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दिल्ली में विपक्ष की महारैली पर पुलिस की पैनी नजर, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
Ratna Netam
30 Oct 2026 6:32 PM IST

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1 नवंबर 2026 को होने वाली विपक्षी INDIA गठबंधन की महारैली को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले इस राजनीतिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है। मध्य दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) रोहित राजबीर ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को बताया कि रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी।डीसीपी रोहित राजबीर ने कहा कि रामलीला मैदान और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। स्थानीय पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की भी सहायता ली जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर लगभग 200 से 250 सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है, ताकि मैदान के प्रमुख हिस्सों और भीड़ की गतिविधियों की निगरानी की जा सके। उन्होंने बताया कि पुलिस लगातार आयोजकों के संपर्क में है और रैली के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
रोहित राजबीर ने कहा कि रामलीला मैदान में राजनीतिक रैलियों का आयोजन कोई नई बात नहीं है। इस वर्ष भी विभिन्न राजनीतिक दलों के तीन से चार बड़े कार्यक्रम यहां आयोजित हो चुके हैं। पुलिस को ऐसे आयोजनों में सुरक्षा प्रबंधन का अनुभव है। हालांकि, इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, क्योंकि कुछ असामाजिक तत्व कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिश कर सकते हैं। पुलिस इसी आशंका को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था तैयार कर रही है।डीसीपी के अनुसार, INDIA गठबंधन की रैली सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होने का कार्यक्रम है। इस दौरान मैदान के प्रवेश और निकास द्वारों पर निगरानी रखी जाएगी। सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ तकनीकी उपकरणों की मदद से भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर पुलिस अधिकारी तत्काल स्थिति के अनुसार निर्णय ले सकेंगे।
दिल्ली पुलिस की ओर से तैयार सुरक्षा योजना के अनुसार, रामलीला मैदान और आसपास के क्षेत्र को 14 सुरक्षा जोन में विभाजित किया गया है। इन जोन की निगरानी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभिन्न रिपोर्टों में लगभग 3,000 से 3,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की तैयारी बताई गई है। इसके अलावा रिजर्व पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान भी व्यवस्था संभालेंगे।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था में केवल सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल ही नहीं किया जाएगा, बल्कि कुछ पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरे भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा निगरानी उपकरणों से लैस वाहनों की सहायता ली जा सकती है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान करना और आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई करना है।
रामलीला मैदान के प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा जांच की व्यवस्था की जा रही है। कार्यक्रम में आने वाले लोगों को निर्धारित रास्तों से प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए मेटल डिटेक्टर और सामान की जांच करने वाले उपकरण लगाए जा रहे हैं। पुलिस का प्रयास है कि बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बावजूद प्रवेश और निकास के दौरान अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।इस बीच दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 1 नवंबर की रैली के लिए कांग्रेस को कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी NOC जारी किया जा चुका है। इससे पहले आयोजन की अनुमति को लेकर कांग्रेस और पुलिस प्रशासन के बीच विवाद की खबरें सामने आई थीं। कांग्रेस की ओर से तैयारियों में बाधा आने के आरोप लगाए गए थे, जबकि दिल्ली पुलिस ने अनुमति वापस लेने की बात से इनकार किया था।
पुलिस के अनुसार, आयोजकों को निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। इनमें कार्यक्रम के दौरान शांति बनाए रखना, रैली के बाहर अनधिकृत मार्च नहीं निकालना, वाहनों को निर्धारित स्थानों पर खड़ा करना और समय सीमा का पालन करना शामिल है। आयोजकों को स्वयंसेवकों, आमंत्रित व्यक्तियों और कार्यक्रम में शामिल होने वाली बसों की जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।रैली के दौरान यातायात व्यवस्था भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी। विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोगों के दिल्ली पहुंचने की संभावना है। ऐसे में रामलीला मैदान के आसपास वाहनों की आवाजाही बढ़ सकती है। ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि आम नागरिकों को कम से कम परेशानी हो। रैली में आने वाले वाहनों की पार्किंग और निर्धारित मार्गों को लेकर भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
कांग्रेस सहित INDIA गठबंधन के विभिन्न राजनीतिक दल इस रैली को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ चलाए जा रहे विरोध अभियान का हिस्सा बता रहे हैं। विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से संबंधित चिंताओं का समाधान नहीं किया गया है।हालांकि, चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रियाओं का बचाव करते हुए कहा है कि उसके आदेश वैधानिक प्रावधानों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार जारी किए जाते हैं। चुनावी अनियमितताओं को लेकर विपक्ष के आरोप राजनीतिक विवाद का विषय बने हुए हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल सहित अन्य नेताओं ने रामलीला मैदान पहुंचकर रैली की तैयारियों का जायजा लिया था। कांग्रेस की ओर से विभिन्न राज्यों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि रैली के माध्यम से चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष का प्रस्तावित प्रतीकात्मक 'जन महाभियोग' कार्यक्रम दिल्ली में बारिश के कारण 30 अक्टूबर से स्थगित कर 31 अक्टूबर के लिए निर्धारित किया गया है। इसके अगले दिन रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित करने की योजना है। इस प्रकार लगातार दो दिनों तक विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ाई गई है।
दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि उसका मुख्य उद्देश्य कार्यक्रम को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है। पुलिस आयोजकों के साथ समन्वय बनाए हुए है और किसी भी संभावित व्यवधान से निपटने की तैयारी कर रही है।फिलहाल 1 नवंबर की महारैली को लेकर रामलीला मैदान में तैयारियां जारी हैं। अब पुलिस प्रशासन का ध्यान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण पर केंद्रित है। डीसीपी रोहित राजबीर के बयान से स्पष्ट है कि पुलिस किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरत रही है।
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