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PM सूर्य घर योजना ने पार किया बड़ा मुकाम

Kavita2
4 Aug 2026 5:11 PM IST
PM सूर्य घर योजना ने पार किया बड़ा मुकाम
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नई दिल्ली: नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने मंगलवार को जानकारी दी कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। योजना के तहत अब देशभर में 50.06 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। सरकार के अनुसार, यह उपलब्धि योजना शुरू होने के दो साल से कुछ अधिक समय में हासिल हुई है और देश में सौर ऊर्जा के विस्तार की तेज रफ्तार को दर्शाती है।

मंत्रालय ने बताया कि रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की संख्या में यह वृद्धि पिछले दशक की तुलना में काफी तेज है। इससे पहले देश में लगभग दस वर्षों के दौरान 7.94 लाख रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन दर्ज किए गए थे। वहीं, पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से बेहद कम समय में 50 लाख से अधिक घरों तक सौर ऊर्जा की पहुंच बनाना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत देश में घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की थी। योजना का लक्ष्य आम परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना, बिजली खर्च को कम करना और देश में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। इसके तहत पात्र परिवारों को अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए सहायता प्रदान की जाती है।

मंत्रालय के अनुसार, इस योजना ने न केवल सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा दिया है, बल्कि आम नागरिकों को ऊर्जा क्षेत्र में भागीदार बनने का अवसर भी दिया है। घरों की छतों पर लगाए गए सोलर पैनल से परिवार अपनी बिजली की जरूरतें पूरी कर सकते हैं और अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर आर्थिक लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।

सरकार का मानना है कि रूफटॉप सोलर सिस्टम का विस्तार भारत के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बढ़ती ऊर्जा मांग के बीच नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग देश के लिए आवश्यक हो गया है। सौर ऊर्जा को पर्यावरण के अनुकूल और लंबे समय तक उपयोगी ऊर्जा स्रोत माना जाता है।

पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से सरकार का उद्देश्य केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि आम लोगों को ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना भी है। घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है और कार्बन उत्सर्जन को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

मंत्रालय ने बताया कि योजना की सफलता में राज्यों, स्थानीय प्रशासन, बिजली वितरण कंपनियों, सोलर इंस्टॉलेशन एजेंसियों और आम नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विभिन्न राज्यों में लोगों ने इस योजना के प्रति रुचि दिखाई है और बड़ी संख्या में परिवारों ने रूफटॉप सोलर सिस्टम अपनाया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। देश में बड़ी संख्या में ऐसे घर हैं जहां छतों का उपयोग सोलर पैनल लगाने के लिए किया जा सकता है। यदि इस क्षमता का पूरी तरह उपयोग किया जाता है तो घरेलू बिजली जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत किया जा सकता है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि रूफटॉप सोलर सिस्टम से उपभोक्ताओं को लंबे समय में बिजली खर्च कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं, क्योंकि सोलर पैनल की स्थापना, रखरखाव और तकनीकी सेवाओं के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत होती है।

सरकार लगातार नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और नीतिगत सुधारों पर जोर दे रही है। भारत ने आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के लिए कई लक्ष्य निर्धारित किए हैं। पीएम सूर्य घर योजना को इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत देश में सौर ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

मंत्रालय के अनुसार, 50 लाख से अधिक घरों तक पहुंच बनाना इस योजना की बड़ी सफलता है, लेकिन लक्ष्य अभी और आगे का है। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ें और देश में घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिले।

पीएम सूर्य घर योजना की यह उपलब्धि भारत में नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते महत्व को दर्शाती है। जिस तेजी से घरेलू रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन बढ़े हैं, उससे संकेत मिलता है कि आने वाले वर्षों में देश के ऊर्जा मिश्रण में सौर ऊर्जा की भूमिका और अधिक मजबूत हो सकती है।

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