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पीएम मोदी चाहते हैं तारिक रहमान की भारत यात्रा यादगार हो

नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच जारी कूटनीतिक चर्चाओं के बीच भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री तारिक रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा यादगार बने।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में तारिक रहमान की संभावित यात्रा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। हाल के दिनों में भारत और बांग्लादेश के संबंधों में कुछ मतभेद सामने आए हैं, जिसके कारण दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं।
दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने पर जोर
#WATCH | Dhaka, Bangladesh | High Commissioner of India to Bangladesh, Dinesh Trivedi, says, "... We have two vibrant democracies which are not only about geography, history, or culture, but also aspiration. And it's the aspiration of the youth. Both countries have a lot of young… pic.twitter.com/klYhUa0txN
— ANI (@ANI) August 19, 2026
भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच मजबूत संबंध दोनों देशों के लोगों और कारोबारियों के हित में हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि दोनों देशों के नेताओं के बीच बेहतर संवाद और आपसी सहयोग से जनता को सीधा फायदा मिल सकता है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध काफी मजबूत रहे हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर बनी अनिश्चितता
तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
ब्रिक्स सम्मेलन वैश्विक स्तर पर आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। इसमें शामिल होने वाले देशों के नेता कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करते हैं।
ऐसे में भारत और बांग्लादेश के शीर्ष नेतृत्व के बीच मुलाकात को क्षेत्रीय सहयोग के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
रिश्तों में आई नई चुनौतियां
हाल के समय में भारत और बांग्लादेश के संबंधों में कुछ तनाव देखने को मिला है। दोनों देशों के बीच कई मुद्दों को लेकर अलग-अलग मत सामने आए हैं।
हालांकि, दोनों पक्ष लगातार यह कहते रहे हैं कि आपसी संबंधों को मजबूत बनाए रखना जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा, ऊर्जा और क्षेत्रीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी महत्वपूर्ण है।
व्यापार और लोगों के हितों पर फोकस
दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच बेहतर संबंधों से दोनों देशों के व्यापार और आम लोगों को फायदा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के कारोबारी समुदाय के लिए सहयोग के कई अवसर मौजूद हैं। बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक साझेदारी से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिल सकती है।
भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापारिक संबंध लंबे समय से महत्वपूर्ण रहे हैं और दोनों देश कई क्षेत्रों में सहयोग करते हैं।
पीएम मोदी का संदेश
उच्चायुक्त के बयान से संकेत मिलता है कि भारत सरकार बांग्लादेश के साथ सकारात्मक संबंध बनाए रखने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि प्रस्तावित यात्रा केवल औपचारिक कार्यक्रम न होकर दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने वाला अवसर बने।
दोनों नेताओं के बीच संवाद को भविष्य के सहयोग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम साझेदारी
भारत और बांग्लादेश दक्षिण एशिया के महत्वपूर्ण देश हैं। दोनों देशों के बीच बेहतर संबंध क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए भी अहम माने जाते हैं।
सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, व्यापार और विकास परियोजनाओं में दोनों देशों के बीच सहयोग पहले से जारी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शीर्ष स्तर की मुलाकातें आपसी विश्वास बढ़ाने में मदद करती हैं और विवादित मुद्दों पर बातचीत का रास्ता खोलती हैं।
आगे की रणनीति पर नजर
अब सभी की नजर इस बात पर है कि तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर अंतिम फैसला क्या होता है और ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के नेताओं के बीच मुलाकात संभव हो पाती है या नहीं।
यदि यह यात्रा होती है तो इसे भारत-बांग्लादेश संबंधों में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
फिलहाल दोनों देशों की ओर से सकारात्मक संकेत दिए जा रहे हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में आपसी सहयोग और मजबूत होगा।





