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गलत भारतीय नक्शे पर आवाज उठाने वाली लवलीना की पीएम मोदी ने की तारीफ

Kavita2
10 Aug 2026 11:03 AM IST
गलत भारतीय नक्शे पर आवाज उठाने वाली लवलीना की पीएम मोदी ने की तारीफ
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नई दिल्ली/ग्लासगो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लासगो में एक रेस्टोरेंट में भारत के गलत नक्शे को लेकर आवाज उठाने वाली भारतीय बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन की तारीफ की है। प्रधानमंत्री ने उनके इस कदम को सराहनीय बताते हुए कहा कि जश्न के माहौल में भी लवलीना ने नक्शे की बारीकी पर ध्यान दिया और उसके गलत चित्रण के खिलाफ अपनी बात रखी। यह घटना 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भारतीय खिलाड़ियों के एक रेस्टोरेंट में जश्न मनाने के दौरान सामने आई थी।

लवलीना ने रेस्टोरेंट में इस्तेमाल किए जा रहे नैपकिन और वहां प्रदर्शित भारत के नक्शे में पूर्वोत्तर भारत के हिस्से के गायब होने पर आपत्ति जताई थी। असम से आने वाली लवलीना के लिए यह मामला व्यक्तिगत और भावनात्मक तौर पर भी महत्वपूर्ण था। उन्होंने रेस्टोरेंट से नक्शे को सही करने की अपील की थी। बाद में रेस्टोरेंट ने माफी मांगते हुए भारत के नक्शे को ठीक करने की बात कही।




जश्न के बीच नक्शे पर पड़ी नजर

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बाद टीम के सदस्य ग्लासगो के एक भारतीय रेस्टोरेंट में जश्न मनाने पहुंचे थे। इसी दौरान लवलीना की नजर रेस्टोरेंट में इस्तेमाल हो रहे नैपकिन पर छपे भारत के नक्शे पर गई।

नक्शे में भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र सही तरीके से प्रदर्शित नहीं था। लवलीना ने इस पर नाराजगी जताने के बजाय रेस्टोरेंट के लोगों के सामने अपनी बात रखी और बताया कि पूर्वोत्तर भारत का हिस्सा नक्शे से गायब है। उन्होंने कहा कि वह खुद पूर्वोत्तर से आती हैं और इस तरह का चित्रण उनके लिए दुख पहुंचाने वाला है। घटना से जुड़ी उनकी प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।

मोदी ने किया लवलीना के रवैये का जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए लवलीना की सजगता की तारीफ की। उन्होंने कहा कि माहौल पूरी तरह जश्न का था, लेकिन इसके बावजूद लवलीना ने गलत नक्शे को नोटिस किया और उसके खिलाफ आवाज उठाई।

प्रधानमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में लवलीना से पूछा, “क्या हुआ, वो रेस्टोरेंट वाले से झगड़ा कर रही थी?” इसके साथ ही उन्होंने इस मुद्दे को उठाने के उनके फैसले को तारीफ के काबिल बताया।

प्रधानमंत्री का जोर इस बात पर था कि जश्न और उत्साह के माहौल में भी लवलीना ने एक महत्वपूर्ण बारीकी पर ध्यान दिया। उन्होंने देश के नक्शे के सही प्रतिनिधित्व को लेकर उनकी संवेदनशीलता की सराहना की।

रेस्टोरेंट ने मांगी माफी

मामला सामने आने के बाद ग्लासगो स्थित रेस्टोरेंट की ओर से सफाई दी गई। रेस्टोरेंट ने कहा कि भारत के नक्शे का गलत चित्रण जानबूझकर नहीं किया गया था और इसके लिए उसने माफी मांगी। रेस्टोरेंट ने नक्शे को सही करने की बात भी कही।

मामले के बाद रेस्टोरेंट के सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर भी बदलाव देखने को मिला। रिपोर्टों के मुताबिक, रेस्टोरेंट ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया था। हालांकि, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रमुख ने स्पष्ट किया कि इस मामले को लेकर किसी तरह का टकराव या झगड़ा नहीं हुआ था। लवलीना ने केवल गलत नक्शे की ओर ध्यान दिलाया और उसे सुधारने की बात कही थी।

पूर्वोत्तर की पहचान से जुड़ा मुद्दा

लवलीना की आपत्ति सिर्फ नक्शे की भौगोलिक गलती तक सीमित नहीं थी। वह असम और पूर्वोत्तर भारत से आती हैं, इसलिए नक्शे में पूर्वोत्तर क्षेत्र का गायब होना उनके लिए पहचान और प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी था।

उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में इस बात पर जोर दिया कि देश के सभी हिस्सों को सही तरीके से दिखाया जाना चाहिए। उनकी इस पहल के बाद सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने उनका समर्थन किया और कहा कि भारत के नक्शे को कहीं भी प्रदर्शित करते समय उसकी भौगोलिक अखंडता और सटीकता का ध्यान रखा जाना चाहिए।

कॉमनवेल्थ में लवलीना का शानदार प्रदर्शन

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं की 75 किग्रा बॉक्सिंग स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें शुरुआती चरण में बाई मिलने के कारण सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश मिला और भारत का पदक पहले ही सुनिश्चित हो गया था।

लवलीना ने सेमीफाइनल में जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई, लेकिन खिताबी मुकाबले में उन्हें ऑस्ट्रेलिया की एमा-सू ग्रीनट्री के हाथों 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया।

इस तरह ग्लासगो में उनका प्रदर्शन खेल उपलब्धि के साथ-साथ एक अलग वजह से भी चर्चा में रहा। एक ओर उन्होंने रिंग में भारत के लिए पदक जीता, वहीं दूसरी ओर रेस्टोरेंट में भारत के गलत नक्शे को लेकर आवाज उठाकर देश की भौगोलिक पहचान और पूर्वोत्तर के प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी सामने रखा।

खेल से आगे भी बनी पहचान

लवलीना की इस पहल ने यह दिखाया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर खिलाड़ी सिर्फ खेल प्रदर्शन के लिए ही नहीं, बल्कि देश और अपनी क्षेत्रीय पहचान से जुड़े मुद्दों को लेकर भी जागरूक भूमिका निभा सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। जश्न के बीच एक छोटी-सी गलती पर ध्यान देना और उसे सुधारने की मांग करना अब लवलीना के कॉमनवेल्थ अभियान से जुड़ी यादगार घटनाओं में शामिल हो गया है।

ग्लासगो में भारत के प्रदर्शन, लवलीना के रजत पदक और रेस्टोरेंट में नक्शे को लेकर उठे विवाद ने एक साथ यह संदेश दिया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व केवल मैदान में प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। देश की पहचान और उसके हर क्षेत्र के सम्मान को लेकर सजग रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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