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रायहान वाड्रा की तस्वीरें हटाने पर सियासी बवाल कांग्रेस ने उठाए सवाल
Ratna Netam
22 Oct 2026 2:40 PM IST

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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गुरुवार को कलाकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। दिल्ली के बीकानेर हाउस में आयोजित कलाकार और फोटोग्राफर रायहान वाड्रा की प्रदर्शनी से कई तस्वीरें हटाए जाने के विवाद के बीच उन्होंने सरकार के रवैये की आलोचना की। पवन खेड़ा ने कहा कि कलाकारों को अपनी कला के माध्यम से विचार व्यक्त करने की पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार को युवाओं की कलात्मक अभिव्यक्ति से आपत्ति क्यों है।रायहान वाड्रा कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा के बेटे हैं। उनकी फोटोग्राफी प्रदर्शनी में दिल्ली में हुए विभिन्न विरोध प्रदर्शनों और युवा आंदोलनों से जुड़ी तस्वीरें शामिल थीं। इन तस्वीरों को हटाए जाने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है।
कलाकारों की स्वतंत्रता पर पवन खेड़ा ने उठाए सवाल
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में पवन खेड़ा ने कहा कि रायहान वाड्रा एक कलाकार हैं और उन्हें अपनी रचनात्मकता के जरिए विचार व्यक्त करने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की अलग-अलग माध्यमों से होने वाली अभिव्यक्ति को स्वीकार नहीं कर पा रही है।खेड़ा ने कहा, "रायहान वाड्रा एक कलाकार हैं। हमें समझ नहीं आ रहा कि यह सरकार किसी कलाकार की कलात्मक अभिव्यक्ति के खिलाफ क्यों है। हम रोज ऐसे उदाहरण देखते हैं, जिनसे पता चलता है कि यह सरकार युवाओं द्वारा अलग-अलग माध्यमों, जिसमें कला भी शामिल है, से अपनी राय रखने के खिलाफ है।"उन्होंने कहा कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके जरिए समाज की वास्तविकताओं, विचारों और भावनाओं को भी सामने लाया जाता है।
प्रदर्शनी से 74 तस्वीरें हटाने पर विवाद
जानकारी के अनुसार, दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में रायहान वाड्रा की 'नो आइडिया इज फाइनल' नामक फोटोग्राफी प्रदर्शनी आयोजित की गई है। इसमें कुल 105 तस्वीरें प्रदर्शित की जानी थीं। रायहान के अनुसार, प्रबंधन ने इनमें से 74 तस्वीरों को हटाने या बदलने के निर्देश दिए थे।इन तस्वीरों में दिल्ली में हुए छात्र आंदोलनों, युवाओं के विरोध प्रदर्शनों और सार्वजनिक गतिविधियों से जुड़े दृश्य शामिल थे। रायहान ने दावा किया कि प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले उन्हें तस्वीरें हटाने के लिए कहा गया।
तिरंगे की तस्वीरों पर भी जताई गई आपत्ति
रायहान वाड्रा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनी में शामिल राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीरों पर भी आपत्ति जताई गई थी। उन्होंने इस फैसले को अनुचित बताते हुए कहा कि एक कलाकार के रूप में उन्होंने सामाजिक आंदोलनों और सार्वजनिक घटनाओं को कैमरे में कैद किया है।रायहान के मुताबिक, उनकी तस्वीरों का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का प्रचार करना नहीं, बल्कि समाज में हो रही गतिविधियों का दस्तावेजीकरण करना था।उन्होंने कहा कि कला पर प्रतिबंध लगाने से विचारों को समाप्त नहीं किया जा सकता। कलाकार अपनी रचनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए दूसरे रास्ते तलाश सकते हैं।
प्रियंका गांधी ने भी जताई नाराजगी
इस पूरे विवाद पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तस्वीरें हटाए जाने के फैसले को अनुचित बताते हुए इसे युवाओं की आवाज दबाने से जोड़ा।कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी इस मामले में बीकानेर हाउस प्रबंधन के फैसले पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक समाज में कलाकारों को अपने विचार और अनुभव प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
बीकानेर हाउस प्रबंधन का पक्ष
रिपोर्टों के अनुसार, रायहान को बताया गया था कि तस्वीरों की राजनीतिक प्रकृति और प्रदर्शनी के समय को लेकर आपत्ति थी। बीकानेर हाउस की बुकिंग नीति में राजनीतिक सामग्री संबंधी प्रतिबंध का भी उल्लेख किया गया है।हालांकि, तस्वीरें हटाए जाने के फैसले पर बीकानेर हाउस प्रशासन की ओर से विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। इसलिए इस मामले में प्रबंधन की आपत्तियों और कलाकार के आरोपों को अलग-अलग देखना महत्वपूर्ण है।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज
इस घटनाक्रम ने कला, राजनीतिक विषयों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर नई बहस को जन्म दिया है। एक ओर कांग्रेस नेता तस्वीरें हटाए जाने को कलात्मक स्वतंत्रता से जोड़ रहे हैं, वहीं प्रदर्शनी स्थल की निर्धारित नीतियों और उनके पालन का सवाल भी सामने आया हैरायहान वाड्रा की प्रदर्शनी 25 अक्टूबर तक सीमित तस्वीरों के साथ जारी रहने की जानकारी है। उन्होंने हटाई गई तस्वीरों को किसी अन्य स्थान पर प्रदर्शित करने की इच्छा भी जताई है।फिलहाल यह विवाद राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ इस सवाल पर केंद्रित है कि सार्वजनिक सांस्कृतिक स्थलों पर राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी कलाकृतियों को प्रदर्शित करने की सीमाएं क्या होनी चाहिए।
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