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अनशन पर सियासत तेज, वांगचुक अस्पताल में भर्ती तो दीपके ने समाप्त की हड़ताल

New Delhi नई दिल्ली : दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। उन्होंने करीब 50 घंटे तक अनशन करने के बाद सोमवार को इसे खत्म करने का फैसला लिया। इससे पहले ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़े तीन छात्रों ने भी अपना लंबा अनशन समाप्त कर दिया था। वहीं, जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है।
जानकारी के मुताबिक, अभिजीत दीपके ने शनिवार सुबह 9 बजकर 36 मिनट पर भूख हड़ताल शुरू की थी। उन्होंने यह कदम उस समय उठाया था, जब सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने उनके अनशन के 21वें दिन शनिवार सुबह सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। इसके बाद दीपके ने उनके समर्थन में अनशन शुरू करने की घोषणा की थी।
करीब दो दिन तक चले अनशन के बाद सोमवार को दीपके ने इसे समाप्त कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर सरकार से बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसी बीच संगठन की ओर से सरकार के साथ बैठक की तैयारी की जानकारी भी दी गई।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि पार्टी की ओर से वह और आशुतोष रांका सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात के लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए संपर्क किया गया था और उनकी मांगें स्पष्ट हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में युवा प्रदर्शन स्थल पर मौजूद हैं और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
हालांकि, सरकार की ओर से इस बैठक या बातचीत को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रदर्शनकारी लगातार अपनी मांगों को लेकर सरकार से संवाद की मांग कर रहे हैं।
इससे पहले ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन से जुड़े तीन छात्रों ने भी अपना 23 दिन लंबा अनशन समाप्त कर दिया था। संगठन के अनुसार, छात्र नेता नेहा बोरा, मनीष कुमार और आमीन अमितोज ने विपक्षी नेताओं और सामाजिक हस्तियों के अनुरोध के बाद अनशन खत्म करने का फैसला लिया। इस प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सांसद मनोज झा, सांसद राजाराम सिंह और अमरा राम के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, प्रोफेसर अतुल सूद और अभिनेता प्रकाश राज व शबाना आजमी शामिल थे।
वहीं, सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर भी जानकारी सामने आई है। वांगचुक ने सोमवार को सफदरजंग अस्पताल प्रशासन से अनुरोध किया कि उन्हें कुछ समय के लिए अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने दावा किया कि वह अब पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं और उनके स्वास्थ्य संबंधी मानक सामान्य हैं।
वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन से अपील की कि उन्हें संसद मार्च में शामिल होने के लिए कुछ समय के लिए बाहर जाने की अनुमति दी जाए। हालांकि, उनकी मेडिकल स्थिति और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर ही इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
जंतर-मंतर पर चल रहा यह विरोध प्रदर्शन अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। प्रदर्शनकारियों की मांगों, सरकार से बातचीत और आंदोलन से जुड़े नेताओं की स्वास्थ्य स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली बातचीत से आंदोलन की दिशा तय होने की संभावना है।





