दिल्ली-एनसीआर

प्रियंका गांधी ने छात्राओं का किया समर्थन

Kiran
4 Oct 2026 10:41 AM IST
प्रियंका गांधी ने छात्राओं का किया समर्थन
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Delhi कांग्रेस महासचिव और लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन (LSR) की उन छात्राओं का समर्थन किया है जो सुरक्षा चिंताओं को लेकर विरोध कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को डर और अन्याय को रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा मानने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। छात्राओं की बात सुने जाने और सुरक्षा की मांग का समर्थन करते हुए प्रियंका ने कहा कि यह विरोध सिर्फ़ एक कॉलेज या एक घटना के बारे में नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की एक बड़ी लड़ाई है।
उन्होंने कहा कि उन्हें LSR और दूसरे कॉलेजों की उन छात्राओं पर गर्व है जिन्होंने महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई है और सवाल किया है कि महिलाओं को डर में जीने, अन्याय सहने या नतीजे भुगतने के लिए क्यों मजबूर किया जाए, जबकि ज़िम्मेदार लोग जवाबदेही से बच जाते हैं। प्रियंका ने महिलाओं से एकजुट होने और अपनी आवाज़ बुलंद करने का आग्रह किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह मुद्दा हर महिला से जुड़ा है और इसे सिर्फ़ कैंपस तक सीमित शिकायत नहीं माना जा सकता।
उनके ये बयान LSR और दिल्ली यूनिवर्सिटी के दूसरे कॉलेजों की छात्राओं के विरोध प्रदर्शनों के बीच आए हैं। ये प्रदर्शन इस महीने की शुरुआत में कालकाजी के पास आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना के बाद शुरू हुए थे। इस घटना ने शिक्षण संस्थानों के आस-पास सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं, खासकर तब जब LSR के पिछले गेट के पास पुलिस एनकाउंटर में एक आरोपी को पकड़ा गया।
LSR की छात्राओं ने न केवल कथित हमले पर सवाल उठाए हैं, बल्कि उन हालात पर भी सवाल उठाए हैं जिनमें महिलाओं को राजधानी में घूमना-फिरना पड़ता है। उनकी शिकायतों में खराब लाइटिंग, अपर्याप्त पुलिस पेट्रोलिंग, काम न करने वाले CCTV कैमरे और कॉलेज के आस-पास के इलाकों में 'पिंक पुलिस बूथ' के निष्क्रिय होने जैसी चिंताएँ शामिल हैं।
ये विरोध प्रदर्शन अब LSR से आगे फैल गए हैं। गार्गी कॉलेज, मिरांडा हाउस और कमला नेहरू कॉलेज जैसे कॉलेजों की छात्राएँ भी सुरक्षित सार्वजनिक जगहों और अधिकारियों से ज़्यादा जवाबदेही की मांग करते हुए मार्च में शामिल हो रही हैं। ऐसे ही एक विरोध प्रदर्शन में छात्राओं ने तर्क दिया कि महिलाओं की आवाजाही पर पाबंदी लगाना, सड़कों और सार्वजनिक जगहों को सुरक्षित बनाने का विकल्प नहीं हो सकता।
इस घटना के तुरंत बाद LSR को कुछ समय के लिए फिजिकल क्लास (आमने-सामने की पढ़ाई) रोककर ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करनी पड़ी। इससे पेइंग गेस्ट (PG) में रहने वाली और आस-पास के इलाके से आने-जाने वाली छात्राओं की चिंता का पता चलता है। हालाँकि, विरोध कर रही छात्राओं के लिए यह मुद्दा कॉलेज गेट पर सुरक्षा इंतज़ामों से कहीं आगे का है। उन्होंने महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों पर दी जाने वाली उस प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जिसमें असुरक्षित सार्वजनिक जगहों को ठीक करने और दोषियों की जवाबदेही तय करने के बजाय अक्सर महिलाओं पर ही पाबंदियां लगाई जाती हैं।
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