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दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए राजीव गांधी को याद किया और उनके योगदान को नमन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “उनकी जयंती के अवसर पर, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी को श्रद्धांजलि।” प्रधानमंत्री की ओर से दी गई इस श्रद्धांजलि के बाद राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में राजीव गांधी को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। वह भारत के छठे प्रधानमंत्री बने और 31 अक्टूबर 1984 से 2 दिसंबर 1989 तक देश का नेतृत्व किया। उन्होंने अपनी मां और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद प्रधानमंत्री पद संभाला था।
राजीव गांधी भारतीय राजनीति में एक अलग पहचान रखने वाले नेताओं में शामिल रहे। उन्होंने देश में आधुनिक तकनीक, कंप्यूटर और दूरसंचार क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनके कार्यकाल में भारत में सूचना प्रौद्योगिकी और संचार व्यवस्था के विस्तार की नींव मजबूत हुई।
On the occasion of his birth anniversary, paying homage to former Prime Minister of India, Shri Rajiv Gandhi.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 20, 2026
राजीव गांधी को देश में तकनीकी विकास और प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने वाले नेताओं के रूप में याद किया जाता है। उनके कार्यकाल में कंप्यूटर और टेलीकॉम क्षेत्र में किए गए प्रयासों ने आने वाले वर्षों में भारत के डिजिटल विकास की राह तैयार करने में भूमिका निभाई।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का राजनीतिक सफर काफी तेजी से आगे बढ़ा था। राजनीति में आने से पहले वह भारतीय एयरलाइंस में पायलट के रूप में कार्यरत थे। अपने छोटे भाई संजय गांधी के निधन के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और बाद में कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए।
1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश में पैदा हुए राजनीतिक संकट के बीच राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री पद संभाला। उसी वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को भारी बहुमत मिला और राजीव गांधी देश के सबसे युवा प्रधानमंत्रियों में से एक बने।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने, शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में सुधार तथा प्रशासन में नई तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को राजनीति और विकास प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में भी कई पहल कीं।
हालांकि, राजीव गांधी के कार्यकाल में कई विवाद भी जुड़े रहे। बोफोर्स सौदे सहित कई मुद्दों को लेकर विपक्ष ने उनकी सरकार पर सवाल उठाए। इन राजनीतिक विवादों का असर उनकी सरकार पर भी पड़ा।
राजीव गांधी की हत्या 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी सभा के दौरान हुई थी। एक आत्मघाती हमले में उनकी जान चली गई थी। उनकी मृत्यु के बाद देशभर में शोक की लहर फैल गई थी।
हर साल उनकी जयंती के अवसर पर कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। उनके समर्थक उन्हें आधुनिक भारत के निर्माण में योगदान देने वाले नेता के रूप में याद करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राजीव गांधी को श्रद्धांजलि देना राजनीतिक मतभेदों से अलग एक संवैधानिक परंपरा के रूप में भी देखा जा रहा है। देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों और प्रमुख नेताओं को उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर याद करना भारतीय राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा रहा है।
राजीव गांधी की जयंती पर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों एवं योगदान को याद किया।
राजीव गांधी का जीवन भारतीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण दौर से जुड़ा रहा। उन्होंने युवा नेतृत्व के रूप में देश की कमान संभाली और तकनीकी बदलावों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। उनकी नीतियों और फैसलों का प्रभाव आज भी भारतीय राजनीति और विकास यात्रा में दिखाई देता है।





