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लाल किले से पीएम मोदी बनाएंगे नया रिकॉर्ड 13वीं बार देशवासियों को करेंगे संबोधित

nidhi
15 Aug 2026 6:32 AM IST
लाल किले से पीएम मोदी बनाएंगे नया रिकॉर्ड 13वीं बार देशवासियों को करेंगे संबोधित
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आजादी के महापर्व पर पीएम मोदी का ऐतिहासिक भाषण विकास और युवा शक्ति पर रहेगा फोकस

नई दिल्ली : देश आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के लिए यह स्वतंत्रता दिवस समारोह कई मायनों में खास है, क्योंकि इस बार वह अपने संबोधन के साथ एक नया रिकॉर्ड भी दर्ज करेंगे।

15 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाला यह समारोह आजादी के 80 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को समर्पित है। लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी तिरंगा फहराने के बाद देशवासियों को संबोधित करेंगे और भारत की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं तथा विकसित भारत के संकल्प को लेकर अपना संदेश देंगे।
2014 से जारी है लाल किले से संबोधन का सिलसिला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया था। इसके बाद हर वर्ष उन्होंने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। अब 2026 में वह लगातार 13वीं बार लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। लाल किले से दिया जाने वाला प्रधानमंत्री का भाषण देश की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा का महत्वपूर्ण संदेश माना जाता है। हर साल देश और दुनिया की नजरें प्रधानमंत्री के इस संबोधन पर रहती हैं।
इस बार वंदे मातरम से होगी खास शुरुआत
80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस बार लाल किले पर पहली बार औपचारिक रूप से राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' गूंजेगा। राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसे समारोह में विशेष स्थान दिया गया है।
इस आयोजन में देश की युवा शक्ति को भी प्रमुखता दी जाएगी। समारोह का मुख्य संदेश 'विकसित भारत@2047' के लक्ष्य और युवाओं की भूमिका पर केंद्रित रहेगा।
प्रधानमंत्री के भाषण पर देश की नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में आमतौर पर सरकार की उपलब्धियों, देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, युवाओं, किसानों और विकास योजनाओं से जुड़े मुद्दों का उल्लेख रहता है। इस बार भी उनके भाषण में भारत की विकास यात्रा और आने वाले वर्षों के लक्ष्यों पर विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है। लाल किले से प्रधानमंत्री का संबोधन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि देश के सामने भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। आजादी के 80वें वर्ष में प्रधानमंत्री देशवासियों को आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत और राष्ट्रीय एकता का संदेश दे सकते हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। लाल किले और आसपास के इलाकों में कई स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। समारोह में हजारों विशेष अतिथि भी शामिल होंगे। इस बार का स्वतंत्रता दिवस समारोह इतिहास, संस्कृति और आधुनिक भारत की उपलब्धियों का संगम होगा। लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी का 13वां संबोधन और पहली बार गूंजने वाला 'वंदे मातरम' इस दिन को और यादगार बनाएगा।
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