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PM का तीन देशों का दौरा शुरू, एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इंडो-पैसिफिक विज़न को मिलेगा बढ़ावा

Kavita2
6 July 2026 12:23 PM IST
PM का तीन देशों का दौरा शुरू, एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इंडो-पैसिफिक विज़न को मिलेगा बढ़ावा
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New Delhi नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को तीन देशों के विदेश दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस यात्रा में वे इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड का दौरा करेंगे। रवाना होने से पहले दिए गए अपने बयान में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दौरा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, MAHASAGAR विज़न और एक स्वतंत्र, खुले तथा समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।

प्रधानमंत्री का यह दौरा 6 जुलाई से 11 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान वे 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे, इसके बाद 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेंगे और फिर 10 से 11 जुलाई तक न्यूज़ीलैंड जाएंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य तीनों देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में कहा कि पूर्वी और दक्षिणी हिंद महासागर क्षेत्र में स्थित इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया तथा इसके बाद न्यूज़ीलैंड का यह दौरा भारत की विदेश नीति की दिशा को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का उद्देश्य पूर्वी एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ आर्थिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करना है, और यह यात्रा उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने यह भी कहा कि MAHASAGAR विज़न, जिसका अर्थ है “क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र प्रगति”, भारत की वैश्विक सोच का हिस्सा है, जो साझेदारी और सहयोग पर आधारित है। यह विज़न इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।

प्रधानमंत्री ने अपने बयान में यह भी दोहराया कि भारत हमेशा से एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का समर्थक रहा है, जहां सभी देशों को समान अवसर और सम्मान मिले। उन्होंने कहा कि यह यात्रा इसी सोच को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री संबंधित देशों के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। इनमें व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, तकनीक, जलवायु परिवर्तन और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं।

इंडोनेशिया भारत का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है, और दोनों देशों के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत के रक्षा और आर्थिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं। न्यूज़ीलैंड के साथ भी भारत अपने संबंधों को नए स्तर पर ले जाने के प्रयास में है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत की “लुक ईस्ट से एक्ट ईस्ट” नीति को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की भूमिका को और अधिक प्रभावशाली बनाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह यात्रा तीनों देशों के साथ भारत के रिश्तों में नई गति और ऊर्जा लाएगी तथा आपसी सहयोग के नए अवसर खोलेगी।

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