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पीएम मोदी ने फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सराहा

Kavita2
1 Oct 2026 9:43 AM IST
पीएम मोदी ने फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सराहा
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और सूझबूझ की सराहना की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने विमान में सवार लोगों की जान बचाने के लिए अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया। उन्होंने कहा कि उनके साहस ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री ने उनके जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की।

कैप्टन स्मित मच्छार फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान के कैप्टन थे। उड़ान के दौरान कथित तौर पर सह-पायलट ने उन पर हमला किया और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इस दौरान कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने स्थिति को संभालने और विमान में मौजूद यात्रियों तथा चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश जारी रखी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर कैप्टन मच्छार को ‘हीरो’ बताते हुए कहा कि गंभीर खतरे और चोट के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने का संकल्प नहीं छोड़ा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। उन्होंने उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और कठिन परिस्थितियों में दिखाई गई दृढ़ता की विशेष रूप से प्रशंसा की।

जानकारी के मुताबिक, फ्लाईदुबई की इस उड़ान में 170 से अधिक लोग सवार थे। विमान यात्रा के दौरान अचानक स्थिति बेहद गंभीर हो गई। सह-पायलट द्वारा कथित हमला किए जाने के बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा। ऐसे समय में कैप्टन मच्छार ने अपनी चोटों की परवाह किए बिना विमान को संभालने और सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक की ओर डायवर्ट किया गया।

घटना के बाद विमान की ताबुक में आपात लैंडिंग कराई गई। वहां कैप्टन मच्छार को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत स्थिर बताई गई है। भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास की ओर से भी उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और उनके परिवार से संपर्क बनाए रखा गया है।

कैप्टन मच्छार के साहस की चर्चा भारत के साथ विदेशों में भी हो रही है। उनके बारे में सामने आई जानकारी के अनुसार, उन्हें व्यावसायिक उड़ानों का लंबा अनुभव है। उन्होंने कई वर्षों तक बोइंग 737 विमानों का संचालन किया है। संकट की स्थिति में उनके अनुभव और तेजी से लिए गए फैसलों ने विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यह घटना उस समय हुई जब विमान दुबई से तेल अवीव की ओर जा रहा था। अचानक कॉकपिट में पैदा हुई गंभीर स्थिति ने पूरे विमान को खतरे में डाल दिया। आरोप है कि सह-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला किया। इसके बाद विमान का नियंत्रण प्रभावित हुआ और स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। इसके बावजूद कैप्टन मच्छार ने विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

विमान में मौजूद अन्य लोगों ने भी स्थिति संभालने में मदद की। हमलावर सह-पायलट को काबू में किए जाने के बाद विमान को सुरक्षित दिशा में ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। अंततः विमान ताबुक पहुंचा और बड़ी दुर्घटना टल गई। घटना के बाद आरोपी सह-पायलट को हिरासत में लिए जाने और मामले की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।

प्रधानमंत्री मोदी की ओर से की गई सराहना के बाद कैप्टन मच्छार की बहादुरी की चर्चा और तेज हो गई है। प्रधानमंत्री ने उनके साहस को केवल व्यक्तिगत वीरता नहीं बल्कि दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए दिखाई गई असाधारण जिम्मेदारी के रूप में देखा। उन्होंने कहा कि ऐसे गंभीर खतरे के बीच भी कैप्टन मच्छार ने लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया।

कैप्टन मच्छार के लंबे उड़ान अनुभव को भी इस घटना में अहम माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनके पास 13 वर्ष से अधिक का व्यावसायिक उड़ान अनुभव है और हजारों घंटे विमान उड़ाने का अनुभव है। संकट के समय उनका प्रशिक्षण और पेशेवर अनुभव काम आया।

फ्लाईदुबई की इस घटना ने विमान सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं। कॉकपिट जैसी अत्यधिक सुरक्षित जगह पर इस तरह की घटना ने विमानन सुरक्षा व्यवस्था और पायलटों की मानसिक तथा व्यवहारिक जांच जैसे विषयों पर चर्चा बढ़ा दी है। संबंधित एजेंसियां घटना की जांच कर रही हैं और इसके पीछे की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

कैप्टन मच्छार की भूमिका इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि घटना अचानक हुई और स्थिति संभालने के लिए बेहद कम समय था। गंभीर चोट लगने के बावजूद उन्होंने संयम बनाए रखा और विमान में मौजूद लोगों को बचाने के प्रयास किए। यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी समेत कई लोगों ने उनकी बहादुरी की प्रशंसा की है।

पीएम मोदी ने अंत में कैप्टन स्मित मच्छार के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि देश को उन पर गर्व है। फिलहाल वह अस्पताल में उपचाररत हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षित बचाव के बाद यह घटना कैप्टन मच्छार के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल के रूप में सामने आई है।

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