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PM मोदी ने टीम इंडिया के प्रतिभागियों से की मुलाकात

Ratna Netam
9 Oct 2026 7:49 PM IST
PM  मोदी ने टीम इंडिया के प्रतिभागियों से की मुलाकात
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित अपने आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता 2026 के लिए टीम इंडिया के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों से बातचीत की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के उनके अनुभवों को जाना। प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता के दौरान आधुनिक तकनीक, नए उपकरणों, सॉफ्टवेयर और कार्यप्रणालियों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को वैश्विक मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए बधाई दी और उनसे कौशल विकास के एंबेसडर बनने का आग्रह कियबातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि व्यावहारिक कौशल भी अकादमिक डिग्री जितने ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने युवाओं को अपनी तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक अनुभव को महत्व देने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों से कहा कि वे अपने अनुभवों के माध्यम से अन्य युवाओं को भी कौशल विकास के लिए प्रेरित करें।
7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई विशेष मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक आवास पर टीम इंडिया के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता से जुड़े प्रतिभागियों के अनुभवों को जानना और उनका उत्साह बढ़ाना था।प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि वैश्विक स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान तकनीकी चुनौतियों और नए अनुभवों से जुड़ी बातें भी साझा कीं।प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों की बातों को सुना और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए उन्हें बधाई दी।इस बातचीत में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण के महत्व पर विशेष ध्यान दिया गया।
शंघाई में आयोजित हो रही वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता
वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता 2026 का आयोजन चीन के शंघाई शहर में निर्धारित है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की कौशल प्रतियोगिता है, जिसमें विभिन्न देशों के प्रतिभागी अपनी तकनीकी और व्यावसायिक दक्षता का प्रदर्शन करते हैं।इस प्रकार की प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों को अपने कौशल का प्रदर्शन करने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जाने वाली तकनीकों और कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर मिलता है।वर्ल्डस्किल्स जैसे आयोजनों का महत्व केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं होता। ये तकनीकी प्रशिक्षण, व्यावसायिक शिक्षा और उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं को समझने का भी अवसर प्रदान करते हैं।प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान भारतीय प्रतिनिधियों ने इसी प्रकार के अनुभवों पर चर्चा की।
प्रतियोगिता में भारत को मिला 10वां स्थान
शंघाई में आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता 22 से 27 सितंबर 2026 तक चली थी। इसमें भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10वां स्थान हासिल किया। भारत के प्रतिभागियों ने 6 रजत पदक और उत्कृष्टता के लिए 20 पदक जीते।इस प्रतियोगिता में भारत की ओर से अब तक का सबसे बड़ा दल शामिल हुआ था। कुल 70 भारतीय प्रतिभागियों ने 63 कौशल श्रेणियों में देश का प्रतिनिधित्व किया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को जारी जानकारी में इन उपलब्धियों का उल्लेख किया।
नए टूल्स और सॉफ्टवेयर के अनुभव किए साझा
प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में प्रतिभागियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान उन्हें नई तकनीकों को समझने और इस्तेमाल करने का अवसर मिला।उन्होंने नए उपकरणों, सॉफ्टवेयर, तकनीकी प्रणालियों और काम करने के अलग-अलग तरीकों के बारे में अपने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों ने बताया कि प्रतियोगिता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जाने वाली कार्यप्रणालियों से परिचित कराया।उन्होंने कौशल विकास के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया और बताया कि इन प्रयासों से युवाओं को सहायता मिल रही है।
डिग्री जितना ही महत्वपूर्ण है व्यावहारिक कौशल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत के दौरान व्यावहारिक कौशल के महत्व पर विशेष जोर दिया।उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के लिए अकादमिक डिग्री जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्व उसके व्यावहारिक कौशल का भी है। केवल सैद्धांतिक ज्ञान के बजाय काम करने की वास्तविक क्षमता विकसित करना भी आवश्यक है।प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों को कौशल विकास के एंबेसडर बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त अनुभवों को अन्य युवाओं के साथ साझा करना चाहिए।
बदलती तकनीक के साथ नए कौशल सीखना जरूरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है। ऐसे में युवाओं को लगातार नए कौशल सीखने और अपनी मौजूदा क्षमताओं को बेहतर बनाने की जरूरत है।उन्होंने प्रतिभागियों से अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं के अनुसार अपनी दक्षता विकसित करने का आग्रह किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तकनीकी बदलावों के साथ तालमेल बनाए रखना आवश्यक है।उन्होंने प्रतिभागियों को सुझाव दिया कि वे अपने अनुभवों और विचारों के माध्यम से भारत की कौशल प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान दें।
IIT और IIM से कम महत्वपूर्ण नहीं कौशल प्रशिक्षण संस्थान
प्रधानमंत्री मोदी ने कौशल प्रशिक्षण संस्थानों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इन संस्थानों का महत्व IIT और IIM से कम नहीं है।उन्होंने कौशल विकास के लिए अलग मंत्रालय स्थापित करने के उद्देश्य का भी उल्लेख किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं को व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि वे बदलते रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुसार अपनी क्षमताओं को विकसित कर सकें।उन्होंने प्रतिभागियों को सरकार के साथ अपने अनुभव और सुझाव साझा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
भारत को कुशल मानव संसाधन का वैश्विक केंद्र बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने भारत को कुशल मानव संसाधन का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई।उन्होंने कहा कि इस दिशा में युवाओं, सरकार और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय जरूरी है।उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले युवा अपने अनुभवों से देश की प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान दे सकते हैं।प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि वैश्विक बाजार की बदलती जरूरतों को समझकर कौशल विकास की दिशा तय करना महत्वपूर्ण है
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी भी रहे मौजूदप्रधानमंत्री के साथ हुई इस बातचीत में कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी भी उपस्थित रहे।
इसके अलावा भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।प्रधानमंत्री ने भारतीय प्रतिभागियों की उपलब्धियों की सराहना की और उन्हें भविष्य में भी कौशल विकास के क्षेत्र में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।शंघाई वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में 6 रजत पदक और 20 उत्कृष्टता पदक जीतकर 10वां स्थान हासिल करने वाली भारतीय टीम के प्रतिनिधियों से प्रधानमंत्री की यह मुलाकात कौशल विकास के महत्व पर केंद्रित रही। प्रधानमंत्री ने युवाओं को संदेश दिया कि आधुनिक तकनीक के साथ लगातार सीखना, व्यावहारिक दक्षता बढ़ाना और अपने अनुभवों से दूसरों को प्रेरित करना जरूरी है।
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