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PM मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से की बात, बहादुरी की सराहना कर मदद का दिया भरोसा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से फोन पर बात की। प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित की पत्नी और उनके माता-पिता से बातचीत कर उनका हाल जाना और इस मुश्किल समय में हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। प्रधानमंत्री ने बुधवार को विमान में हुई गंभीर घटना के दौरान कैप्टन स्मित द्वारा दिखाई गई बहादुरी और साहस की भी सराहना की।
कैप्टन स्मित मच्छार फ्लाईदुबई की उस उड़ान के कैप्टन थे, जिसमें बुधवार को कॉकपिट के अंदर एक गंभीर घटना हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार को-पायलट ने उन पर हमला कर दिया था। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने अपनी सूझबूझ बनाए रखी और विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश जारी रखी। घटना के दौरान उनके कदमों ने विमान में सवार यात्रियों और क्रू को स्थिति संभालने का मौका दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित की बहादुरी को लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्मित को साहसी बताते हुए कहा कि गंभीर खतरे और चोटों के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस और दृढ़ता दिखाई। प्रधानमंत्री ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
इसके बाद गुरुवार को प्रधानमंत्री ने स्मित के परिवार से सीधे फोन पर संपर्क किया। उन्होंने उनकी पत्नी और माता-पिता से बातचीत के दौरान पूरे घटनाक्रम को लेकर चिंता जताई और भरोसा दिया कि जरूरत पड़ने पर सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा। प्रधानमंत्री की ओर से परिवार से यह संपर्क ऐसे समय में हुआ है जब कैप्टन स्मित का इलाज जारी है।
कैप्टन स्मित मच्छार को घटना में गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें उपचार के लिए सऊदी अरब के तबूक स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर बताई गई है। उन्होंने सर्जरी भी कराई है और भारतीय अधिकारी उनके परिवार के संपर्क में हैं।
फ्लाईदुबई की यह उड़ान दुबई से तेल अवीव जा रही थी। इसी दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित और को-पायलट के बीच गंभीर संघर्ष की स्थिति पैदा हुई। रिपोर्टों के अनुसार कैप्टन पर धारदार हथियार से हमला किया गया। इस हमले के बाद विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित ने इसके बावजूद कॉकपिट तक दूसरे लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए दरवाजा खोलने की व्यवस्था सक्रिय की। इसके बाद यात्रियों, क्रू और विमान में मौजूद अन्य प्रशिक्षित लोगों को कॉकपिट तक पहुंचने का मौका मिला। हमलावर को काबू किया गया और विमान को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए गए।
विमान में 174 यात्रियों के सवार होने की जानकारी सामने आई है। स्थिति पर नियंत्रण के बाद विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा गया। इस घटना में यात्रियों की जान बच जाने के बाद कैप्टन स्मित की भूमिका की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारत को कैप्टन स्मित पर गर्व है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने अपना साहस नहीं खोया और यात्रियों को बचाने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाते रहे। प्रधानमंत्री की यह प्रतिक्रिया घटना के बाद सामने आई उन कई प्रतिक्रियाओं में शामिल है, जिनमें कैप्टन की बहादुरी की प्रशंसा की गई है।
कैप्टन स्मित की हालत को लेकर भी लगातार जानकारी ली जा रही है। वह फिलहाल चिकित्सकीय निगरानी में हैं। अस्पताल में उनका उपचार जारी है और परिवार भी उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। भारतीय अधिकारियों की ओर से भी संबंधित पक्षों के साथ संपर्क बनाए रखा गया है।
घटना ने विमानन सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं। आमतौर पर विमान के कॉकपिट में सुरक्षा के बेहद सख्त प्रावधान होते हैं। ऐसे में कॉकपिट के भीतर ही पायलट पर हमला होने की घटना को बेहद गंभीर माना जा रहा है। घटना की जांच के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हमले की परिस्थितियां क्या थीं और को-पायलट के कथित कदम के पीछे क्या कारण था।
फिलहाल प्राथमिक जानकारी के आधार पर कैप्टन स्मित की भूमिका को यात्रियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हमले में घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे अन्य लोग अंदर पहुंच सके और स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया।
कैप्टन स्मित मुंबई से जुड़े भारतीय नागरिक हैं और विमानन क्षेत्र में लंबे समय से कार्यरत हैं। उनकी बहादुरी की चर्चा भारत के साथ विदेशों में भी हो रही है। घटना के बाद कई नेताओं और अधिकारियों ने उनकी भूमिका की प्रशंसा की है।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सीधे परिवार से बात किए जाने को भी सरकार की ओर से समर्थन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने परिवार का हौसला बढ़ाया और कैप्टन स्मित के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
बुधवार को हुई इस घटना ने कुछ ही समय में बेहद गंभीर रूप ले लिया था। विमान के तेजी से नीचे आने और कॉकपिट में संघर्ष के बावजूद आखिरकार स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया। कैप्टन स्मित के साहस, यात्रियों और क्रू की तत्परता तथा अन्य लोगों की मदद से संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।
अब जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की जांच करेंगी। वहीं भारत में कैप्टन स्मित की बहादुरी की व्यापक चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिवार से बातचीत कर उनके साहस को सम्मान दिया है और स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी।





