दिल्ली-एनसीआर

अशरफ को लेके पुलिस की टीम पहुंची अहमदाबाद,जानिए पूरा मामला

RAO JI
2 Nov 2021 5:42 PM GMT
अशरफ को लेके पुलिस की टीम पहुंची अहमदाबाद,जानिए पूरा मामला
x

फाइल फोटो 

पढ़े पूरी खबर

जनता से रिस्ता वेबडेसक | दिल्ली समेत देश में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रशिक्षित आतंकी व स्लीपर सेल इस समय मौजूद हैं। इनमें दो आतंकी जम्मू कश्मीर में हैं और दो दिल्ली व अन्य राज्यों में है। इनका पता करने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल आतंकी मोहम्मद अशरफ का नारको टेस्ट करा रही है। स्पेशल सेल आतंकी को अहमदाबाद लेकर गई है और वहां पर उसकी नारको टेस्ट की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में मौजूद आतंकी मोहम्मद अशरफ को दिल्ली के लक्ष्मी नगर से पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था। स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आतंकी पूछताछ में बिल्कुल सहयोग नहीं कर रहा है। वह एक बार कुछ बताता है जबकि दूसरी बार उसे कह देता है कि उसने ऐसे ही बोल दिया था। उनसे बताया कि आईएसआई के करीब चार आतंकी व स्लीपर जम्मू कश्मीर व देश के दूसरे हिस्से में हैं। मगर वह उनके बारे में ठीक से जानकारी नहीं दे रहा है। स्पेशल सेल ने 22 अक्तूबर को मोहम्मद अशरफ का लोधी कॉलोनी स्थित सीबीआई की लैब में पॉलीग्राफ टेस्ट कराया था। इस पॉलीग्राफ टेस्ट के खास नतीजे सामने नहीं आए थे। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने उसके मो. अशरफ का नारको टेस्ट कराने का निर्णया किया है। इसके लिए कोर्ट से अनुमति मिल गई है।

स्पेशल सेल के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मो. अशरफ को नारको टेस्ट के लिए अहमदाबाद ले जाया गया है। नारको टेस्ट में दो से तीन दिन लगेगे। पुलिस इस बात का भी पता करेगी कि मो. अशरफ ने दिल्ली में किस-किस गैंगस्टर व बदमाश से आतंकी वारदातों के लिए संपर्क किया था। पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने मो. अशरफ को आतंकी वारदातों के लिए स्थानीय बदमाशों से संपर्क करने को कहा था।

पॉलीग्राफी व नारको में क्या फर्क है

स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार पॉलीग्राफ टेस्ट में सवाल पूछते वक्त आरोपी का ब्लड प्रेशर व पल्स आदि चैक किया जाता है। सवाल पूछने के बाद आरोपी की बीपी व पल्स बढ़ती या नहीं इस पर सवालों के जवाब निर्भर करते हैं। इसमें कई बार आरोपी झूठ बोलने में सफल हो जाता है। नारको में व्यक्ति को बेहोशी जैसा इंजेक्शन दिया जाता है। इसमें डॉक्टर की निगरानी में सवाल पूछे जाते हैं। नारको टेस्ट में झूठ बोलने की संभावना बहुत कम रहती है।

पुलिस क्यों करा रही है नारको टेस्ट

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी आतंकी पूछताछ में बिल्कुल सहयोग नहीं कर रहा है। वह देश में छिपे आतंकी व अन्य चीजों के बारे में कुछ न बता रहा है। वह हर अफसर के सामने अलग-अलग बातें बोलता है।

Next Story
© All Rights Reserved @ 2022Janta Se Rishta