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PM मोदी का बड़ा संकल्प, बोले- 140 करोड़ भारतीय मिलकर बनाएंगे विकसित भारत

Kavita2
8 Oct 2026 11:39 AM IST
PM मोदी का बड़ा संकल्प, बोले- 140 करोड़ भारतीय मिलकर बनाएंगे विकसित भारत
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशवासियों और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के 140 करोड़ नागरिक मिलकर वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य जरूर पूरा करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के रुकने का अब कोई कारण नहीं है। देश के पास युवा शक्ति, संसाधन और आगे बढ़ने का संकल्प मौजूद है। बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सभा' में उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री बनने तक के अपने 25 वर्षों के सफर को याद किया और कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा जनता के विश्वास तथा कार्यकर्ताओं के सहयोग से संभव हुई है।

140 करोड़ भारतीय मिलकर बनाएंगे विकसित भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश के 140 करोड़ लोगों की सामूहिक शक्ति भारत को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

उन्होंने कहा कि लगभग 100 वर्ष पहले देश की आबादी 40 करोड़ से भी कम थी, लेकिन आज भारत में 140 करोड़ से अधिक लोग हैं। इतनी बड़ी आबादी देश की क्षमता और संभावनाओं का महत्वपूर्ण आधार है।

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यदि सभी नागरिक राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं तो वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प पूरा किया जा सकता है।

उन्होंने अंग्रेजी में 'वी विल डू इट' का नारा देते हुए कहा कि भारत अपने लक्ष्य को हासिल करके रहेगा। प्रधानमंत्री ने युवाओं और नई पीढ़ी से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

भारत के रुकने का कोई कारण नहीं: मोदी

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास आगे बढ़ने के लिए आवश्यक क्षमताएं मौजूद हैं। देश को अपनी सामूहिक शक्ति पर विश्वास रखने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा। इस अवसर तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मोदी ने कहा कि इस संकल्प को केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं समझना चाहिए। देश के नागरिकों, युवाओं, किसानों, उद्यमियों और विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों की भागीदारी भी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को अपनी क्षमताओं का बेहतर उपयोग करना होगा। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

भाजपा कार्यकर्ताओं को बताया अपनी सबसे बड़ी ताकत

प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा में संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बनने से पहले वह लंबे समय तक संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय थे। उस दौरान चुनावी रणनीति बनाने और चुनाव प्रबंधन में सहयोग करते थे, लेकिन स्वयं चुनावी राजनीति में नहीं उतरे थे।

मोदी ने कहा कि यदि उनकी व्यक्तिगत इच्छा होती तो वह पहले ही चुनाव लड़ सकते थे। लेकिन उन्होंने संगठन और समाज के बीच काम करने को प्राथमिकता दी।

उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने कठिन परिस्थितियों में संगठन को मजबूत किया और जनता तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रधानमंत्री ने अपने 25 वर्षों के सफर का श्रेय केवल स्वयं को देने के बजाय देशवासियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयासों को दिया।

आदिवासी क्षेत्रों और जंगलों में काम करने के दिनों को किया याद

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने शुरुआती राजनीतिक और सामाजिक जीवन के अनुभव भी साझा किए।

उन्होंने कहा कि जब वह चुनावी राजनीति से दूर थे, तब आदिवासी समुदायों और जंगलों वाले क्षेत्रों में काम करते थे।

प्रधानमंत्री ने बताया कि संगठन के लिए काम करते समय उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों में रहने और समाज के विभिन्न वर्गों से संपर्क स्थापित करने का अवसर मिला।

उनके अनुसार, इन अनुभवों ने उन्हें आम लोगों की समस्याओं को समझने और संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाने में मदद की।

मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने से पहले उनका अधिकांश समय संगठन के काम और लोगों के बीच बीता था।

7 अक्टूबर 2001 को बने थे गुजरात के मुख्यमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय उनकी उम्र 51 वर्ष थी।

इससे पहले वह भाजपा संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुके थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने गुजरात सरकार का नेतृत्व किया।

वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। इसके बाद 2019 और 2024 में भी उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।

इस प्रकार 7 अक्टूबर 2026 को उन्होंने सरकार के प्रमुख के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे किए।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब उन्हें अंदाजा नहीं था कि एक दिन वह सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष का सफर पूरा करेंगे।

सेवा ज्योति कार्यक्रम में साझा किए अनुभव

नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी राजनीतिक यात्रा के कई अनुभव साझा किए।

उन्होंने जनता, लोकतांत्रिक संस्थाओं और भाजपा संगठन के प्रति आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इतने लंबे समय तक सरकार का नेतृत्व करने का अवसर मिलना उनके लिए जनता के विश्वास और आशीर्वाद का परिणाम है।

उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए सार्वजनिक जीवन का उद्देश्य केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि देश की सेवा करना है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि वह आगे भी पूरी ऊर्जा के साथ देश के लिए काम करना चाहते हैं।

आत्मनिर्भर भारत और आर्थिक विकास पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य के साथ आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास को भी महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी।

इसके लिए देश में विनिर्माण, आधुनिक तकनीक, उद्योग और अनुसंधान से जुड़े क्षेत्रों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री ने भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने का संकल्प भी दोहराया।

उन्होंने कहा कि देश को अंतरिक्ष विज्ञान, आधुनिक तकनीक और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं का विस्तार करना होगा।

प्रधानमंत्री ने भविष्य में भारत में ओलंपिक खेलों के आयोजन जैसी महत्वाकांक्षाओं का भी उल्लेख किया।

एक महीने तक भाजपा ने आयोजित किए कार्यक्रम

प्रधानमंत्री मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे होने के अवसर पर भाजपा ने देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए।

पार्टी ने सेवा संकल्प अभियान के तहत कई स्थानों पर जनसंपर्क, सामाजिक सेवा और अन्य गतिविधियां आयोजित कीं।

कार्यक्रमों में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक के सफर का उल्लेख किया।

दिल्ली में आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा भी इसी अभियान का हिस्सा थी।

भाजपा ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री के नेतृत्व और सरकार की योजनाओं को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया।

यह आराम करने का नहीं, देश के लिए काम करने का समय

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने का अवसर उनके लिए आत्मसंतुष्टि का नहीं है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश के विकास के लिए और अधिक मेहनत करने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री ने जनता के विश्वास को अपनी सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि वह इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाते रहेंगे।

उन्होंने युवाओं से देश के भविष्य को लेकर बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रयास करने की अपील की।

2047 के लक्ष्य को लेकर दोहराया संकल्प

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम के अंत में वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराया।

उन्होंने कहा कि देश के 140 करोड़ नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत की युवा शक्ति, आर्थिक क्षमता और देशवासियों का संकल्प आने वाले वर्षों में राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से भी विकसित भारत के उद्देश्य के लिए सक्रिय रहने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री का संदेश था कि भारत को अब अपनी विकास यात्रा में निरंतर आगे बढ़ना है और वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रयास जारी रखने हैं।

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