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राहुल गांधी के देहरादून कार्यक्रम पर सियासत तेज, अनुमति रद्द होने पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने

Kavita2
15 July 2026 4:14 PM IST
राहुल गांधी के देहरादून कार्यक्रम पर सियासत तेज, अनुमति रद्द होने पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने
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नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 17 जुलाई को देहरादून के परेड ग्राउंड में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। कार्यक्रम की अनुमति रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है।

BJP ने बुधवार को कांग्रेस के उस आरोप की आलोचना की, जिसमें पार्टी ने कहा था कि राहुल गांधी के कार्यक्रम की अनुमति जानबूझकर रद्द की गई है। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि कांग्रेस के कार्यक्रम के लिए कई अन्य स्थान पहले से उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन पार्टी ने राजनीतिक विवाद खड़ा करने का प्रयास किया।

मामला राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ से जुड़ा है। कांग्रेस की ओर से 17 जुलाई को देहरादून के परेड ग्राउंड में इस कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित था। इसमें राहुल गांधी के छात्रों से संवाद करने की योजना थी।

जिला प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति रद्द करते हुए कहा कि परेड ग्राउंड में पहले से एक अन्य कार्यक्रम निर्धारित है। प्रशासन के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने विरोध जताया और मंगलवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में धरना प्रदर्शन किया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में प्रशासन ने राहुल गांधी के कार्यक्रम को रोकने की कोशिश की है। पार्टी का कहना है कि छात्रों से जुड़े कार्यक्रम को लेकर अनुमति रद्द करना लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करने वाला कदम है।

वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रशासन ने नियमों के अनुसार फैसला लिया है और किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम को रोकने की मंशा नहीं थी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराए गए थे।

भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस जानबूझकर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए किसी भी बड़े आयोजन के लिए स्थान और अनुमति की प्रक्रिया तय की जाती है।

कांग्रेस की ओर से आयोजित धरने में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के फैसले का विरोध किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी का कार्यक्रम छात्रों की समस्याओं और उनकी आवाज को उठाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा था।

कांग्रेस का कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संवाद के लिए आयोजित कार्यक्रम को रोकना गलत है। पार्टी ने प्रशासन से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

इस पूरे विवाद के बीच जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि किसी भी कार्यक्रम की अनुमति सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और पहले से तय आयोजनों को ध्यान में रखते हुए दी जाती है। प्रशासन का निर्णय पूरी तरह से व्यवस्थागत कारणों पर आधारित है।

उत्तराखंड में आने वाले समय में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। ऐसे में राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर पैदा हुआ विवाद राज्य की सियासत में नई बहस का कारण बन गया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी आगे भी जारी रह सकती है। कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा बना रही है, जबकि भाजपा प्रशासनिक प्रक्रिया का हवाला देकर कांग्रेस के आरोपों को खारिज कर रही है।

फिलहाल राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम को लेकर आगे की रणनीति तय की जा रही है, जबकि प्रशासन अपने फैसले पर कायम है। आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

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