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सुप्रीम कोर्ट मार्च की तैयारी, CJI से मुलाकात की फिर उठेगी मांग

nidhi
12 Oct 2026 6:53 AM IST
सुप्रीम कोर्ट मार्च की तैयारी, CJI से मुलाकात की फिर उठेगी मांग
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नई दिल्ली: कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन INDIA ने सोमवार, 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी की है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की ओर से मुलाकात का अनुरोध अस्वीकार किए जाने के बावजूद कांग्रेस आज फिर समय मांग सकती है। विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), कथित वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने की तैयारी में है। कांग्रेस ने इस अभियान को 'चलो दिल्ली–मार्च फॉर डेमोक्रेसी' नाम दिया है।
दोपहर में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च की योजना
कांग्रेस ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को सोमवार दोपहर 1:30 बजे दिल्ली के कनॉट प्लेस और बाराखंभा रोड जंक्शन पर एकत्र होने का आह्वान किया है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकालने की योजना है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी दलों, युवाओं और नागरिक संगठनों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। कांग्रेस का कहना है कि इस मार्च का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को उठाना है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों से भी कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने के लिए कहा है। प्रदर्शन के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की तैयारी है।
CJI ने मुलाकात का अनुरोध किया अस्वीकार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत से सोमवार शाम 4 से 5 बजे के बीच मिलने का समय मांगा था। दोनों नेता विपक्ष की ओर से एक ज्ञापन सौंपना चाहते थे। रविवार को मुख्य न्यायाधीश ने मुलाकात का अनुरोध स्वीकार नहीं किया। सूत्रों के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि जिन विषयों पर विपक्ष चर्चा करना चाहता है, उनसे जुड़े मामले पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे मामलों में अदालत के न्यायिक पक्ष के समक्ष याचिका दाखिल की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट अपने प्रशासनिक अधिकारों के माध्यम से सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। संबंधित मामलों की सुनवाई मंगलवार, 13 अक्टूबर को प्रस्तावित है।
कांग्रेस दोबारा कर सकती है मुलाकात की मांग
पहला अनुरोध अस्वीकार होने के बाद कांग्रेस के सामने आगे की रणनीति तय करने की चुनौती है। रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी सोमवार को मुख्य न्यायाधीश से मिलने की मांग दोहरा सकती है। नए अनुरोध को स्वीकार किए जाने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। कांग्रेस की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन और मुलाकात की मांग दो अलग प्रक्रियाएं हैं। मुख्य न्यायाधीश ने मुलाकात से इनकार किया है, लेकिन प्रस्तावित मार्च के संबंध में कोई राय व्यक्त नहीं की है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे अपने मुद्दों को संवैधानिक संस्थाओं के सामने रखना चाहते हैं। वहीं, न्यायिक प्रक्रिया के तहत लंबित मामलों पर फैसला अदालत में प्रस्तुत याचिकाओं और साक्ष्यों के आधार पर होगा।
चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की नाराजगी
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विपक्ष ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। विपक्ष की मांगों में SIR प्रक्रिया रोकना और मतपत्र से मतदान की व्यवस्था बहाल करना भी शामिल है। कथित चुनावी अनियमितताओं के आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। चुनाव आयोग और भाजपा इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं।
दिल्ली में पहले भी हो चुके हैं प्रदर्शन
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध जारी है। सात अक्टूबर को राहुल गांधी सहित कई विपक्षी सांसदों को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया था। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। वहीं, पुलिस ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की थी। अब सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित मार्च के कारण एक बार फिर दिल्ली में बड़ी राजनीतिक गतिविधि की तैयारी है। प्रशासन के लिए प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
खरगे ने लोकतंत्र को लेकर जताई चिंता
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। उन्होंने देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की।खरगे का कहना है कि विपक्ष मुख्य न्यायाधीश के सामने अपनी चिंताएं रखना चाहता है। उन्होंने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता से जुड़े सवाल भी उठाए हैं। दूसरी ओर, मुख्य न्यायाधीश की ओर से मुलाकात अस्वीकार किए जाने के पीछे संवैधानिक और न्यायिक कारण बताए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि राजनीतिक प्रतिनिधियों की मांग और अदालत में लंबित मामलों की न्यायिक सुनवाई अलग-अलग विषय हैं।
आज की गतिविधियों पर रहेगी नजर
सोमवार को कांग्रेस और INDIA गठबंधन का प्रस्तावित मार्च राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। प्रदर्शन में कौन-कौन से विपक्षी नेता शामिल होंगे और कांग्रेस मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात के लिए दोबारा औपचारिक अनुरोध करेगी या नहीं, यह दिन की गतिविधियों से स्पष्ट होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च की घोषणा की है और मुख्य न्यायाधीश ने पहले मुलाकात का अनुरोध अस्वीकार कर दिया है। प्रदर्शन के वास्तविक आयोजन और आगे की कार्रवाई की पुष्टि होना बाकी है।
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