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दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण ने फिर पकड़ी रफ्तार, पीएम2.5 37.9 फीसदी बढ़ा

दिल्ली: मानसून की बारिश दिल्ली-एनसीआर को प्रदूषण से कुछ समय की राहत देती है, लेकिन बारिश थमते ही हवा फिर खराब होने लगती है। इस साल मानसून के 92 दिनों में दिल्ली को केवल एक दिन अच्छी वायु गुणवत्ता मिली। बारिश के बाद 48 घंटे के भीतर पीएम2.5 के स्तर में 37.9 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की रिपोर्ट के मुताबिक जून से अगस्त 2026 के बीच दिल्ली में 576.9 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बावजूद सिर्फ 9 जुलाई को हवा अच्छी श्रेणी में रही। बारिश की छह घटनाओं के विश्लेषण में पाया गया कि बारिश के दौरान पीएम2.5 का स्तर 40.6 से घटकर 32.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर हो गया, लेकिन 48 घंटे बाद यह बढ़कर 45.1 माइक्रोग्राम तक पहुंच गया।
मानसून के 92 दिनों में 53 दिन हवा मध्यम, 35 दिन संतोषजनक, तीन दिन खराब और केवल एक दिन अच्छी श्रेणी में रही। 30 सितंबर को दिल्ली का एक्यूआई 129 दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 71 था।
विशेषज्ञों के अनुसार बारिश हवा में मौजूद प्रदूषक कणों को कुछ समय के लिए नीचे बैठा देती है, लेकिन वाहनों, उद्योगों, कचरा जलाने और निर्माण गतिविधियों से उत्सर्जन जारी रहने के कारण प्रदूषण फिर बढ़ जाता है। मानसून की विदाई के बाद अब सर्दियों में दिल्ली-एनसीआर की हवा और खराब होने की आशंका बढ़ गई है।





