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Devotees, के लिए गाजियाबाद में तैयारियां तेज, कांवड़ मार्ग होगा दुरुस्त

Ghaziabad गाजियाबाद : सावन का पवित्र महीना शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। 30 जुलाई से 24 अगस्त तक चलने वाली कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर गाजियाबाद जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। करोड़ों श्रद्धालुओं के जिले से गुजरने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, सफाई और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। जिला अधिकारी रविंद्र कुमार ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जिला अधिकारी ने बताया कि कांवड़ मार्ग को पूरी तरह गड्ढा मुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग को 1 करोड़ 20 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया है। उन्होंने कहा कि तय समय सीमा के भीतर सड़क मरम्मत कार्य पूरा किया जाएगा, ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
नगर निगम को पूरे मार्ग पर नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि बिजली विभाग को पर्याप्त रोशनी व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है। बरसात के दौरान करंट से बचाव के लिए बिजली के पोलों पर प्लास्टिक कवर लगाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।भीड़ प्रबंधन को लेकर मुरादनगर स्थित छोटा हरिद्वार घाट पर विशेष बैरिकेडिंग की जाएगी। इसके साथ ही पूरे कांवड़ मार्ग पर वॉच टावर, अतिरिक्त पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस की अलग से तैनाती की जाएगी।
इस बार डीजे को लेकर प्रशासन ने सख्ती का रुख अपनाया है। नियम के अनुसार, 12 फुट से अधिक ऊंचे डीजे की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले होटल और रेस्टोरेंट की भी निगरानी की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा सभी प्रतिष्ठानों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन कर श्रद्धालु संचालक की जानकारी और खाने-पीने की वस्तुओं के निर्धारित दाम देख सकेंगे।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।प्रशासन का उद्देश्य है कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।





