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जंतर-मंतर धरने में जा रहे AAP पदाधिकारियों को पुलिस ने रोका, प्रदेश प्रवक्ता फैसल खां लाला नजरबंद

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आम आदमी पार्टी के प्रस्तावित धरना प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे स्थानीय पदाधिकारियों को पुलिस ने रोक दिया। गुरुवार देर रात करीब एक बजे पुलिस आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता फैसल खां लाला के आवास पर पहुंची। उस समय फैसल खां अपने अन्य पार्टी पदाधिकारियों के साथ दिल्ली रवाना होने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें घर से बाहर जाने से रोक दिया और कथित तौर पर नजरबंद कर दिया।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की। प्रदेश प्रवक्ता फैसल खां लाला ने कहा कि शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से अपनी बात रखना उनका संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि गांधी जयंती के मौके पर वे अपने साथियों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।
फैसल खां लाला के मुताबिक, उन्होंने अपने जिलाध्यक्ष अंसार और अन्य साथी सभासदों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली जाने की तैयारी की थी। सभी लोग देर रात घर से निकलने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस को उनके कार्यक्रम की जानकारी मिल गई। इसके बाद पुलिस की टीम उनके आवास पर पहुंच गई और उन्हें दिल्ली जाने से रोक दिया।
बताया गया कि पुलिस के पहुंचने के समय पार्टी पदाधिकारी यात्रा की तैयारियों में जुटे हुए थे। अचानक पुलिस के पहुंचने और बाहर निकलने पर रोक लगाए जाने के कारण वे दिल्ली के लिए रवाना नहीं हो सके। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बातचीत भी हुई। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही, लेकिन उन्हें जाने की अनुमति नहीं दी गई।
प्रदेश प्रवक्ता फैसल खां लाला ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक संगठन को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि वे किसी हिंसक गतिविधि या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के उद्देश्य से दिल्ली नहीं जा रहे थे, बल्कि गांधीवादी तरीके से आयोजित किए जा रहे धरना प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने देश को सत्य और अहिंसा का रास्ता दिखाया। ऐसे में गांधी जयंती के अवसर पर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में हिस्सा लेने से रोकना उचित नहीं है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मामला बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित कार्यक्रम में अलग-अलग स्थानों से कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को पहुंचना था। स्थानीय स्तर से भी पार्टी के नेता इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे थे। इसी क्रम में फैसल खां लाला और उनके साथियों ने भी दिल्ली जाने की योजना बनाई थी।
देर रात पुलिस के उनके घर पहुंचने के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई। पार्टी कार्यकर्ताओं को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, उन्होंने भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। हालांकि पुलिस की ओर से किस आधार पर उन्हें बाहर जाने से रोका गया, इसे लेकर उपलब्ध जानकारी में विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
फैसल खां लाला ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि किसी सरकार या व्यवस्था के सामने अपनी मांग रखने के लिए नागरिक या राजनीतिक कार्यकर्ता शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं तो उन्हें ऐसा करने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी अपने मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाती रहेगी।
घटनाक्रम के दौरान पुलिस की टीम फैसल खां लाला के आवास के आसपास मौजूद रही। इसके चलते वह और उनके साथ जाने वाले अन्य पदाधिकारी दिल्ली के लिए रवाना नहीं हो सके। पार्टी नेताओं ने इसे नजरबंदी बताते हुए विरोध दर्ज कराया। साथ ही कहा कि इस तरह की कार्रवाई से उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेताओं के अनुसार जंतर-मंतर पर आयोजित धरना प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारियां पहले से की जा रही थीं। जिलाध्यक्ष अंसार समेत अन्य पदाधिकारियों और सभासदों को भी साथ जाना था। इसके लिए देर रात रवाना होने का कार्यक्रम बनाया गया था, ताकि निर्धारित समय पर दिल्ली पहुंचा जा सके।
इसी दौरान पुलिस को कार्यक्रम की जानकारी मिली और रात करीब एक बजे टीम प्रदेश प्रवक्ता के आवास पर पहुंच गई। पुलिस ने वहां मौजूद नेताओं को बाहर जाने से रोक दिया। इसके बाद पार्टी पदाधिकारियों ने मौके पर ही पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।
फैसल खां लाला ने कहा कि गांधी जयंती के अवसर पर वे गांधीवादी तरीके से अपनी बात रखने के लिए दिल्ली जाना चाहते थे। उन्होंने दावा किया कि उनका कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण था और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने का कोई उद्देश्य नहीं था। इसके बावजूद उन्हें घर से निकलने नहीं दिया गया।
इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर आम आदमी पार्टी और पुलिस प्रशासन के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बन गई है। पार्टी की ओर से पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं पुलिस की कार्रवाई के पीछे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।
फिलहाल प्रदेश प्रवक्ता फैसल खां लाला और उनके साथियों को जंतर-मंतर के धरना प्रदर्शन में जाने से रोके जाने का मामला चर्चा में है। आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने साफ किया है कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपने मुद्दों को उठाते रहेंगे।





