- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- CEC ज्ञानेश कुमार के...
दिल्ली-एनसीआर
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन तेज कई युवा कांग्रेस नेता हिरासत में
Ratna Netam
6 Oct 2026 5:26 PM IST

x
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच मंगलवार को दिल्ली में एक बार फिर राजनीतिक और छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं तथा पुलिस के बीच तनाव की स्थिति देखने को मिली। आकाशवाणी भवन के बाहर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत युवा कांग्रेस और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। यह विरोध मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े आरोपों को लेकर चल रहे प्रदर्शनों की कड़ी का हिस्सा था। दिल्ली में पिछले कई दिनों से विपक्षी दलों और छात्र संगठनों की ओर से इस मुद्दे पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
उदय भानु चिब ने हिरासत के दौरान मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान IYC के कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। उन्होंने दावा किया कि महिला पदाधिकारियों के साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की हुई और कुछ को चोट पहुंची। चिब ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने वालों के साथ बल प्रयोग नहीं होना चाहिए।
चिब ने कहा कि प्रदर्शनकारी लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उनके मुताबिक, महिला कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और छात्रों से जुड़े पिछले घटनाक्रमों ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि पुलिस की ओर से पहले के प्रदर्शनों को लेकर कहा गया है कि कुछ प्रदर्शन बिना अनुमति के आयोजित किए गए और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने की कोशिश की गई। पुलिस का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई तथा न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया गया। पिछले दिनों भी दिल्ली में SIR और CEC के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया था।
मंगलवार का प्रदर्शन उस समय हुआ जब INDIA ब्लॉक के सांसद भी संसद से चुनाव आयोग की ओर मार्च कर रहे थे। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। मार्च के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य विपक्षी नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
आकाशवाणी भवन के आसपास भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। विपक्षी सांसदों के मार्च और छात्र-युवा संगठनों के अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर कई मार्गों पर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका।
IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब ने अपने बयान में केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर राजनीतिक आरोप लगाते हुए दावा किया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने की कोशिश कर रही है। यह कांग्रेस नेता का आरोप है और सरकार की ओर से इस आरोप को स्वीकार नहीं किया गया है।
चिब ने कहा, “जो लोग शांतिपूर्वक विरोध कर रहे हैं और लोकतंत्र को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ हिंसा की जा रही है।” उन्होंने महिला पदाधिकारियों को चोट लगने का दावा करते हुए कहा कि पत्रकारों और छात्रों के खिलाफ हिंसा भी स्वीकार नहीं की जा सकती।
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध पिछले कई दिनों से जारी है। छात्र संगठनों, विपक्षी दलों और अन्य समूहों ने SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर चुनाव आयोग मतदाता सूची के पुनरीक्षण को नियमों के तहत की जाने वाली प्रक्रिया बताता रहा है। भाजपा ने भी विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए प्रदर्शन को राजनीतिक रणनीति बताया है।
इससे पहले IYC ने दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती भी दी थी। संगठन ने अपनी याचिका में दलील दी कि शांतिपूर्ण सभा को केवल कानून-व्यवस्था के नाम पर पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं किया जाना चाहिए। IYC का कहना था कि उसने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा और यातायात से जुड़े सभी नियमों का पालन करने का भरोसा दिया था।
इसी बीच महिला पत्रकारों द्वारा पुलिसकर्मियों पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित महिलाओं के बयान दर्ज किए गए हैं और CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। पुलिस ने इन आरोपों पर जांच जारी होने की बात कही है।
मंगलवार की कार्रवाई के बाद युवा कांग्रेस और NSUI ने पुलिस पर प्रदर्शन दबाने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कही है। इस पूरे घटनाक्रम के कारण चुनाव आयोग, SIR और मतदाता सूची को लेकर जारी राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।
फिलहाल विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR से जुड़े सवालों पर चुनाव आयोग से जवाब मांग रहे हैं। दूसरी ओर सरकार और भाजपा इन आरोपों को खारिज कर रहे हैं। दिल्ली में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण केंद्रीय इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी हुई है और राजनीतिक टकराव के जल्द शांत होने के संकेत फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं।
Next Story





