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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो संदेश के जरिए देश को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक विकास दर को लेकर खुशी जताई। उन्होंने अप्रैल-जून तिमाही में दर्ज की गई 7.8 प्रतिशत GDP ग्रोथ को देश की मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत बताया। प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय देशवासियों के संकल्प, मेहनत और सामूहिक प्रयासों को दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि मुश्किल वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े दुनिया को भारत की आर्थिक क्षमता और मजबूती का संदेश देते हैं।
7.8 प्रतिशत GDP ग्रोथ पर पीएम ने दी बधाई
7.8% growth.
— Narendra Modi (@narendramodi) September 1, 2026
Strong numbers.
Even stronger confidence. pic.twitter.com/ZVPpnAXrVU
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आर्थिक उपलब्धि पर नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि भारत लगातार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अप्रैल से जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल करना देश के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल सरकारी नीतियों का परिणाम नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की मेहनत, उद्यमिता और आत्मविश्वास का परिणाम है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के किसान, श्रमिक, व्यापारी, उद्योगपति और युवा देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूती
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब दुनिया के कई देश आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, ऐसे समय में भारत की विकास दर उम्मीद से बेहतर रही है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर कई तरह की अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने अपनी मजबूती दिखाई है। यह देश की नीतियों और लोगों के सामर्थ्य को दर्शाता है।
उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भारत विकास की नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा।
आलोचकों पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष और आलोचकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश की अर्थव्यवस्था को लेकर लगातार नकारात्मक बातें फैलाने का प्रयास करते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों को देश की उपलब्धियों को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की जनता ने अपनी मेहनत से दुनिया के सामने एक नई तस्वीर पेश की है।
उन्होंने कहा कि नकारात्मक सोच से विकास की गति को रोका नहीं जा सकता और देश आगे बढ़ता रहेगा।
आत्मनिर्भर भारत पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य देश की उत्पादन क्षमता बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और भारतीय उद्योगों को मजबूत बनाना है।
उन्होंने कहा कि भारत अब केवल बाजार नहीं बल्कि उत्पादन और निवेश के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है।
पीएम मोदी ने लोगों से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देने की अपील की।
युवाओं और उद्योगों की भूमिका अहम
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं, स्टार्टअप, छोटे कारोबारियों और उद्योग जगत की भूमिका आर्थिक विकास में बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत से भारत को नई दिशा दे रहे हैं। सरकार लगातार ऐसे माहौल को मजबूत करने पर काम कर रही है, जिससे युवाओं को नए अवसर मिल सकें।
आर्थिक सुधारों का बताया असर
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले वर्षों में किए गए आर्थिक सुधारों का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पारदर्शिता, डिजिटल व्यवस्था और बेहतर नीतियों के जरिए अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं और इसका लाभ आने वाले वर्षों में और अधिक दिखाई देगा।
देशवासियों से जारी सहयोग की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से विकास यात्रा में लगातार सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि जनता के सहयोग से संभव होती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब भारत की GDP ग्रोथ के ताजा आंकड़े सामने आए हैं। 7.8 प्रतिशत की विकास दर को सरकार आर्थिक मजबूती के संकेत के रूप में पेश कर रही है, जबकि विपक्ष और आलोचक अर्थव्यवस्था से जुड़े अन्य मुद्दों को उठाते रहे हैं। आने वाले दिनों में GDP और आर्थिक नीतियों को लेकर राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है।





