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संसद गतिरोध तोड़ने की तैयारी, सरकार ने सभी दलों से मांगा सहयोग

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार पहल करने की तैयारी में है। पिछले चार दिनों से लोकसभा और राज्यसभा में इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी है, जिसके कारण सदन की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। विपक्ष नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार से जवाब और चर्चा की मांग कर रहा है।
संसद में जारी हंगामे के बीच केंद्र सरकार अब सभी राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स के साथ बैठक कर इस मामले का समाधान निकालने की कोशिश कर सकती है। सरकार का उद्देश्य है कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चले और नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर नियमों के तहत सार्थक चर्चा हो सके।
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने गुरुवार को कहा कि सरकार नीट मामले पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सभी दलों के नेताओं से अपील की कि वे चर्चा की अवधि और नियमों को लेकर आपसी सहमति बनाएं, ताकि संसद में सकारात्मक और तथ्य आधारित बहस हो सके।
किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार चाहती है कि संसद में सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वह सदन की कार्यवाही चलने दे, ताकि जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर जवाब देने के लिए तैयार है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला जा सकता है।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। विपक्षी दलों का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में खामियों के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। विपक्ष इस मामले में जिम्मेदारी तय करने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और शिक्षा मंत्री से जवाब की मांग कर रहा है।
वहीं, सरकार का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं। सरकार की ओर से पहले ही कहा जा चुका है कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। केंद्र ने पेपर लीक मामलों की जांच और दोषियों को सजा दिलाने के लिए कदम उठाने की बात कही है।
संसद में पिछले कई दिनों से विपक्षी सांसद नीट मुद्दे को लेकर नारेबाजी कर रहे हैं। इसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी है। सरकार अब बैठक के जरिए सभी दलों के बीच सहमति बनाने की कोशिश कर रही है, ताकि संसद का कामकाज प्रभावित न हो।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि फ्लोर लीडर्स के बीच सहमति बनती है तो संसद में नीट पेपर लीक मामले पर विस्तृत चर्चा का रास्ता खुल सकता है। सरकार और विपक्ष दोनों के लिए यह मुद्दा बेहद अहम बना हुआ है, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में छात्रों का भविष्य जुड़ा है।
अब नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार की पहल के बाद विपक्षी दल किस रुख के साथ आगे बढ़ते हैं और क्या संसद में जारी गतिरोध समाप्त हो पाता है या नहीं।





