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गांवों में पेयजल व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी

Ratna Netam
14 Oct 2026 5:56 PM IST
गांवों में पेयजल व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी
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नई दिल्ली। देश के ग्रामीण इलाकों में सुरक्षित और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत नई रणनीति पर जोर दिया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS) ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ वर्चुअल कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इसमें ग्रामीण पेयजल स्रोतों को लंबे समय तक सुरक्षित बनाए रखने, जल संरक्षण और ग्राम पंचायतों के नेतृत्व में जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा हुई।बैठक में जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 और विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), यानी VB-G RAM G के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल से जुड़ी योजनाओं को एक साथ प्रभावी तरीके से लागू करना और जल संसाधनों का टिकाऊ प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
अब सिर्फ पानी की पाइपलाइन बिछाने पर नहीं रहेगा जोर
वर्चुअल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक के.के. मीना ने कहा कि जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सरकार की प्राथमिकता अब केवल ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल का बुनियादी ढांचा तैयार करना नहीं हैउन्होंने कहा कि मिशन के अंतर्गत पहले से विकसित पेयजल सुविधाओं को लंबे समय तक क्रियाशील बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।इसके लिए जल स्रोतों का संरक्षण, नियमित रखरखाव और स्थानीय स्तर पर पेयजल प्रणालियों का उचित प्रबंधन जरूरी है।जल जीवन मिशन 2.0 में बुनियादी ढांचे के निर्माण से आगे बढ़कर नियमित और टिकाऊ पेयजल सेवा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
ग्राम पंचायतों को मिलेगी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
बैठक में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था के संचालन में ग्राम पंचायतों की भूमिका मजबूत करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई।सरकार चाहती है कि गांवों में विकसित जल आपूर्ति प्रणालियों के प्रबंधन में स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को पेयजल सुविधाओं की निगरानी, संचालन और रखरखाव में जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।इससे जल आपूर्ति व्यवस्था में स्थानीय स्तर पर जवाबदेही बढ़ाने और खराबियों का समय पर समाधान करने में मदद मिलने की उम्मीद है।जल जीवन मिशन 2.0 में ग्राम पंचायत आधारित जल प्रबंधन और सामुदायिक भागीदारी को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।
जल जीवन मिशन और VB-G RAM G में होगा तालमेल
केंद्र सरकार जल जीवन मिशन 2.0 और VB-G RAM G के अंतर्गत संचालित ग्रामीण विकास कार्यों के बीच समन्वय बढ़ाना चाहती है।इस व्यवस्था के माध्यम से जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और ग्रामीण जल सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों को एकीकृत करने पर जोर दिया जा रहा है।VB-G RAM G के अंतर्गत जल सुरक्षा को ग्रामीण विकास से जुड़े प्रमुख विषयों में शामिल किया गया है।केंद्र सरकार ने राज्यों से आग्रह किया है कि वे ग्राम पंचायत विकास योजनाओं में जल सुरक्षा को प्राथमिकता दें और पेयजल परियोजनाओं से संबंधित कार्यों के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करें।
जल स्रोतों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने पर चर्चा
बैठक के दौरान ग्रामीण पेयजल स्रोतों की स्थिरता और उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया।कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति भूजल, कुओं और अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर करती है। ऐसे में इन स्रोतों का संरक्षण करना आवश्यक है।जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत भूजल पुनर्भरण, जल संरक्षण और उपयोग किए गए घरेलू पानी के उचित प्रबंधन जैसी गतिविधियों को महत्व दिया जा रहा है।इन प्रयासों का उद्देश्य पेयजल स्रोतों पर दबाव कम करना और भविष्य में पानी की उपलब्धता बनाए रखना है।
'जल 2026' सम्मेलन के बाद तीसरी बैठक
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की यह वर्चुअल कॉन्फ्रेंस 1 और 2 सितंबर 2026 को आयोजित विभागीय शिखर सम्मेलन 'जल 2026' के बाद शुरू हुई विषय-आधारित बैठकों की श्रृंखला का तीसरा हिस्सा थी।इससे पहले विभाग ने ग्रामीण पेयजल सेवाओं के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने और जल आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने जैसे विषयों पर राज्यों के साथ चर्चा की थी।21 सितंबर को आयोजित पहली वर्चुअल बैठक में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता और ग्रामीण पेयजल प्रणालियों के रखरखाव को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया था।
ग्रामीण जल व्यवस्था के रखरखाव पर विशेष ध्यान
जल जीवन मिशन के तहत गांवों में बनाई गई पानी की टंकियों, पाइपलाइन और अन्य सुविधाओं के नियमित रखरखाव को भी महत्वपूर्ण माना गया है।इन सुविधाओं के लंबे समय तक उपयोग के लिए तकनीकी निगरानी और समय-समय पर मरम्मत जरूरी है।इसके साथ ही पानी की गुणवत्ता की जांच और जल स्रोतों की निगरानी को भी मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई है।विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण परिवारों को उपलब्ध कराई गई पेयजल सुविधाएं लगातार काम करती रहें।
ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना लक्ष्य
केंद्र सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को नियमित, पर्याप्त और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत करना है।जल जीवन मिशन 2.0 के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से जल स्रोतों की सुरक्षा, पेयजल बुनियादी ढांचे के रखरखाव और ग्राम पंचायतों की भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।इस पहल की सफलता स्थानीय जल स्रोतों की स्थिति, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करेगी।
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