किसी अज्ञात जगह पर ले गई है। हमारा उनसे संपर्क टूट गया है। उन्हें वकीलों से बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।" उन्होंने आगे कहा, "यह सरकार युवाओं के साथ आतंकवादियों जैसा बर्ताव क्यों कर रही है? हम भारत के समान नागरिक हैं और हमें संविधान द्वारा दिए गए सभी अधिकार और सुरक्षा मिलनी चाहिए!"
CJP ने सवाल किया, "@दिल्ली पुलिस, आप अभिजीत को कहाँ ले गए हैं? आपको हमें जवाब देना होगा। अभिजीत तो बस अपने हाथ में तिरंगा लेकर घर से बाहर निकल रहे थे! हाथ में तिरंगा लेकर चलना अपराध कैसे हो सकता है?" उन्होंने कहा, "आप एक अभिजीत को हिरासत में लेंगे, तो हज़ारों अभिजीत खड़े हो जाएँगे! आप एक सौरव को जेल में डालेंगे, तो हज़ारों सौरव सड़कों पर उतर आएँगे! आप एक आशुतोष को जेल में डालेंगे, तो हज़ारों आशुतोष दिल्ली पहुँच जाएँगे!" उन्होंने आगे कहा, "तिरंगा हमारी जान है, तिरंगा हमारी शान है! हमें कोई नहीं रोक सकता!!!!" 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (AISA) ने भी 'X' पर एक पोस्ट में बताया कि नेहा बोरा को मंगोलपुरी स्थित 'एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स' (ANTF) में अकेले हिरासत में रखा गया है।
इसके बाद एक और पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि नेहा बोरा को मंगोलपुरी के 'एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स' स्टेशन से किसी अज्ञात जगह ले जाया जा रहा है। उन्हें एक ऐसी कार में ले जाया गया, जिसकी खिड़कियों पर गैर-कानूनी तरीके से काली फिल्म (ब्लैक फिल्म) लगी हुई थी। AISA के पूर्व अध्यक्ष एन. साई बालाजी ने कहा, "दिल्ली पुलिस कृपया जवाब दे कि नेहा को बस में सादे कपड़ों वाले लोगों ने अकेले क्यों हिरासत में लिया? उसकी आखिरी लोकेशन से पता चलता है कि उसे मंगलपुरी के एंटी-नारकोटिक्स सेल ले जाया गया था। तो फिर पुलिस स्टेशन वाले क्यों कह रहे हैं कि वह वहां नहीं है?"
उन्होंने पूछा, "क्या दिल्ली पुलिस उसे अगवा करने और गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है?" इससे पहले एक बयान में AISA ने कहा, "नेहा को एक वैन में हिरासत में लिया गया है। वहां सादे कपड़ों में दो लोग मौजूद हैं, जो हिरासत में लिए गए लोगों में से नहीं हैं।" उन्होंने सवाल किया, "हम जानना चाहते हैं कि क्या दिल्ली पुलिस ने अपने बल के बाहर के लोगों को काम पर रखा है? क्या नेहा सुरक्षित है?" पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिपके को झंडेवालान से उस समय हिरासत में लिया गया जब वह कनॉट प्लेस जा रहे थे, जबकि बोरा को मंडी हाउस से हिरासत में लिया गया।
यह प्रस्तावित मार्च SIR प्रक्रिया के खिलाफ हो रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा था। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के संशोधन में गड़बड़ी का आरोप लगाया और चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग की। बोरा की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर समर्थन की अपील की गई, जिसमें वकीलों, नागरिक समाज के सदस्यों और अन्य समर्थकों से पुलिस स्टेशन पहुंचने का आग्रह किया गया। बोरा की रिहाई के बारे में अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है, और न ही सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है।
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