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PM Modi ने राज्यों से जल विवाद समाधान में सहयोग पर जोर दिया

Kavita2
28 May 2026 3:16 PM IST
PM Modi ने राज्यों से जल विवाद समाधान में सहयोग पर जोर दिया
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New Delhi नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों से अपील की है कि वे आपसी जल विवादों को सहयोग, समय पर मंजूरी और तकनीक आधारित निगरानी के जरिए सुलझाएं। उन्होंने कहा कि बड़े जल प्रोजेक्ट्स को विवाद का कारण बनाने के बजाय उन्हें विकास और समन्वय का माध्यम बनाया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से केन-बेतवा लिंक परियोजना को एक मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में अपनाने की बात कही, ताकि भविष्य में अन्य राज्यों के बीच जल संबंधी मुद्दों का समाधान बेहतर तरीके से किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने यह बातें बुधवार शाम को आयोजित 51वीं PRAGATI बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहीं। इस बैठक में देश के नौ राज्यों में चल रहे रेलवे, बिजली और सड़क क्षेत्र से जुड़े लगभग 30,000 करोड़ रुपये के सात प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई। बैठक में परियोजनाओं की प्रगति, समयबद्धता और क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी केवल लागत को ही नहीं बढ़ाती, बल्कि इसका सीधा असर आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं पर भी पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों और राज्य सरकारों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि तकनीक आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली को और मजबूत किया जाना चाहिए ताकि परियोजनाओं की प्रगति की वास्तविक समय में निगरानी हो सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि डिजिटल टूल्स और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली से परियोजनाओं में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ाई जा सकती हैं।

केन-बेतवा परियोजना की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परियोजना विभिन्न राज्यों के बीच सहयोग का एक अच्छा उदाहरण बन सकती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बड़ी जल परियोजनाओं में सभी पक्षों की भागीदारी, समय पर स्वीकृति और मिशन मोड में काम करने की आवश्यकता होती है। इससे न केवल जल संकट का समाधान होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।

बैठक में यह भी सामने आया कि कई राज्यों में चल रही इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं विभिन्न कारणों से धीमी गति से आगे बढ़ रही हैं। प्रधानमंत्री ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि सभी संबंधित विभागों को मिलकर बाधाओं को दूर करना चाहिए और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए समन्वय बढ़ाना चाहिए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं में देरी से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि जनता के भरोसे पर भी असर पड़ता है। इसलिए सभी स्तरों पर जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है।

PRAGATI बैठक को सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है, जहां केंद्र और राज्यों के बीच प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की जाती है। इस बैठक का उद्देश्य तेजी से विकास सुनिश्चित करना और अटकी हुई परियोजनाओं को गति देना है।

कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री के इस संदेश में राज्यों के बीच सहयोग, तकनीक के उपयोग और समयबद्ध कार्यान्वयन पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि देश की बड़ी परियोजनाएं बिना देरी के पूरी हो सकें और जनता को समय पर लाभ मिल सके।

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