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मतदाता सूची SIR को लेकर सियासी घमासान तेज, जेपी नड्डा ने राहुल गांधी समेत विपक्ष पर साधा निशाना

Kavita2
28 Sept 2026 1:19 PM IST
मतदाता सूची SIR को लेकर सियासी घमासान तेज, जेपी नड्डा ने राहुल गांधी समेत विपक्ष पर साधा निशाना
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नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। सोमवार को केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा।

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। चुनाव आयोग को लेकर जारी बयानबाजी के बीच दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क सामने रखे हैं।

नड्डा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी बात को बार-बार दोहराने से वह सच साबित नहीं हो जाती।

उन्होंने कहा कि सच्चाई को लंबे समय तक छिपाया नहीं जा सकता। नड्डा ने विपक्ष पर चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

विपक्षी नेताओं पर भी लगाए आरोप

जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के अलावा आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भी नाम लिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश की स्वायत्त और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।

नड्डा ने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य केवल आरोप लगाना और राजनीतिक माहौल बनाना है। उन्होंने विपक्ष की रणनीति को लेकर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस ने की CEC के इस्तीफे की मांग

दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।

कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मामलों को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होनी चाहिए।

SIR प्रक्रिया बना विवाद का केंद्र

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर यह विवाद शुरू हुआ। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं।

वहीं, भाजपा और सरकार की ओर से कहा गया है कि मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखने के लिए ऐसी प्रक्रियाएं जरूरी होती हैं।

चुनाव आयोग की भूमिका पर बहस

चुनाव आयोग देश की संवैधानिक संस्था है, जो चुनाव प्रक्रिया को संचालित करती है। हाल के दिनों में आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस बढ़ी है।

सत्तापक्ष जहां आयोग की स्वतंत्रता और प्रक्रियाओं का समर्थन कर रहा है, वहीं विपक्ष पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठा रहा है।

आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी

SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। दोनों दल एक-दूसरे पर राजनीतिक लाभ के लिए संस्थाओं को लेकर विवाद खड़ा करने का आरोप लगा रहे हैं।

भाजपा नेताओं का कहना है कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना उचित नहीं है, जबकि विपक्ष का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में भरोसा बनाए रखने के लिए जवाबदेही जरूरी है।

राजनीतिक माहौल हुआ गर्म

यह मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है जब मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर राजनीतिक दल सक्रिय हैं।

संसद और सार्वजनिक मंचों पर नेताओं के बयानों के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।

आगे की रणनीति पर नजर

फिलहाल चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर दोनों पक्षों की ओर से बयान जारी हैं। भाजपा जहां विपक्ष के आरोपों का जवाब दे रही है, वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अपनी मांगों को आगे बढ़ा रहे हैं।

आने वाले दिनों में SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है।

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