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पुलिस ने किया खुलासा: साक्षी ने ब्लैकमेलिंग से तंग आकर की थी आत्महत्या

Admin Delhi 1
11 Nov 2022 11:57 AM GMT
पुलिस ने किया खुलासा: साक्षी ने ब्लैकमेलिंग से तंग आकर की थी आत्महत्या
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एनसीआर नॉएडा क्राइम न्यूज़: बीते 1 नवंबर को 12वीं मंजिल से गिरकर बीटेक छात्रा साक्षी की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि कोई व्यक्ति उसको ब्लैकमेल कर रहा था। अब तक उससे करीब पौने दो लाख रुपए वसूल चुका था। ये ब्लैकमेल करने वाला कौन था, क्यों ब्लैकमेल कर रहा था, इस बारे में अभी कोई जानकारी पुलिस को नही मिली है। फिलहाल साक्षी के पिता ने खुदकुशी के लिए उकसाने का एक मुकदमा थाना विजयनगर में दर्ज कराया है।

वो 1 नवंबर का दिन था: गौर ग्लोबल विलेज सोसाइटी में 1 नवंबर को साक्षी की 12वीं मंजिल से गिरकर मौत हुई थी। गौर ग्लोबल विलेज सोसाइटी में एक नवंबर को साक्षी की 12वीं मंजिल से गिरकर मौत हुई थी। विजयनगर थाना क्षेत्र के क्रॉसिंग रिपब्लिक एरिया में गौर ग्लोबल विलेज हाउसिंग सोसाइटी है। यहां 12वीं मंजिल पर बैंक एंप्लॉय राजू केलपिया परिवार सहित रहते हैं।

सहपाठियों से मांगे रहे पैसे: 1 नवंबर की शाम करीब 4 बजे राजू की बेटी साक्षी (20) की 12वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। घटना के वक्त साक्षी के माता-पिता सो रहे थे। भाई-बहन लैपटॉप पर ऑफिस वर्क कर रहे थे। पुलिस और परिजन इस जांच में जुटे हुए थे कि ये हादसा है या आत्महत्या। साक्षी गाजियाबाद के प्रतिष्ठित एबीईएस आईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक सेकेंड ईयर की छात्रा थी। साक्षी के पिता राजू केलपिया ने बताया कि इस हादसे से कई दिन बाद उन्होंने अपना मोबाइल देखा तो खाते से कुछ रकम निकलने के मैसेज पड़े हुए थे। इधर, साक्षी के सहपाठी घर पर शोक सांत्वना प्रकट करने के लिए आए। सहपाठियों ने भी ये बताया कि साक्षी ने 31 अक्टूबर और एक नवंबर को यूपीआई के जरिए कुछ छात्रों से रुपए मांगे थे। सहपाठियों के इस बयान के बाद साक्षी का परिवार बैंक में पहुंचा। साक्षी और राजू केलपिया के बैंक खाते की डिटेल्स निकलवाई गई। पता चला कि दोनों खातों से पिछले कुछ दिनों में 1 लाख 75 हजार रुपए निकाले गए हैं।

"प्रताड़ित और ब्लैकमेल किया": साक्षी के पिता राजू केलपिया का कहना है कि कोई उनकी बेटी को प्रताड़ित और ब्लैकमेल कर रहा था। इस वजह से वो उसको लगातार रुपए दे रही थी। इस हादसे में कोई गहरी साजिश है। साक्षी का मोबाइल पुलिस के पास है। पुलिस को उसकी फोरेंसिक लैब से जांच करानी चाहिए और केस का वर्कआउट करके दोषी को सजा देनी चाहिए। सीओ अंशु जैन का कहना है कि हम सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रहे हैं। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। केस को रजिस्टर किया गया है। मोबाइल डिटेल और बैंक खातों की जांच हो रही है। एक पुलिस टीम लड़की के दोस्तों से भी पूछताछ करेगी।

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