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पीपी चौधरी ने वन नेशन-वन इलेक्शन JPC मीटिंग की अध्यक्षता की

SHIDDHANT
4 Dec 2025 8:38 PM IST
पीपी चौधरी ने वन नेशन-वन इलेक्शन JPC मीटिंग की अध्यक्षता की
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Delhi दिल्ली: भाजपा सांसद और JPC (जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी) के चेयरपर्सन पीपी चौधरी ने आज वन नेशन-वन इलेक्शन (ONE NATION ONE ELECTION) पर JPC की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और 23वें लॉ कमीशन ऑफ़ इंडिया के चेयरपर्सन दिनेश माहेश्वरी भी उपस्थित रहे। बैठक में देश में समान समय पर लोकसभा और विधानसभा चुनाव आयोजित करने की प्रक्रिया और उससे जुड़े कानूनी, प्रशासनिक एवं संवैधानिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
JPC
के तहत यह पहल चुनाव प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।
पीपी चौधरी ने बैठक के दौरान कहा कि वन नेशन-वन इलेक्शन लागू होने से चुनाव खर्च में कमी, प्रशासनिक सुधार और नीति क्रियान्वयन में तेज़ी आएगी। उन्होंने यह भी जोर दिया कि JPC का मुख्य उद्देश्य केवल प्रस्ताव तैयार करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत किया जाए और चुनाव प्रक्रिया और निष्पक्ष बने। बैठक में दिनेश माहेश्वरी ने सुप्रीम कोर्ट के दृष्टिकोण और संवैधानिक अनुशासन पर विस्तार से विचार साझा किया। उन्होंने कहा कि वन नेशन-वन इलेक्शन पर कोई भी फैसला संसदीय मंजूरी, संविधान संशोधन और व्यापक जनभागीदारी के बिना नहीं लिया जा सकता। उन्होंने JPC को सुझाव दिया कि विभिन्न राजनीतिक दलों, राज्य सरकारों और निर्वाचन आयोग की राय भी इस प्रक्रिया में शामिल की जाए।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि वन नेशन-वन इलेक्शन लागू होने पर राज्यों और केंद्र सरकारों के बीच शक्तियों का संतुलन कैसे सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों और संघीय ढांचे का पालन हो। इसके साथ ही निर्वाचन आयोग के सशक्तिकरण और स्वतंत्रता की भी समीक्षा की गई। इस JPC बैठक में सांसदों ने सुझाव दिया कि चुनाव प्रक्रिया में डिजिटल वोटिंग, ई-रिकॉर्डिंग और मतदाता सूची अपडेट जैसी तकनीकी सुधारों को भी शामिल किया जाए। इसके अलावा, चुनावी खर्च पर नियंत्रण और समान अवसरों की गारंटी पर भी जोर दिया गया।
बैठक के अंत में पीपी चौधरी ने कहा कि वन नेशन-वन इलेक्शन पर JPC की रिपोर्ट जल्द संसद में पेश की जाएगी, ताकि संसद सदस्य और जनता दोनों इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर विचार कर सकें। उन्होंने सभी सदस्यों से सहयोग की अपील की और कहा कि देश के लोकतंत्र को और मजबूत बनाने के लिए यह पहल अहम है। इस बैठक ने यह स्पष्ट किया कि वन नेशन-वन इलेक्शन न केवल चुनाव सुधार की दिशा में कदम है, बल्कि यह भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में स्थायित्व और समरसता लाने का भी अवसर है।
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