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दिल्ली-एनसीआर
दिल्ली में प्रतिबंधों पर सियासी घमासान, AAP-कांग्रेस ने केंद्र को घेरा
Kiran
11 Oct 2026 8:24 AM IST

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Delhi शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन में लोगों को शामिल होने से रोकने के लिए दिल्ली में 'अघोषित इमरजेंसी' जैसी सुरक्षा पाबंदियां लगाई हैं। वहीं, BJP ने इस प्रदर्शन को "पूरी तरह फ्लॉप" बताया। यह विरोध प्रदर्शन 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया में वोट चोरी और गड़बड़ी के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए किया गया था। 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने, ट्रैफिक डायवर्जन और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने जैसी सुरक्षा पाबंदियों के कारण राजधानी के कई हिस्सों में आवाजाही बाधित हुई।
AAP विधायक गोपाल राय ने केंद्र पर कुमार को बचाने के लिए "काली इमरजेंसी" लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय दिल्ली को छावनी में बदल दिया गया है। राय ने कहा, "आज, कुमार को बचाने के लिए आपने दिल्ली को छावनी में बदल दिया है। लेकिन याद रखें, आप चाहे कितनी भी फोर्स तैनात कर लें, यह आंदोलन दबाया नहीं जा सकेगा।"
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (DPCC) के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि 45,000 से ज़्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती से दिल्ली के बड़े हिस्से ठप पड़ गए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन पाबंदियों का असर गंभीर रूप से बीमार मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंस, यात्रियों, दिहाड़ी मजदूरों और व्यापारियों पर पड़ा है। यादव ने 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने, ट्रांसपोर्ट सेवाओं को रोकने और बाजारों व कमर्शियल प्रतिष्ठानों पर पाबंदियां लगाने की आलोचना की। उन्होंने तर्क दिया कि इन उपायों से त्योहारों के मौसम में लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पत्रकारों को विरोध स्थल में घुसने से रोका गया और प्रदर्शन में शामिल होने वाले वकीलों को हिरासत में लिया गया।
वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर दिल्ली के निवासियों के कल्याण से ऊपर राजनीतिक हितों को रखने का आरोप लगाया।
X पर एक पोस्ट में, CM गुप्ता ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और CJP पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी हार के बाद वे राजधानी की शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने पूछा, "ऑफिस जाने वालों, अपने परिवार के लिए रोजी-रोटी कमाने वाले दिहाड़ी मजदूरों और अस्पताल पहुंचने की कोशिश कर रहे मरीजों को जो परेशानी हुई, उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?" गुप्ता ने कहा कि दिल्ली ने विकास के लिए वोट दिया है और ज़ोर देकर कहा कि लोकतंत्र के नाम पर शहर को "बंधक" बनाने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने भी विरोध प्रदर्शन के आह्वान को नाकाम बताते हुए कहा कि न तो CJP और न ही AAP के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में वहाँ पहुँचे। मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि CJP नेता अभिजीत दिपके और उनके साथियों ने सड़कों पर उतरने के बजाय पुलिस के साथ अपनी फ़्लाइट की जानकारी साझा करके अपनी गिरफ़्तारी का इंतज़ाम किया। उन्होंने दावा किया कि इस घटना से युवाओं के बीच उनकी विश्वसनीयता कम हुई है। मल्होत्रा ने आगे आरोप लगाया कि सुबह 11 बजे के बाद विरोध स्थल पर कम्युनिस्ट युवा संगठन के बहुत कम लोग ही दिखे।
गिरफ़्तार प्रदर्शनकारियों के लिए यूथ कांग्रेस ने शुरू की कानूनी हेल्पलाइन 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की माँग के दौरान प्रदर्शनकारियों की गिरफ़्तारी के बीच, इंडियन यूथ कांग्रेस ने शनिवार को दिल्ली में हिरासत, धमकी या उत्पीड़न का सामना कर रहे लोगों की मदद के लिए एक कानूनी हेल्पलाइन शुरू की।
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