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कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी

Kavita2
15 Sept 2026 9:39 AM IST
कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी
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नई दिल्ली। कांग्रेस संगठन में लंबे समय से प्रतीक्षित बड़े फेरबदल की दिशा अब साफ होती दिखाई दे रही है। पार्टी नेतृत्व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी यानी एआईसीसी के सचिवों की जिम्मेदारियों में व्यापक बदलाव करने की तैयारी में है। मौजूदा सचिवों में से करीब आधे को पद या वर्तमान जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी फेरबदल की अंतिम सूची जारी नहीं की गई है।

संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद के तहत कांग्रेस नेतृत्व ने संभावित सचिवों के चयन की प्रक्रिया शुरू की है। पिछले एक सप्ताह के दौरान करीब 130 नेताओं के साक्षात्कार लिए गए। इस प्रक्रिया में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और एआईसीसी महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल शामिल रहे। तीनों नेताओं ने संभावित उम्मीदवारों की संगठनात्मक क्षमता और राजनीतिक अनुभव का आकलन किया।

बताया जा रहा है कि साक्षात्कार के दौरान नेताओं से उनके राजनीतिक सफर, संगठन के लिए किए गए काम और भविष्य की योजनाओं से जुड़े सवाल पूछे गए। यह भी समझने की कोशिश की गई कि संबंधित नेता पार्टी को मजबूत करने के लिए किस तरह काम कर सकते हैं। हालांकि, इंटरव्यू में पूछे गए प्रश्नों और उम्मीदवारों के जवाबों का कोई आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया गया है।

कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिव पार्टी संगठन और राज्यों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। उन्हें अलग-अलग राज्यों, विभागों और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ी जिम्मेदारियां दी जाती हैं। ऐसे में सचिवों के चयन के दौरान उनके अनुभव, सक्रियता, कार्यकर्ताओं से संवाद और संबंधित प्रदेश की राजनीतिक समझ को महत्वपूर्ण माना जाता है। फेरबदल में इन बिंदुओं के आधार पर जिम्मेदारियां तय किए जाने की संभावना है।

मौजूदा सचिवों के प्रदर्शन की भी समीक्षा किए जाने की बात सामने आ रही है। यह देखा जा सकता है कि उन्होंने अपने प्रभार वाले राज्यों या विभागों में संगठन को मजबूत करने के लिए कितना काम किया और पार्टी के कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में उनकी भूमिका कैसी रही। जिन सचिवों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया जाएगा, उन्हें मौजूदा जिम्मेदारी से मुक्त किया जा सकता है।

करीब आधे एआईसीसी सचिवों को बदले जाने की चर्चा से संगठन के भीतर हलचल बढ़ गई है। वर्तमान पदाधिकारियों के साथ नई जिम्मेदारी की उम्मीद लगाए बैठे नेताओं की नजर भी पार्टी नेतृत्व के फैसले पर है। हालांकि, कितने सचिव हटाए जाएंगे और कितने नए नेताओं को शामिल किया जाएगा, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एआईसीसी में वर्तमान समय में 64 सचिव हैं। इनमें से कुछ पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के कार्यालय से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभाल रहे हैं। यदि लगभग आधे सचिवों में बदलाव किया जाता है तो यह संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल होगा।

संभावित उम्मीदवारों के सीधे साक्षात्कार में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि पार्टी नेतृत्व नियुक्तियों से पहले उम्मीदवारों की क्षमता और कार्ययोजना को व्यक्तिगत रूप से समझना चाहता है। केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी संगठनात्मक जरूरतों और जिम्मेदारियों के बीच समन्वय के लिए महत्वपूर्ण रही।

इस प्रक्रिया में अनुभवी नेताओं के साथ युवा और सक्रिय चेहरों को भी अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी उन नेताओं को आगे ला सकती है, जो संगठनात्मक जिम्मेदारी संभालने के साथ अलग-अलग राज्यों में कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर सकें। हालांकि, उम्र या अनुभव को लेकर कोई निर्धारित मानदंड सार्वजनिक नहीं किया गया है।

कांग्रेस नेतृत्व का उद्देश्य केवल पदाधिकारियों को बदलना नहीं, बल्कि संगठन की कार्यक्षमता बढ़ाना बताया जा रहा है। सचिवों की जिम्मेदारियों में बदलाव के बाद राज्यों के प्रभार और कामकाज की समीक्षा भी हो सकती है। किसी नेता को उसकी राजनीतिक समझ और अनुभव के अनुसार नया राज्य या संगठनात्मक विभाग सौंपा जा सकता है।

इंटरव्यू की प्रक्रिया से यह भी संकेत मिलता है कि पार्टी नियुक्तियों में उम्मीदवारों के पिछले काम और आगामी योजना को महत्व दे रही है। साक्षात्कार में शामिल सभी नेताओं को जिम्मेदारी मिलेगी, यह जरूरी नहीं है। अंतिम चयन पार्टी नेतृत्व की समीक्षा और संगठन की आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा।

फेरबदल की प्रक्रिया में उन नेताओं की स्थिति भी देखी जा सकती है, जिन्हें हाल में कोई दूसरी संगठनात्मक जिम्मेदारी या पदोन्नति मिली है। एक ही नेता के पास कई जिम्मेदारियां होने की स्थिति में काम का पुनर्वितरण किया जा सकता है। इससे संगठन के अलग-अलग स्तरों पर नए पदाधिकारियों के लिए जगह बनने की संभावना है।

पार्टी के सामने फेरबदल के दौरान क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी रहेगी। एआईसीसी सचिवों की नियुक्ति करते समय विभिन्न राज्यों और समूहों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की जाती है। इसके साथ ही संगठनात्मक अनुभव और चुनावी परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जा सकता है। फिलहाल चयन के औपचारिक मानदंड सामने नहीं आए हैं।

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल द्वारा संभावित उम्मीदवारों से सीधे बातचीत करने के बाद अब उनकी समीक्षा की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। इंटरव्यू के दौरान प्राप्त जानकारी और नेताओं के प्रदर्शन के आकलन के आधार पर संभावित नामों की सूची तैयार की जा सकती है। इसके बाद पार्टी अध्यक्ष की मंजूरी से नई नियुक्तियों की घोषणा होने की संभावना है।

फिलहाल कांग्रेस की ओर से आधिकारिक सूची या फेरबदल की निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। मौजूदा सचिवों में से करीब आधे को हटाए जाने की बात सूत्र और मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है। अंतिम आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किन नेताओं की जिम्मेदारी बदली गई और किन नए चेहरों को संगठन में स्थान मिला।

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