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ITO जलभराव से निपटने की तैयारी, PWD ने बनाया मास्टर प्लान

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के प्रमुख जलभराव वाले इलाकों में शामिल ITO पर बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या को खत्म करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने नई योजना तैयार की है। इसके तहत ITO पंप हाउस का अपग्रेडेशन किया जाएगा। इस काम पर करीब 1.3 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
ITO लंबे समय से मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से जूझता रहा है। भारी बारिश के समय यहां पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होता है और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वर्ष 2023 में यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद ITO इलाके में बाढ़ का पानी भर गया था, जिसके बाद जल निकासी व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे।
हालांकि, पिछले मानसून में ITO पर पहले जैसी जलभराव की समस्या देखने को नहीं मिली थी। इसके बावजूद PWD ने भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए जल निकासी व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है।
PWD की योजना के तहत ITO पंप हाउस को आधुनिक बनाया जाएगा। इसके लिए पंपिंग सिस्टम को बेहतर करने के साथ ही अन्य जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। विभाग का उद्देश्य है कि तेज बारिश के दौरान जमा होने वाले पानी को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके और सड़क पर जलभराव की स्थिति न बने।
इस परियोजना में ऑल-वेदर सब-स्टेशन और डिजिटल अलार्म सिस्टम लगाने की भी योजना है। इससे पंप हाउस की निगरानी बेहतर होगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
अधिकारियों के अनुसार, ITO क्षेत्र में जलभराव रोकने के लिए पहले भी कई कदम उठाए गए हैं। लेकिन बारिश के दौरान किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अब मौजूदा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। पंप हाउस के अपग्रेड होने के बाद पानी निकासी की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
ITO दिल्ली का एक बेहद व्यस्त इलाका है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। यहां जलभराव होने से न सिर्फ यातायात प्रभावित होता है, बल्कि आसपास के इलाकों में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में PWD की यह योजना मानसून के दौरान राहत देने वाली साबित हो सकती है।
विभाग ने इस काम को समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। तीन महीने में पंप हाउस अपग्रेडेशन का काम पूरा होने के बाद इसकी क्षमता और कार्यप्रणाली में सुधार आने की उम्मीद है।
अब देखने वाली बात होगी कि PWD की यह नई व्यवस्था दिल्ली के ITO को मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से कितनी राहत दिला पाती है। फिलहाल विभाग ने बारिश से पहले तैयारियों को तेज कर दिया है।





