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कांग्रेस पर पूनावाला का तीखा हमला

Kavita2
21 Aug 2026 9:41 AM IST
कांग्रेस पर पूनावाला का तीखा हमला
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से इस्तीफा देने के बाद पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। पूनावाला ने कांग्रेस के कथित ‘इकोसिस्टम’ पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके खिलाफ बयानबाजी कराने के लिए कुछ पत्रकारों को पैसे दिए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा छोड़ने के बाद कांग्रेस से जुड़े कुछ लोगों ने उनसे संपर्क करने और बातचीत शुरू करने की कोशिश की थी। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कोई दस्तावेज या प्रमाण पेश नहीं किया है।

पूनावाला ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में भाजपा छोड़ने के बाद कांग्रेस की ओर से कथित तौर पर आए संदेशों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ लोगों को लगा कि भाजपा छोड़ने के बाद वह पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलेंगे। इसी उम्मीद में उनके पास बातचीत के प्रयास किए गए। पूनावाला के मुताबिक, उन्हें ऐसे संदेश भेजे गए जिनमें भाजपा छोड़ने को लेकर सहानुभूति जताई गई और कहा गया कि उनके साथ जो हुआ, वह गलत हुआ।

उन्होंने वीडियो में दावा किया कि उन्हें यह संदेश भी दिए गए कि भाजपा मुसलमानों के साथ हमेशा ऐसा ही व्यवहार करती है। पूनावाला ने कहा कि उन्होंने इस तरह की बातों का जवाब अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट करते हुए दिया। उनके मुताबिक, उन्होंने संदेश भेजने वालों से कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक हैं और भाजपा जैसी कोई दूसरी पार्टी उन्हें पसंद नहीं है।

पूनावाला ने यह भी कहा कि वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनने नहीं देंगे। उनका यह बयान भाजपा से इस्तीफा देने के बाद भी उनकी राजनीतिक विचारधारा और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति समर्थन को स्पष्ट करता है। उन्होंने अपने वीडियो में कांग्रेस के कथित प्रयासों को लेकर कई सवाल उठाए और कहा कि पार्टी को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए थी कि भाजपा से अलग होने के बाद उनका राजनीतिक रुख बदल जाएगा।

भाजपा से इस्तीफे के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा

शहजाद पूनावाला ने अगस्त में भाजपा के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का निर्णय सार्वजनिक किया था। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन को दोबारा इस्तीफा भेजकर इसे स्वीकार करने का अनुरोध किया था। इससे पहले 30 जुलाई को भी उन्होंने इस्तीफा दिया था, लेकिन पार्टी ने तत्काल इसे स्वीकार नहीं किया था और उन्हें फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था। बाद में लंबे विचार-विमर्श के बाद पूनावाला ने अपने फैसले पर कायम रहने की बात कही।

अपने इस्तीफे में पूनावाला ने आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों को फैसले की प्रमुख वजह बताया था। उन्होंने कहा था कि वह पार्टी संगठन और राष्ट्रीय प्रवक्ता की भूमिका से अलग हो रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की विचारधारा के प्रति उनका समर्थन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि वह आगे निजी क्षेत्र में जाने की योजना बना रहे हैं।

इस्तीफे के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई गईं। खास तौर पर कांग्रेस से उनके पुराने संबंधों को देखते हुए यह सवाल उठे कि क्या वह दोबारा कांग्रेस का रुख कर सकते हैं। पूनावाला ने अपने ताजा वीडियो में इन अटकलों को खारिज करने की कोशिश करते हुए स्पष्ट किया कि भाजपा छोड़ने का अर्थ कांग्रेस में वापसी नहीं है।

कांग्रेस से पुराने रिश्ते, फिर भाजपा में आए थे

शहजाद पूनावाला का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ था। वर्ष 2017 में उन्होंने कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव और राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे। इसके बाद वह भाजपा में शामिल हुए और पार्टी के प्रमुख टीवी प्रवक्ताओं में शामिल हो गए। पिछले कई वर्षों में वह टीवी डिबेट और राजनीतिक कार्यक्रमों में भाजपा का पक्ष मजबूती से रखते नजर आए।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर पूनावाला विपक्ष, खासकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर लगातार हमलावर रहे। यही वजह है कि भाजपा से उनके इस्तीफे के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर काफी चर्चा हुई। हालांकि, इस्तीफा देते समय उन्होंने स्पष्ट किया कि वह संगठनात्मक जिम्मेदारियों से अलग हो रहे हैं, न कि प्रधानमंत्री मोदी या भाजपा की विचारधारा से।

पत्रकारों को पैसे देने के आरोप पर विवाद की संभावना

अपने ताजा आरोपों में पूनावाला ने कांग्रेस के कथित ‘इकोसिस्टम’ पर उनके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि कुछ पत्रकारों को उनके खिलाफ बयान देने के लिए पैसे दिए गए। यह आरोप राजनीतिक रूप से गंभीर है, लेकिन फिलहाल इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आने के बाद ही तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

पूनावाला के आरोपों के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा के बीच ‘इकोसिस्टम’ की राजनीति को लेकर बहस तेज होने के आसार हैं। भाजपा छोड़ने के बावजूद मोदी के प्रति समर्थन जताने और कांग्रेस में लौटने से इनकार करने वाले पूनावाला ने अपने वीडियो के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनका पार्टी छोड़ने का फैसला राजनीतिक विचारधारा बदलने का संकेत नहीं है।

फिलहाल पूनावाला ने भाजपा के संगठनात्मक पदों से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने निजी क्षेत्र में जाने की बात कही है, लेकिन राजनीतिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता बनी हुई है। कांग्रेस पर लगाए गए ताजा आरोपों ने उनके इस्तीफे के बाद की राजनीति को फिर सुर्खियों में ला दिया है। अब निगाहें इस बात पर रहेगी कि कांग्रेस इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और पूनावाला आने वाले दिनों में अपनी राजनीतिक भूमिका को किस रूप में आगे बढ़ाते हैं।

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