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Karnataka: में सियासी घमासान HD कुमारस्वामी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
Ratna Netam
28 Oct 2026 5:58 PM IST

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बेंगलुर : 28 अक्टूबर 2026। कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (JDS) के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने राज्य पुलिस पर जेडीएस कार्यकर्ताओं को परेशान करने और उनके खिलाफ कथित तौर पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे कथित अत्याचार और उत्पीड़न में शामिल पुलिस अधिकारियों की पहचान तथा उनकी कार्रवाई का रिकॉर्ड रखें। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस तंत्र का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। उनका यह बयान पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच को लेकर जारी विवाद के बीच आया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न किए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जेडीएस कार्यकर्ताओं को कुमारस्वामी का संदेश
एचडी कुमारस्वामी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उनसे कथित उत्पीड़न की घटनाओं का विवरण सुरक्षित रखने को कहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारी सत्ता के दबाव में काम कर रहे हैं और विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।कुमारस्वामी का कहना है कि पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना और निष्पक्ष जांच करना है, न कि राजनीतिक दलों के हितों के अनुसार कार्रवाई करना।उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि जेडीएस उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगी।हालांकि, पुलिस अधिकारियों के नाम नोट करने संबंधी उनके कथित बयान के सटीक शब्दों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।
सिद्धारमैया के कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ा विवाद
कर्नाटक में जारी राजनीतिक विवाद की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से संबंधित एक कथित स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद हुई।रिपोर्टों के अनुसार, यह वीडियो वर्ष 2023 में रिकॉर्ड किए गए एक कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ा बताया जा रहा है। सितंबर 2026 में इसके कुछ हिस्से सोशल मीडिया पर सामने आए।सिद्धारमैया ने इस वीडियो को फर्जी और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।इसके बाद बेंगलुरु पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा ने मामले की जांच शुरू की।जांच में वीडियो बनाने वाले लोगों, इसे सोशल मीडिया पर साझा करने वाले खातों और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस पर जेडीएस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का आरोप
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी पार्टी के सोशल मीडिया विभाग से जुड़े कार्यकर्ताओं को पूछताछ के नाम पर परेशान किया।उन्होंने दावा किया कि जेडीएस की सोशल मीडिया टीम से जुड़े शंकर नामक कार्यकर्ता को बिना उचित नोटिस के पूछताछ के लिए ले जाया गया।कुमारस्वामी के अनुसार, कार्यकर्ता को कई घंटों तक अज्ञात स्थान पर रखा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोहन नामक एक अन्य कार्यकर्ता और उसके परिवार को परेशान किया गया।केंद्रीय मंत्री ने सवाल उठाया कि यदि पुलिस को किसी मामले की जांच करनी है, तो कानून के अनुसार नोटिस जारी करके पूछताछ क्यों नहीं की जा रही।हालांकि, पुलिस जांच में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ किसी अपराध का दोष सिद्ध नहीं हुआ है।
पुलिस आयुक्त कार्यालय में दिया था धरना
पुलिस की कार्रवाई के विरोध में कुमारस्वामी ने 15 अक्टूबर को बेंगलुरु पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचकर धरना दिया था।उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा था कि यदि जांच एजेंसियों को इस मामले में उनसे पूछताछ करनी है, तो वे इसके लिए तैयार हैं।कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि मामले के वास्तविक तथ्यों की जांच करने के बजाय उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पुलिस को वीडियो तैयार करने वालों और उसके प्रसार में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए।इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सरकार के खिलाफ भी कई राजनीतिक आरोप लगाए थे।
डीजीपी कार्यालय तक निकाला विरोध मार्च
कुमारस्वामी ने 17 अक्टूबर को बड़ी संख्या में जेडीएस कार्यकर्ताओं के साथ राज्य पुलिस मुख्यालय तक विरोध मार्च भी निकाला था।इस दौरान उन्होंने पुलिस महानिदेशक एमए सलीम को ज्ञापन सौंपाज्ञापन में कथित स्टिंग ऑपरेशन के पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई।इसके अलावा पूरे मामले की उच्चस्तरीय विशेष जांच दल से जांच कराने की मांग भी उठाई गई।जेडीएस नेताओं का आरोप है कि वीडियो से जुड़े विवाद में कई सवालों के जवाब मिलना बाकी हैं।पार्टी ने कहा कि वास्तविक तथ्यों को सामने लाने के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जरूरी है।
प्रियंक खरगे ने कुमारस्वामी के आरोपों का दिया जवाब
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने कुमारस्वामी के आरोपों पर पलटवार किया है।उन्होंने सवाल उठाया कि एक ओर कुमारस्वामी मामले की जांच कराने की मांग करते हैं, लेकिन जब पुलिस उनके दल से जुड़े लोगों से पूछताछ करती है, तो उसका विरोध क्यों किया जाता है।खरगे ने कहा कि पुलिस जांच में जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध होगी, उनसे कानून के अनुसार पूछताछ की जाएगी।उनका कहना है कि किसी राजनीतिक दल से जुड़ा होने के कारण जांच से छूट नहीं मिल सकती।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की जांच जारी है और सभी संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।इस तरह जेडीएस और कांग्रेस के बीच पुलिस की कार्रवाई को लेकर मतभेद सामने आए हैं।
कार्यकर्ताओं से जांच में सहयोग करने की भी अपील
इस विवाद के बीच कुमारस्वामी ने 25 अक्टूबर को अपने रुख में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए जेडीएस के सोशल मीडिया और वार रूम से जुड़े कार्यकर्ताओं से पुलिस जांच में सहयोग करने की अपील की।उन्होंने कहा कि पुलिस जब भी पूछताछ के लिए बुलाए, कार्यकर्ताओं को जाना चाहिए।कुमारस्वामी ने जांच अधिकारियों को आवश्यक उपकरण और संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की भी बात कही।उन्होंने कहा कि वे जानना चाहते हैं कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है।साथ ही उन्होंने कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई और अधिकारियों को पांच दिन का अतिरिक्त समय देने की बात कही।
पुलिस की निष्पक्षता पर छिड़ी राजनीतिक बहस
इस पूरे विवाद ने कर्नाटक में पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को लेकर बहस तेज कर दी है।जेडीएस का आरोप है कि उसके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि कांग्रेस सरकार का कहना है कि पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच कर रही है।विशेषज्ञों के अनुसार, किसी आपराधिक मामले में पुलिस को निष्पक्ष जांच करने का अधिकार है। हालांकि, पूछताछ और हिरासत की प्रक्रिया में संबंधित व्यक्तियों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों का पालन भी आवश्यक है।किसी अधिकारी के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगने पर उसकी जांच उपलब्ध साक्ष्यों और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जानी चाहिए।
कर्नाटक की राजनीति में बढ़ा टकराव
एचडी कुमारस्वामी के आरोपों और कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाओं से कर्नाटक में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।कुमारस्वामी लगातार कथित स्टिंग ऑपरेशन की निष्पक्ष जांच और जेडीएस कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित उत्पीड़न रोकने की मांग कर रहे हैं।दूसरी ओर, कांग्रेस सरकार पुलिस जांच को प्रभावित नहीं करने और सभी संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की आवश्यकता पर जोर दे रही है।फिलहाल, जांच एजेंसियों ने कथित राजनीतिक साजिश या पुलिस उत्पीड़न के आरोपों पर कोई अंतिम निष्कर्ष घोषित नहीं किया है।अब निगाहें पुलिस जांच की प्रगति और संबंधित अधिकारियों द्वारा आगे की जाने वाली कार्रवाई पर रहेंगी।
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