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Paper लीक पर सियासी घमासान, उमर-नड्डा आमने-सामने

Ratna Netam
23 July 2026 3:02 PM IST
Paper  लीक पर सियासी घमासान, उमर-नड्डा आमने-सामने
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नई दिल्ली : देशभर में NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर विपक्षी दल और छात्र संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्र सरकार से जवाब मांग रहे हैं। इसी बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के एक बयान पर सवाल उठाते हुए उन्हें सही तथ्य और तारीख याद दिलाई है।

दरअसल, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार रात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था कि पेपर लीक के मामलों को लेकर विपक्ष केवल राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के शासन वाले राज्यों में सामने आए कथित पेपर लीक मामलों का जिक्र किया था।

इसी दौरान जेपी नड्डा ने जम्मू-कश्मीर में हुए सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (SSB) परीक्षा पेपर लीक मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया था कि जम्मू-कश्मीर में पेपर लीक की घटना उस समय हुई थी, जब वहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार थी।

जेपी नड्डा के इस बयान पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री ने घटना का जिक्र तो सही किया, लेकिन उसकी तारीख को लेकर गलती की है।

उमर अब्दुल्ला ने लिखा कि जम्मू-कश्मीर में SSB पेपर लीक का मामला वर्ष 2022 का है। उस समय जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार नहीं थी, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त उपराज्यपाल के नेतृत्व में प्रशासन चल रहा था।

उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि इस मामले की याद दिलाने के लिए वह जेपी नड्डा का धन्यवाद करते हैं, लेकिन उन्हें सही समय और परिस्थितियों की जानकारी भी रखनी चाहिए। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि किसी भी घटना का राजनीतिक इस्तेमाल करने से पहले उसके तथ्यों को देखना जरूरी है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के साथ जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के आदेश की एक प्रति भी साझा की। उन्होंने बताया कि पेपर लीक मामले के बाद हाईकोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया था कि जम्मू-कश्मीर सर्विस सिलेक्शन बोर्ड की कार्यप्रणाली की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाए।

उन्होंने कहा कि इस समिति की अध्यक्षता हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को करनी थी। उमर अब्दुल्ला ने सवाल उठाया कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उस कमेटी की रिपोर्ट का क्या हुआ और उस पर क्या कार्रवाई की गई।

उन्होंने जेपी नड्डा से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके पास इस जांच समिति या उसकी रिपोर्ट से जुड़ी कोई जानकारी है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इससे पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

वहीं, NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। विपक्ष जहां शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे विवाद के बीच उमर अब्दुल्ला और जेपी नड्डा के बीच हुई बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। एक तरफ भाजपा विपक्ष पर पेपर लीक के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगा रही है, वहीं विपक्ष सरकार की जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और सड़क दोनों जगह राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना है।

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