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छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर सियासी घमासान BJP ने शेयर किया VIDEO

Ratna Netam
21 Aug 2026 7:32 PM IST
छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर सियासी घमासान BJP ने शेयर किया VIDEO
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दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी के **'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम** को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया है कि कांग्रेस इस कार्यक्रम में लोगों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को शामिल होने के लिए **25 हजार रुपये तक देने की पेशकश कर रही है।** हालांकि, कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को लेकर अभी अलग प्रतिक्रिया सामने आई है।
बीजेपी की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया गया है। पार्टी का दावा है कि इस वीडियो में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कांग्रेस कार्यकर्ता के बीच बातचीत सुनाई दे रही है, जिसमें एक कार्यक्रम में आने के बदले 25 हजार रुपये देने की बात कही जा रही है। बीजेपी ने इसे राहुल गांधी के कार्यक्रम में भीड़ जुटाने की कोशिश बताया है।
BJP ने लगाया बड़ा आरोप
बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस के पास युवाओं और छात्रों का वास्तविक समर्थन नहीं है, इसलिए कार्यक्रम में लोगों को बुलाने के लिए पैसे का सहारा लिया जा रहा है। बीजेपी प्रवक्ताओं ने इसे कांग्रेस की "पीआर रणनीति" बताते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा है।
बीजेपी की ओर से कहा गया कि अगर किसी कार्यक्रम में युवाओं की स्वाभाविक भागीदारी होती तो उन्हें पैसे देकर बुलाने की जरूरत नहीं पड़ती। पार्टी ने वायरल वीडियो के आधार पर कांग्रेस से जवाब मांगा है।
क्या है 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम?
राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' अभियान छात्रों और युवाओं से संवाद करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, युवाओं की समस्याओं और उनके अधिकारों जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
इस अभियान के तहत राहुल गांधी पहले भी छात्रों से संवाद कर चुके हैं। देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए थे, जहां उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी थी।
पुणे में होने वाला है अगला कार्यक्रम
राहुल गांधी का अगला 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पुणे में आयोजित किया जा रहा है। कांग्रेस के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य खासतौर पर छात्राओं और युवाओं की समस्याओं को सुनना है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस अभियान के जरिए युवाओं को अपनी बात रखने का मंच दिया जा रहा है और शिक्षा, सुरक्षा, समान अवसर जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
वायरल वीडियो पर उठे सवाल
बीजेपी द्वारा शेयर किए गए वीडियो को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वायरल बातचीत में 25 हजार रुपये देने की बात कही जा रही है, लेकिन उस बातचीत में सीधे तौर पर राहुल गांधी, 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम या कांग्रेस का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया गया है।
ऐसे में वीडियो की सत्यता और पूरे संदर्भ को लेकर जांच की जरूरत है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो कई बार अधूरी जानकारी के साथ भी सामने आते हैं।
कांग्रेस का पक्ष
कांग्रेस की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम युवाओं की आवाज उठाने का मंच है। पार्टी नेताओं का कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विरोध के बजाय गंभीरता से समझने की जरूरत है।
कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है और कहा है कि युवाओं की भागीदारी किसी पैसे के कारण नहीं बल्कि मुद्दों के कारण हो रही है।
राजनीतिक घमासान तेज
राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। एक ओर बीजेपी इसे भीड़ जुटाने की कोशिश बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे युवाओं की आवाज को मंच देने वाला अभियान बता रही है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है, क्योंकि दोनों दल युवाओं और छात्रों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल वायरल वीडियो और बीजेपी के आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। अब नजर इस बात पर है कि कांग्रेस इस दावे पर कोई विस्तृत जवाब देती है या नहीं और क्या इस मामले में कोई और तथ्य सामने आते हैं।
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